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बांगलादेश में मौसम की ख़राबी और बाढ़ का दृश्य, तस्वीरः21 जुलाई 2020 बांगलादेश में मौसम की ख़राबी और बाढ़ का दृश्य, तस्वीरः21 जुलाई 2020   (AFP)

बाढ़ और कोविद-19 से 40 लाख बच्चे ख़तरे में, यूनीसेफ एशिया

संयुक्त राष्ट्र संघीय बाल निधि यूनीसेफ एशिया ने चेतावनी दी है कि हाल की घनघोर वर्षा एवं बाढ़ से लगभग 40 लाख बच्चों का जीवन ख़तरे में पड़ा है जबकि कई अन्य बच्चों पर कोविद-19 महामारी का ख़तरा मंडरा रहा है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

एशिया, शुक्रवार, 24 जुलाई 2020 (रेई,वाटिकन रेडियो): संयुक्त राष्ट्र संघीय बाल निधि यूनीसेफ एशिया ने चेतावनी दी है कि हाल की घनघोर वर्षा एवं बाढ़ से लगभग 40 लाख बच्चों का जीवन ख़तरे में पड़ा है जबकि कई अन्य बच्चों पर कोविद-19 महामारी का ख़तरा मंडरा रहा है।

जनजीवन प्रभावित

यूनिसेफ के अनुसार, बांग्लादेश, भारत, भूटान और नेपाल में कई हफ्तों की मूसलाधार बारिश, व्यापक बाढ़ और जानलेवा भूस्खलन ने लाखों बच्चों और परिवारों के जनजीवन को प्रभावित किया है। यह अनुमान लगाया गया है कि 700 से अधिक लोग मारे गये हैं। बांगलादेश में 24 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें लगभग 13 लाख बच्चे शामिल हैं। साथ ही, 548,816 से अधिक परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं। भारत में, लगभग 24 लाख बच्चों सहित 60 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

नेपाल में, 9 जुलाई से, मानसून की भारी बारिश देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन का कारण बनी है, जिसने 20 से अधिक ज़िलों को प्रभावित किया है। 100 से अधिक लोग मारे गए हैं, 48 लापता हो गए हैं जबकि 87 घायल हैं। 10,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए है, जिनमें से आधे बच्चे हैं, लगभग 7,500 लोग विस्थापित हो गये हैं। भूटान में परिवहन एवं संचार माध्यम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं।

कोविद से स्थिति अति गम्भीर

दक्षिण एशिया के लिए यूनिसेफ के क्षेत्रीय निदेशक गॉफ, "भारी मानसून की बारिश, बढ़ती बाढ़ और लगातार भूस्खलन बच्चों और परिवारों को विपरीत रूप से प्रभावित कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "कोविद-19 महामारी के मामले कुछेक क्षेत्रों में तेज़ हो रहे हैं जिसके चलते स्थिति अति गम्भीर हो उठी है।"  

24 July 2020, 11:12