जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 12 फरवरी 2021 (रेई,वाटिकन रेडियो): संयुक्त राष्ट्र संघीय बाल निधि यूनीसेफ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस विरोधी टीकों के असमान वितरण की निन्दा करते हुए चेतावनी दी है कि यह एक "आत्म पराजित रणनीति" है।
चेतावनी
यूनीसेफ की कार्यकारी निदेशिका हेनरियेत्ता फोरे तथा डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अधानोम गेब्रेसियुस ने बुधवार को एक संयुक्त वकतव्य प्रकाशित कर कहा, "अब तक दी गई 12 करोड़ अस्सी लाख वैक्सीन की खुराकों में से तीन-चौथाई से अधिक टीकाकरण विश्व के सिर्फ 10 देशों में किया गया है जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 60 प्रतिशत है।"
उन्होंने चेतावनी दी कि "यह आत्म पराजित रणनीति "जीवन और लोगों की आजीविकाओं को नुकसान पहुँचायेगी, वायरस को परिवर्तित होने का अवसर देगी तथा वैश्विक आर्थिक सुधार को कमज़ोर करेगी।"
कोवैक्स पहल
संयुक्त राष्ट्र की उक्त एजेन्सियों अर्थात् यूनीसेफ तथा डब्ल्यूएचओ ने विश्व के नेताओं का आह्वान किया कि वे अपने-अपने देशों की सीमा के परे देखें तथा एक ऐसी वैक्सीन रणनीति को अपनायें जो वास्तव में कोविद-महामारी को समाप्त करने तथा इसके वैरियन्ट्स यानि इसके प्रकारों को सीमित करने में सक्षम हो।
संयुक्त राष्ट्र संघ ने वैक्सीन निर्माताओं से आग्रह किया है कि वे सीमित वैक्सीन आपूर्ति को समान रूप से आवंटित करें, विनियामक और नीति समीक्षा के लिए, प्राथमिक रूप से, विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सुरक्षा, प्रभावकारिता और विनिर्माण डेटा साझा को करें; अधिकतम उत्पादन के लिये उपयुक्त कदम उठायें तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण विश्व के उन निर्माताओं को करें जो वैश्विक आपूर्ति को मापने में मदद कर सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र की उक्त एजेन्सियों ने कहा, "वैक्सीन उत्पादन को बढ़ाने और वैक्सीन इक्विटी प्राप्त करने के लिए हमें वैश्विक नेतृत्व की आवश्यकता है।"