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जोवान्नी द्वारा अपने पिता मास्सिमो को लिखा पत्र जोवान्नी द्वारा अपने पिता मास्सिमो को लिखा पत्र  कहानी

“फादर्स डे” पर एक पत्र स्वर्ग से

"एक बच्चे को खोना एक ऐसी गहरी खाई है जिसमें पूरा परिवार गिर जाता है।" संत पापा फ्राँसिस के ये शब्द एक ऐसी पीड़ा को व्यक्त करते हैं जो कभी दूर नहीं होती। जोवान्नी को गुजरे लगभग 8 साल हो गए थे जब उनके पिता को एक पत्र मिला था जिसे उनके बेटे ने मरने से पहले उन्हें लिखा था। यह स्वर्ग से भेजा गया पत्र जैसा लगा।

माग्रेट सुनीता मिंज- वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी,शुक्रवार 22 मई 2020 (वाटिकन न्यूज) : "कल फादर्स डे था। मेरी दोनों बेटियों ने सुबह 'सबसे पहले'  ‘फादर्स डे’ की कामनाएँ दी,लेकिन दिन भर मुझे अपने बेटे जोवान्नी की याद रह-रह कर आती रही। जब मैं घर पहुंचा तो मैं उसकी चीजों को देखना और सजाना शुरु किया जो मैंने उनके मरने के बाद कभी नहीं किया था। मुझे उसके दोस्तों के ग्रीटिंग कार्ड मिले, उनकी फुटबॉल टीम के स्टिकर, तस्वीरें ... और जोवान्नी द्वारा लिखा में एक कागज का टुकड़ा मिला जिसकी शुरूआत इस तरह थी 'प्यारे पापा.. ”

उसने अपने बेटे के पत्र को पाने की घटना बड़े प्यार से धीमी आवाज में वाटिकन न्यूज की संवाददाता सिस्टर बेर्नादेत को बताया। जोवान्नी ने यह पत्र अपने पापा मास्सिमो रायमोन्दी के लिए लिखा था। वे बड़े ही दयालु और मददगार व्यक्ति हैं। वे रोम के ‘चितादेल कारितास सेन्टर’ में जरुरतमंद लोगों की मदद करते हैं। गत वर्ष दिसम्बर में संत पापा फ्राँसिस ने इस सेंटर का दौरा किया था। 

जोवान्नी रायमोन्दी
जोवान्नी रायमोन्दी

पत्र

जोवान्नी की मृत्यु आठ साल पहले हुई। तभी से वे और पत्नी अन्ना दोनों मिलकर अपने जीवन को जितना अच्छा जी सकते हैं जीने की पूरा कोशिष करते है। वे अपनी दो बेटियों अन्तोनेल्ला और अलेसान्द्रा के साथ रोज ही पवित्र मिस्सा में भाग लेते हैं। जोवान्नी तो हमेशा उपस्थित रहता ही है। हर साल संत योहन बप्तिस्ता के पर्व दिवस 23 जून को उनके दोस्त जोवान्नी के सम्मान में पिज्जा पार्टी रखते हैं। 20 मार्च 2019 को मास्सिमो ने अपने बेटे का खत पाया।

"प्यारे पापा, मुझे पता है कि यह आपको अजीब लग सकता है, लेकिन पत्र लिखने वाला मैं आपका जोवान्नी हूँ। हर बार जब हमारा परिवार किसी तरह की परेशानी में था, तो आपने हमेशा खुद को दोषी ठहराया। लेकिन शायद आपने कभी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि आपने परिवार के लिए कितने अच्छे काम भी किये हैं। अगर मैं इन सभी की एक सूची बनाऊंगा तो पूरी डायरी भर जाएगी ...।”

आदर्शों में विश्वास

मास्सिमो अपने प्यारे बेटे के पत्र को पढ़ता हुआ भावनाओं में बह गया। उसे एक बार फिर से उसके चले जाने की कमी खलने लगी। वे कहते हैं कि पत्र में जोवान्नी ने कई चुनौतियों का जिक्र किया, जिनका सामना परिवार को  करना पड़ा था। जोवान्नी ने अपने पिता के काम करने की क्षमता और घर के सभी सदस्यों की देख-भाल एवं सुरक्षा प्रदान करने हेतु प्रशंसा की।

