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यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला, वॉन देर लेयोन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला, वॉन देर लेयोन  

मजबूत यूरोप बनाने के लिए एकता एवं एकात्मता की आवश्यकता

9 मई को यूरोप दिवस पर, यूरोपीय आयोग की अध्यक्षा उर्सुला वॉन देर लियेन ने "संस्थापक पिताओं" के मनोभाव के महत्व पर वाटिकन मीडिया से बातें कीं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, के सबसे कठिन समय में, उर्सुला ने एकात्मता एवं बहुपक्षीय यूरोपीय मूल्यों को पुनः जारी करने का बढावा दिया। रॉबर्ट शुमन के सपने के साथ ही साथ, यूरोपीय संघ के संस्थापक पिताओं की एकजुटता पर बनाए गए यूरोप की नींव को मजबूत करके यूरोपीय लोगों को महामारी से उत्पन्न संकट को दूर करने में मदद दिया जा सकता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

यूरोप, शनिवार, 9 मई 2020 (रेई)- यूरोपीय दिवस की पूर्व संध्या, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन देर लेयेन ने वाटिकन समाचार पत्र लोस्सलवातोरे रोमानो और वाटिकन न्यूज से, इस समय के बड़े मुद्दों, कोविड-19 के लिए वैक्सिन को खोज हेतु प्रतिबद्धता एवं महादेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने यूरोपीय लोगों की एकता हेतु संत पापा की अपील की याद की एवं महामारी के बाद महाद्वीप की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन, आप यूरोपीय आयोग के प्रमुख के चुनाव के कुछ ही महीनों बाद, खुद को यूरोप के लिए एक बड़े संकट का सामना करते हुए पा रही हैं। इस कठिन समय का आप व्यक्तिगत रूप से कैसे मुकाबला कर रही हैं?

यह संकट दो महीनों से हमारी सीमाओं की परख कर रही है। दो माह के इस समय को मैंने संक्रमण के खतरे के कारण ब्रसेल्स स्थित बर्लेमोंट के आयोग की इमारत में बिताया है। इस समय यहाँ करीब एक दर्जन स्टाफ काम कर रहे हैं। मैं कमीशन के सदस्यों से हर दिन वीडियो के माध्यम से सम्पर्क करती हूँ चाहे वे इसी इमारत में क्यों न हों। दिन में कम से कम एक बार मैं ताजी हवा लेने एवं सूर्य के दर्शन की कोशिश करती हूँ। मैं उन परिवारों को भी सोचती हूँ जो अधिक भाग्यशाली नहीं हैं और जिनको अपने प्रियजनों के लिए बहुत सारी चिंताएँ करनी पड़ती हैं। इसी से मैंने कमीशन के अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रों एवं विश्व के लोगों को इस संकट काल में हर संभव मदद करने की प्रेरणा पायी। कई लोगों को अब भी घर में रहना है जबकि मेरे लिए बहुत कुछ कर पाने का अवसर है।

9 मई को यूरोप दिवस है। इस संकट काल में यूरोप के नागरिकों के लिए इसका क्या महत्व है?

यूरोपीय संघ ने हमारे महाद्वीप के भाग्य को बेहतर किया है। इसका जन्म संकट की राख से हुई है जिसने महादेश को तबाह कर दिया था। जब हम इस संकट काल से गुजर रहे हैं हम इसके सच्चे मूल्यों की सराहना करते हैं। हमारे माता-पिता के लिए यूरोप शांति थी, हमारी पीढ़ी के लिए यह स्वतंत्रता एवं कानून का शासन है और हमारे बच्चों के लिए यह भविष्य है और दुनिया की ओर खुलापन है। कई बार हम यूरोप को हल्के में लेते हैं। हम भूल जाते हैं कि आर्थिक समृद्धि, सामाजिक एकजुटता एवं मानव अधिकार का सम्मान करते हुए जीना कितना कीमती है। आजादी और अच्छे स्वास्थ्य के सच्चे मूल्यों की सराहना हम तभी करते हैं जब हम उसको खोने का खतरा महसूस करते हैं। इस समय का संकट इसे दर्दनाक तरीके से याद दिला रहा है। हमें अधिक एकजुट यूरोप के लिए कार्य करना है। इस साल का यूरोपीय दिवस कुछ अलग है किन्तु उम्मीद है कि यह समारोह राष्ट्रों एवं लोगों के बीच एकता, मित्रता एवं एकात्मता लायेगा।

संकट के इस समय में संत पापा फ्राँसिस ने यूरोप से कई बार अपील की है कि वह अपने संस्थापक पिताओं के स्वप्न, एकात्मता एवं शांति की ओर लौटें। क्या इन सपनों को साकार किया जा सकता है? इसे किस तरह ठोस रूप दिया जा सकता है?

9 मई को रोबर्ट शुमन की घोषणा का 70वां वर्षगाँठ मनाया जा रहा है जो यूरोपीय संघ की ओर बढ़ने की शुरूआती बिन्दु बन गयी। रोबर्ट शुमन की घोषणा ने हमारे महादेश के भाग्य को बदल दिया। यूरोप में एकता एवं एकात्मता के लिए उनका आह्वान हमेशा मूल्यवान है। आज यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच एकात्मता से बढ़कर कोई दूसरी श्रद्धांजलि नहीं हो  सकती। रोमानिया एवं नार्वे के डॉक्टर एवं नर्स, रोगियों की सेवा करने के लिए बेरगमो जा रहे हैं, इटली के मरीजों को जर्मनी अपनी गहन देखभाल की सुविधा प्रदान कर रही है। फ्राँस, नीदरलैंड और चेक स्पेन को मास्क प्रदान कर रहे हैं। जो लोग अपने आप तक सीमित होते हैं वे वृहद स्तर पर नजर नहीं डाल सकते और हम केवल बड़े संकटों, संघर्षों एवं सुधारों को निपटाने की कोशिश करते हैं। मैं एकात्मता पर आधारित यूरोप के लिए संघर्ष कर रही हूँ जो हरी और डिजिटल अवसरों को प्रोत्साहन देती है और हमें भावी संकट का सामना करने के लिए तैयार करती है।  

09 May 2020, 14:34