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कारितास स्वागत केंद्र में कारमेन कारितास स्वागत केंद्र में कारमेन  कहानी

भूमध्यसागर की तरह अमाजोन को कारमेन ने पार किया

हजारों लोग अमाजोन वर्षावन को पार करते हैं और हर दिन बेहतर भविष्य की तलाश में अपनी मातृभूमि को पीछे छोड़ देते हैं। कई वेनेजुएला के लोग हैं, जो इक्वाडोर आने का लक्ष्य बना रहे हैं, जहां लैटिन अमेरिका की स्वागत नीति सबसे उदार है। उनमें से हम एक महिला से मिले, जो कुछ हफ्ते पहले अपने कुछ महीने की बेटे और दो बच्चों के साथ वेनेजुएला से भाग कर आई थी।

माग्रेट सनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कारमेन और उसके बच्चों के लिए कारितास इक्वाडोर ने अपना दरवाजा खोला। अमाजोनिया के उत्तर-पश्चिम में क्विटो के बाहरी इलाके में एक शरणार्थी स्वागत केंद्र बनाया गया है, जिसमें लगभग 40 लोग रह सकते हैं। इस केंद्र की ख़ासियत यह है कि शरणार्थी अधिकतम तीन दिनों तक वहां रह सकते हैं, दक्षिण अमेरिकी देश में प्रवेश करने हेतु दस्तावेजों की व्यवस्था करने के लिए यह समय पर्याप्त है। इक्वाडोर में स्वागत नीति इतनी कुशल है कि आमतौर पर कुछ ही दिनों में शरणार्थियों के रहने और काम करने के लिए जगह मिल जाता है।

 कार्मेन ने अमाजोन की अपनी यात्रा के बारे में हमें बताया :

"मैं आर्थिक कारणों के कारण अपने देश से भाग आई। मैं वेनेज़ुएला में अपने तीन बच्चों और अपने भाई के साथ रहती थी। अपनी यात्रा हमने क्यूकाटा से शुरुआत की और हम 17 दिनों तक चले।  कोलंबिया से गुजरते हुए सभी ने रास्ते में मेरी मदद की। कोलंबियाई सीमा पर हमें 19 दिनों तक रहना पड़ा, क्योंकि उन्होंने हमें प्रवेश वीजा के बिना देश में प्रवेश नहीं होने दिया। आखिरकार, हमने इक्वाडोर आने के लिए जंगल से होते हए यात्रा जारी रखने का फैसला किया। हम इक्वाडोर के एक पार्क में पहुँचे और वहीं पार्क में हमें एक महिला मिली जो हमारी यात्रा के बारे में जानती थी। वह महिला हमारे लिए ईश्वर द्वारा भेजी गई एक दूत थी। उसने इस केंद्र से संपर्क करने में हमारी मदद की। उसे बहुत धन्यवाद, उसी की बदौलत आज हम यहाँ हैं।

(एईएम: कारमेन02) अपने छोटे बेटे के साथ कारमेन
(एईएम: कारमेन02) अपने छोटे बेटे के साथ कारमेन

कारमेन को राजनीति के बारे में बात करना पसंद नहीं है और इस विषय में बहुत दिलचस्पी भी नहीं है। वह केवल एक चीज मांगती है और आशा करती है कि वह जल्द से जल्द अपने देश लौट सकती है। वह शरणार्थियों को दिए गए समर्थन के लिए इक्वाडोर के प्रति बहुत आभारी है।

कारमेन ने कहा, “आप यात्रा के दौरान मेरे दुख की कल्पना नहीं कर सकते। मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत दे रहा था मेरा बेटा,जिसे मैंने अपनी बाहों में ले रखा था और बाकी दो मेरे बगल में चलते थे। हालाँकि यह बहुत कठिन था। ऐसा समय भी आया जब मैं वापस जाना चाहती थी, विशेषकर एक रात जब मेरे बेटे को तेज बुखार था। मेरा घर वेनेजुएला में है, लेकिन ईश्वर का शुक्र है कि हमारे पास रहने को जगह और भोजन है और भगवान का शुक्र है कि ऐसे लोग हैं जो हमारी मदद करते हैं।”

कारमेन के माता-पिता नहीं हैं, लेकिन वेनेजुएला में उनके कई दोस्त हैं। वह अपने देश और अपने प्यारे लोगों को बहुत याद करती है, लेकिन इस नये स्थान, नये परिवेश और नये अनुभव को अपने और अपने बच्चों के लिए उसमें एक नए अवसर के रूप में देखने की भी सहजता है, यहां तक ​​कि सबसे छोटे बच्चे के लिए जो अभी भी यह नहीं समझता हैं कि उसके आसपास क्या हो रहा है, “वह नहीं जानता कि घर पर, अपने ही लोगों के बीच, शांति से रहना कितना अच्छा है। मेरे कुछ रिश्तेदार मेरे साथ यहाँ विदेश में हैं, इसके बावजूद, मुझे अपने देश की बहुत याद आती है।”

05 November 2019, 12:29