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अखुवात का लाभार्थी अखुवात का लाभार्थी  कहानी

अखुवात - दुनिया का सबसे बड़ा ब्याज मुक्त सूक्ष्म-वित्त संगठन

डॉ. मुहम्मद अमजद साकिब द्वारा 2001 में पाकिस्तान में स्थापित अखुवात का जादू ब्याज दरों में नहीं बल्कि करुणा, एकजुटता और समानता में निहित है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

पाकिस्तान, शुक्रवार 29 मई 2020 (वाटिकन न्यूज) : वित्त ऋण देने, उधार लेने, ब्याज, ऋण, निवेश की एक गर्दन तोड़ने वाली दुनिया है। मांग और आपूर्ति, लाभ और हानि के वर्चस्व वाले नियम या तो आपको बना सकते हैं या आपको तोड़ सकते हैं। इस खेल में लाभ और हानि दोनों हैं; शायद लाभ की तुलना में अधिक हानि।

एक संस्था जो ब्याज मुक्त ऋण देती हुई बहुत जल्द विकसित होती जा रही है, निश्चित रूप से निवेश की तस्वीर में फिट नहीं होता है। जी हां, ठीक यही हाल अखुवात की कहानी का है।

पाकिस्तान में अखुवात उधार के इस्लामी सिद्धांत के आधार पर दुनिया में सबसे बड़ा ब्याज मुक्त सूक्ष्म-वित्त संगठन है। अखुवात का अर्थ अरबी में बिरादरी है और इसका उद्देश्य करुणा और औचित्य के सिद्धांतों के आधार पर गरीब-मुक्त समाज का निर्माण है।

इसका मिशन ब्याज मुक्त सूक्ष्म-वित्त और शिक्षा के माध्यम से समाज के आर्थिक रूप से हाशिए वाले क्षेत्रों को सशक्त बनाकर गरीबी को कम करना है। अखुवत के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक डॉ. मुहम्मद अमजद साकिब है। उन्होंने19 वर्ष पहले इस संस्था को शुरु किया। आज यह देश के विभिन्न भागों में विकसित हो गया है और लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

इसकी शुरुआत लगभग 100 अमरीकी डॉलर के छोटे ऋण से हुई। अखुवात ने अब तक पाकिस्तान में लगभग 700 मिलियन डॉलर से 3 मिलियन परिवारों को संवारा है। देश के लगभग 400 शहरों में इसकी 850 शाखाओं का नेटवर्क है। वर्तमान में, इसमें 1 मिलियन सक्रिय उधारकर्ता हैं।

अखुवात की लाभार्थी महिला
अखुवात की लाभार्थी महिला

एक छोटी शुरुआत से बना विशाल

डॉ. साकिब ने वाटिकन न्यूज़ के संवाददाता रोबिन गोमेस के साथ साक्षात्कार में अखुवात की कहानी बताई। पाकिस्तान में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम में काम करने के दौरान, उन्होंने सूक्ष्म-वित्त के बारे में बहुत कुछ जाना। यह 2001 की बात है, एक गरीब विधवा को मदद की सख्त जरूरत थी ताकि वह अपने परिवार को जीवित रखने के लिए एक छोटा-मोटा कारोबार शुरू कर सके। डॉ. साकिब ने उनके लिए  100 डॉलर की व्यवस्था की, उन रुपयों से उन्होंने दो सिलाई मशीनें खरीदीं। ठीक छह महीने बाद, उसने पूरी राशि लौटा दी और गर्व से कहा कि अब वह और उसका परिवार जी सकता है।

तब से, अखुवात ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे  200 से  500 डॉलर  के बीच छोटे ऋण दे रहे हैं।

अखुवात की लाभार्थी महिला
अखुवात की लाभार्थी महिला

हर मिनट एक ऋण

डॉ. साकिब ने गर्व से कहा, "हर मिनट हम एक गरीब परिवार को गरीबी से लड़ने और उससे बाहर आने के लिए कर्ज देते हैं।" संस्था लगभग 6000 लोगों का समर्पित कार्यबल है और एक बहुत ही कुशल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआइएस) और उच्च-स्तरीय तकनीक द्वारा समर्थित है।

वास्तव में अखुवात को चलाने वाला वह अकेला नहीं है उनके कर्मचारियों की कड़ी मेहनत है, जो "गरीबी के खिलाफ लड़ाई" और गरीबों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए "जुनून और उत्साह" के साथ काम करते हैं।

ऋण नीतियों में व्यापक भेदभाव

अखुवात के कार्यकारी निदेशक के अनुसार, ब्याज मुक्त सूक्ष्म-वित्त (माइक्रो-फाइनेंस) संगठन गरीबी उन्मूलन की सर्वोत्तम रणनीतियों में से एक है। हालांकि, "ब्याज की उच्च दर हानिकारक है क्योंकि धर्म और विश्वास ब्याज लेने की अनुमति नहीं देते हैं।"

