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रूसी समर्थक प्रदर्शन करते हुए। रूसी समर्थक प्रदर्शन करते हुए।  (ANSA)

भ्रष्टाचार, शांति और सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा, परमधर्मपीठ

"भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई" 10-11 सितंबर को चेक गणराज्य में 28वीं ओएससीई आर्थिक और पर्यावरण फोरम की अंतिम बैठक में परमधर्मपीठ के हस्तक्षेप का प्रमुख विषय है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 11 सितम्बर 2020 (वीएन)- यूरोप के आर्थिक और पर्यावरण मंच में सुरक्षा और सहयोग के लिए 28वेँ संगठन की अंतिम सभा को सम्बोधित करते हुए चेक रिपब्लिक के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष चार्ल्स बाल्भो ने इस बात को रेखांकित किया कि "भ्रष्टाचार, ओएससीई क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है।"

भ्रष्टाचार एवं महामारी

महाधर्माध्यक्ष ने कहा, "इस बात से चिंतित होने का कारण है कि कोविद -19 महामारी से निपटने के लिए जारी धनराशि की विशाल मात्रा ने पहले ही आपराधिक गतिविधियों को आकर्षित किया है, जिसमें यह जोखिम भी शामिल है कि वित्तीय सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता, तत्काल आवश्यक मदद के बिना रहेगी।"

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि यह स्वीकार करना महत्वपूर्ण है कि "ओएससीई में भाग लेनेवाले प्रत्येक राज्य में भ्रष्टाचार अलग-अलग डिग्री में होता है।" उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के अस्तित्व को स्वीकार करने के द्वारा ही हम इसके खिलाफ संघर्ष कर सकते हैं।

वर्तमान महामारी जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक "जबरदस्त परीक्षा" है, महाधर्माध्यक्ष ने इस बात की ओर भी संकेत दिया कि यह नया एवं परिवर्तनात्‍मक उपाय, एक सच्चा अवसर प्रदान कर रहा है जहा हम समझ सकें कि हम विभाजनकारी, राजनीतिक अथवा आंशिक नहीं हैं बल्कि सच्चे आमहित एवं सभी के लिए समग्र मानव विकास की खोज कर रहे हैं।

परमधर्मपीठ एवं पारदर्शिता

महाधर्माध्यक्ष ने गौर किया कि संत पापा ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए 1 जून 2020 को "परमधर्मपीठ और वाटिकन सिटी राज्य के सार्वजनिक अनुबंधों को प्रदान करने की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, नियंत्रण और प्रतिस्पर्धा के लिए नई प्रक्रिया और न्यायिक नियंत्रण" प्रकाशित किया था।

प्रक्रिया का उद्देश्य था परमधर्मपीठ एवं वाटिकन राज्य की निकायों का संचालन और प्रबंधन के लिए बुलाये गये लोगों पर भ्रष्टचार का खतरा कम करना।

उन्होंने कहा, "पोप का नया नियंत्रण लागू करने का निर्णय हमें भ्रष्टाचार के संकट के मूल में लाता है, कि जब नागरिक अधिकारी जनता के फंड से चोरी या गबन करते हैं यह पूरे समुदाय को प्रभावित करता है जिसकी सेवा के लिए वे नियुक्त हैं।

कार्रवाई का साहस

प्रेरितिक राजदूत ने जोर देकर कहा कि यदि जनता अच्छी है और यदि अच्छे सार्वजनिक और कॉर्पोरेट प्रशासन में "पारदर्शिता और जवाबदेही" का अभाव है, तो इसे पूरी तरह से विफल नहीं किया जा सकता किन्तु "ठोस और स्थायी आर्थिक प्रगति एवं सुरक्षा को कम आंका जाता है।"

महाधर्माध्यक्ष ने अंत में कहा कि संस्कृति, शिक्षा, प्रशिक्षण, भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए नागरिकों की सहभागिता की आवश्यकता है जबकि गौर किया कि नियम आवश्यक है पर पर्याप्त नहीं। उन्होंने कहा, "हमें अंतःकरण को झकझोरने के लिए साहस के साथ काम करने की आवश्यकता है। इन घटनाओं की गंभीरता की धारणा के प्रति व्यापक उदासीनता से हटकर, उनसे लड़ने की जरूरत है।"

11 September 2020, 15:51