जोवान्नी लिखते हैं, "क्या आपने कभी सोचना बंद कर दिया, जिसका निर्माण करने में सक्षम थे? कठिनाइयों के बावजूद, आप अपने आदर्शों पर विश्वास करना जारी रखते हैं। ईश्वर के प्रेम और विश्वास पर भरोसा करना, दूसरों का सम्मान करना, भले ही वे आपका सम्मान करने में विफल हों। आप बेघर लोगों को अपने घर में इस तरह स्वागत करते हैं मानो यह उसका अपना ही घर है और अपने ही लोग हैं।"

दूसरों का स्वागत करना

जोवान्नी दानियल की बात कर रहे थे, जिसकी माँ जेल में थी। दानिएल अपने परिवार का एक सदस्य बन गया था। यह सब तब शुरू हुआ जब रोम के रेबिब्या जेल के चैपलीन फादर ने मास्सिमो को एक युवा लड़के के साथ उसकी मां से मिलने के लिए ले जाने को कहा, जो वहां जेल की सजा काट रही थी। मास्सिमो उस समय जेल में स्वयंसेवी के रुप में अपना योगदान दे रहा था। "हर शनिवार को वह एक धर्मसंघ समुदाय से दानियल को जेल ले जाता, अपनी माँ से मिलाता और वापस समुदाय लाता था। परंतु उसे एहसास हुआ कि बच्चे को कुछ और चाहिए था। उसने बच्चे को अपने घर ले आया और दानिएल अपने बच्चों के खेलने लगा। वह खुश था। इस तरह रायमोंदी परिवार ने उसे अपना लिया।"

विश्वास की परीक्षा?

जोवान्नी की बीमारी पूरी तरह से अप्रत्याशित थी। एक सुबह वह उठा और उसने पाया कि वह नहीं चल सकता है। अस्पतालों और अनुत्तरित प्रश्नों का लंबा परीक्षण शुरू हुआ। उनकी बहनों और माता-पिता ने कभी उसका साथ नहीं छोड़ा। जब उसकी मृत्यु हुई, तो परिवार पहले से कहीं ज्यादा एकजुट था। मास्सिमो कहते हैं, "जोवान्नी की मृत्यु ने हमें एक साथ लाया, हमारे विश्वास के लिए धन्यवाद।"।

अंतिम संस्कार के दिन, किसी ने कहा कि प्रभु उनके विश्वास की परीक्षा ले रहा है। “असंभव, मैंने कहा, जिस प्रभु को मैं बहुत प्यार करता हूँ, वह पिता जिसने मुझे कई बार उठाया, वह मेरे बेटे को मुझसे दूर नहीं कर सकता था।

मास्सिमो और अन्ना
मास्सिमो और अन्ना

वह हमारे साथ है

मास्सिमो कहते हैं, "मुझे विश्वास है कि वह स्वर्ग में है और हमारा इंतजार कर रहा है। ऐसा लगता है जैसे वह अभी भी हमारे साथ है। मैं उसे रसोई में देखता हूँ, बालकनी पर जब मैं फूलों को पानी दे रहा होता हूँ"। जोवान्नी उन लोगों की यादों में रहता है जिन्हें वह प्यार करता था और जो उससे प्यार करते हैं।

वे उसकी उपस्थिति को महसूस करते हैं और कल्पना करते हैं कि उसे यह जानकर कितनी खुशी हुई होगी कि वह जल्द ही मामा बनने वाले हैं, अपनी बड़ी दीदी अन्तोनेल्ला का पहला बच्चा। मास्सिमो और अन्ना को अपने पहले पोते का इन्तजार है।

"प्यारे पापा, मैं आपको अपने पूरे दिल से बताना चाहता हूँ, आप विजेता हैं!"

मास्सिमो कहते हैं, “फादर्स डे पर अपने बेटे की उन पंक्तियों को पढ़ना, कुछ ऐसा पढ़ने जैसा था जो सीधे स्वर्ग से आया था।”

22 May 2020, 11:17