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माल्टा सैन्य द्वारा लम्बे प्रयास के बाद 95 प्रवासियों का बचाव माल्टा सैन्य द्वारा लम्बे प्रयास के बाद 95 प्रवासियों का बचाव 

माल्टा सैन्य द्वारा लम्बे प्रयास के बाद 95 प्रवासियों का बचाव

माल्टा की सेना ने लीबिया से निकले एक विक्षिप्त पोत में पाए गए 95 प्रवासियों को बचाया है और उन्हें वालेंटा के तट पर रखा गया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मालटा, बुधवार 29 जुलाई 2020 (वाटिकन न्यूज) : संकट के अलार्म फोन जारी होने के 33 घंटे बाद आखिरकार वालेंटा तट पर उन लोगों के जीवन को खोने के भयानक भय का अंत हो गया।

रविवार को, एनजीओ अलार्म फोन ने एक चेतावनी चेतावनी पोस्ट की थी कि लोग माल्टा समूद्र में डूबने के गंभीर खतरे में थे, कुछ यात्री कथित तौर पर समुद्र में कूद गए थे क्योंकि रबर पोत में पानी भर गया था।

अलार्म फोन में कहा गया था कि पोत पर सवार लोग इनफ्लाटेबल (हवा भरने के यंत्र) को बाहर नहीं निकाल सकते थे क्योंकि यह लोगों से खचाखच भरा था।

उल्लेखनीय रूप से लीबिया के तट की ओर बहते हुए पोत को माल्टा की सेना द्वारा सोमवार दोपहर सभी को बचाया जा सका। पोत पर ज्यादातर यात्री इरिट्रिया से थे। उन्हें माल्टा की राजधानी वालेटा के पास एक सेना के हिफाजत में ले जाया गया।

यद्यपि माल्टा ने अप्रैल में कोरोनोवायरस महामारी के कारण शरण चाहने वालों के लिए अपने बंदरगाहों को बंद कर दिया था, हाल के हफ्तों में गर्म मौसम और शांत समुद्र के कारण भूमध्यसागर में नावों की आवा-जाही देखा गया है।

 कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय भूमध्य सागर में स्वतंत्र बचाव जहाजों की कमी के बारे में शिकायत की है, जो दुनिया के सबसे खतरनाक मार्गों में से एक है।

29 July 2020, 14:37