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विकलांग लोगों के आवास में भीषण आग बुझाने में प्रयासरत  विकलांग लोगों के आवास में भीषण आग बुझाने में प्रयासरत   (ANSA)

चेक के विकलांग होम में लगे आग से आठ लोगों की मौत

चेक गणराज्य के अधिकारियों का कहना है कि जर्मन सीमा के पास मानसिक रूप से विकलांग लोगों के घर में लगे सबसे घातक आग में कम से कम आठ लोग मारे गए और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वेजप्रिटी, (चेक गणराज्य), सोमवार,20 जनवरी 2020 (वाटिकन न्यूज) : 19 जनवरी, रविवार भर को चेक गणराज्य के पश्चिमी सीमावर्ती शहर वेजप्रिटी में मानसिक रूप से विकलांग लोगों के आवास में भीषण आग लग गई। उनके बचाव में पड़ोसी जर्मनी से कई एंबुलेंस और बचाव दल पहुंचे। बचाव दल के पहुंचने से पहले ही कम से कम आठ पुरुष मरीजों की मौत हो चुकी थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे।

जर्मनी की सीमा पर बसे 3,000 से अधिक लोगों के बर्फ से ढके इस छोटे से शहर के लिए यह बड़े पैमाने पर नुकसान है। चेक गणराज्य में 1990 में आगजनी के बाद से यह दूसरी सबसे घातक घटना है। 2000 में भी राजधानी प्राग में आग लगने से नौ बेघर लोगों की मौत हो गई थी।

वेजप्रिटी के मेयर जितका गाडूनोवा ने बताया कि धूएँ में साँस लेने के कारण अधिकांश लोगों की मृत्यु हो गई। घायल कई लोगों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। उनमें से कम से कम एक की हालत गंभीर है।

अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के समय विकलांग लोगों के घर पर 35 मरीज और तीन कर्मचारी थे।

प्रधानमंत्री द्वारा साइट का दौरा

चेक प्रधान मंत्री विंटेज बेबिस ने प्राग के उत्तर-पश्चिम में कुछ 100 किमी (60 मील) की दूरी पर साइट का दौरा किया। उन्होंने पीड़ितों के परिवार के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने इसे "एक भयानक त्रासदी" कहा। उन्होंने कहा: "मैं यहां यह जानने के लिए आया हूँ कि सरकार कैसे मदद कर सकती है और भविष्य में ऐसी आपदा को रोकने के लिए क्या करना चाहिए।"

अग्निशामकों का कहना है कि वे आग बुझाने में कामयाब रहे। हादसे के कारणों की जांच जारी है। जर्मन बचाव दल अपने चेक सहयोगियों की मदद के लिए आए, क्योंकि वे खराब मौसम के कारण बचाव के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग करने में असमर्थ थे।

20 January 2020, 16:56