इसके अलावा, वे ऋण नीतियों में बहुत भेदभाव और असमानता पाते है। यह अस्वीकार्य है कि एक अमीर आदमी 10% ब्याज पर एक मर्सिडीज कार प्राप्त कर सकता है, जबकि एक गरीब आदमी से आजीविका के लिए 50% तक का शुल्क लिया जाता है। यह डॉ. साकिब के अनुसार, ब्याज-मुक्त ऋण कार्यक्रम को आरंभ करने का "सबसे बड़ा तर्क" था।

अखुवात का लाभार्थी
अखुवात का लाभार्थी

'भले लोगों का दायरा

अखुवात के संस्थापक का कहना है कि अखुवात ने जो फंड बनाना शुरू किया, वह "कई लोगों द्वारा दान किया गया" था। उन्होंने "उद्यमी कौशल अच्छे लोगों की पहचान करना शुरू किया और उन्हें ब्याज मुक्त ऋण देना शुरू किया।" इन गरीब लोगों के पास "व्यापार करने की क्षमता और कौशल था लेकिन उनके पास मूल पूंजी कमी थी।"

एक बार जब लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी प्रदान की जाती है, तो वे धीरे-धीरे मूलधन वापस कर देते हैं। अखुवात उन्हें और बेहतर बनाने में मदद करने के लिए अपनी राशि को बढ़ाता है।

डॉ. साकिब बताते हैं, "इस पूरे चक्र की शुरुआत कैसे हुई। इसे 'दुष्चक्र' कहने के बजाय हम इसे 'पुण्य चक्र' कहते हैं।" "आप किसी का समर्थन कर रहे हैं और वह भी किसी और का समर्थन कर रहा है।"

जैसे-जैसे अखुवात का कोष बढ़ता गया, कार्यक्रम का विस्तार अन्य पाकिस्तानी शहरों में होने लगा।

एक "संघटनात्मक संगठन(ओर्गनिक ऑर्गेनाइजेशन)" के रूप में, डॉ. साकिब मानते हैं कि उन्हें झटका लगा था लेकिन उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और एक्शन रिसर्च किया। यही कारण है कि अखुवात आज "लगभग 1 मिलियन सक्रिय उधारकर्ताओं के पैमाने" पर पहुंच गया है।

अखुवात का लाभार्थी एक युवक
अखुवात का लाभार्थी एक युवक

एकजुटता, एक बुनियादी मानव वृत्ति

माइक्रो-फाइनेंस संगठन विदेशों में विस्तार करने की योजना बना रहा है, जैसे कि अफ्रीकी महाद्वीप में। "यह इसलिए है क्योंकि गरीबों के साथ एकजुटता की भावना सार्वभौमिक है।" एकजुटता "किसी एक विश्वास तक ही सीमित नहीं है।" डॉ. साकिब कहते हैं, "एक-दूसरे की मदद करने की इच्छा सबसे बुनियादी मानव प्रवृत्ति है।"

उन्होंने कहा कि दान या खैरात में देने के बजाय, लोगों को कुछ ऋण के साथ मदद की जानी चाहिए ताकि "वे अपनी क्षमता का एहसास कर सकें।" अखुवात परिवारों में आशा लाने का प्रयत्न करता है।

अखुवातः भ्रातृत्व

डॉ. साकिब बताते हैं, "अखुवात का शाब्दिक अर्थ है," बिरादरी - गरीब के साथ एकजुटता, भाईचारा"। "यह इस शब्द का सार और अर्थ है।"

“चूंकि हम गरीबों के साथ एकजुटता का एक बंधन विकसित कर रहे हैं, यह हमारा नाम है, यह हमारा मिशन है, यह हमारी विशन भी है। यह हमारे काम का मूर्त रुप और सार है।”

गरीब भरोसेमंद हैं - धोखा नहीं देते

उधार देने और उधार लेने की दुनिया जोखिम और खतरों से भरी है, लेकिन एक अलग सिद्धांत पर आधारित अखुवात पूरी तरह से एक अलग कहानी है।

संस्थापक डॉ. साकिब ने दावा किया, "हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि हमें लोन में दिया गया रुपया 99 प्रतिशत वापस मिलता है, जो आश्चर्यजनक है।"

“यह हमारी बुनियादी धारणा को साबित करता है कि गरीब धोखा नहीं देते हैं। वे ईमानदार हैं, वे विश्वास-योग्य, बैंक-योग्य और भरोसेमंद हैं। उन्हें बस एक सहारा देने वाले हाथ, हमारी करुणा, प्यार और देखभाल की जरूरत है।”

डॉ. साकिब ने कहा जब भी गरीबों को ऋण दिया जाता है तो उन्हें स्पष्ट रूप से यह बताया और समझाया जाता है कि उन्हें जो मदद मिल रही है वह किसी के द्वारा दी गई है और जब वे इसे चुकाते हैं, तो "किसी और को पैसा मिलेगा। आप मानवता और एकजुटता की इस श्रृंखला को जारी रखने के लिए यहां हैं, इसलिए इस श्रृंखला को तोड़ें नहीं।"

अखुवात के संस्थापक का कहना है कि वे "संदेश को शानदार ढंग से लेते हैं, और वे संगठन का हिस्सा बन जाते हैं।" वे यह सुनिश्चित करते हैं कि उच्च ब्याज दरों से उनका शोषण न हो। साथ ही, उन्हें "इस यात्रा को जारी रखने की जिम्मेदारी भी है।" "यह, जिसे हमने शुरू किया था वह पुण्य चक्र है और इसे बंद नहीं होना चाहिए।"

अखुवात का लाभार्थी महिलाएँ
अखुवात का लाभार्थी महिलाएँ

वंचित महिलाएँ और अल्पसंख्यक

पाकिस्तान की ब्याज मुक्त सूक्ष्म-वित्त संस्था की एक और पहचान यह है कि ऋण देने में "जाति, रंग, पंथ, धर्म, राजनीतिक संबद्धता या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है।"

अखुवात स्वीकार करता है कि वंचित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि "अगर हम ऐसी कई महिलाओं की मदद कर सकते हैं, तो हम परिवारों की मदद कर सकते हैं।"

"वंचित महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों" को "अधिक करुणा" की आवश्यकता है।

डॉ. साकिब बताते हैं कि "अगर दो आवेदक हैं, पुरुष और महिला और एक के लिए ही ऋण के पैसे हैं तो हम महिला को ऋण देना पसंद करते हैं।" "हमारा मानना हैं कि महिला का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मतलब पूरे परिवार का आर्थिक सशक्तीकरण है।"

अंतर-धार्मिक सहयोग

अखुवात का एक और सकारात्मक पहलू यह है कि वे "मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों और गुरुद्वारों के माध्यम से काम करते हैं, इसलिए कोई भेदभाव नहीं है।"

"हम मानते हैं कि हर कोई अपने स्वयं के सत्य, अपने विश्वास और धर्म का हकदार है। हम इस प्रेरणा को इस्लामी भावना से प्राप्त करते हैं लेकिन संदेश पूरी मानवता के लिए है। हम धर्म या आस्था पर भेदभाव नहीं करते हैं।

अखुवात महिलाओं को ऋण देने के साथ-साथ, धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता देता है, जिनका आमतौर पर समाज में भेदभाव किया जाता है। ब्याज मुक्त सूक्ष्म-वित्त संस्था आश्वस्त है कि "यदि हम एक समावेशी समाज के लिए सक्षम नहीं हैं, तो गरीबी को समाप्त नहीं किया जा सकता है"।

अखुवात का लाभार्थी एक युवक
अखुवात का लाभार्थी एक युवक

अखुवात ने इस युवक को दुकान शुरु करने में मदद की है।

समावेशी समाज

डॉ. साकिब कहते हैं, अखुवात की एकजुटता और करुणा के मिशन के दौरान उनकी जान पहचान बहुत से ऐसे लोगों से हुई जो उनकी "आत्मा और दिल" को छूते हैं। [बीआर6] "ये लोग हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं।"

उन्होंने एक पूर्व ड्रग एडिक्ट के बारे में बात की, जिन्होंने लोन लिया और "अब एक बहुत अच्छी रकम कमा रहे हैं और एक बहुत ही शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं"। डॉ. साकिब ने कहा, "बहुत से अपराधी जो पहले छोटे अपराधों में शामिल थे, हमारे पास आए, जिन्हें हमने प्रशिक्षित किया और बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित किया।"

उनके अनुसार, "यह सूक्ष्म वित्त एक लक्ष्य को प्राप्त करने का एक साधन है," और वह है "न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण पर आधारित समाज।"

डॉ. साकिब कहते हैं, "3 मिलियन लोगों या परिवारों ने हमसे ऋण लिया है," उनमें से हरएक की एक अनूठी कहानी है। "हर दिन, हम किसी ऐसे व्यक्ति से मिलते हैं जो वास्तव में हमें प्रेरित करता है।" हमें आश्चर्य होता है कि "कैसे एक छोटी सी राशि एक बड़ा बदलाव ला सकती है।"

अखुवात के संभलता परिवार
अखुवात के संभलता परिवार
29 May 2020, 11:17