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बमबारी के बाद पुनर्निर्मित नागासाकी का काथलिक महागिरजाघर, तस्वीरः 18.07.2019 बमबारी के बाद पुनर्निर्मित नागासाकी का काथलिक महागिरजाघर, तस्वीरः 18.07.2019  (ANSA)

जापान में सन्त पापा की यात्रा का कथानक गीत जारी

"प्रोटेक्ट ऑल लाइफ" अर्थात् सब जीवन की रक्षा करो सन्त पापा फ्राँसिस की जापान यात्रा का विषय और प्रमुख शब्द है। 23 से 26 नवम्बर तक सन्त पापा जापान की यात्रा कर रहे हैं जिसके कथानक गीत की प्रकाशना जापान के काथलिक धर्माध्यक्षों द्वारा कर दी गई है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 8 नवम्बर 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो):  "प्रोटेक्ट ऑल लाइफ" अर्थात् सब जीवन की रक्षा करो सन्त पापा फ्राँसिस की जापान यात्रा का विषय और प्रमुख शब्द है। 23 से 26 नवम्बर तक सन्त पापा जापान की यात्रा कर रहे हैं जिसके कथानक गीत की प्रकाशना जापान के काथलिक धर्माध्यक्षों द्वारा कर दी गई है।  

"प्रोटेक्ट ऑल लाइफ"

"प्रोटेक्ट ऑल लाइफ" वाक्यांश सन् 2015 में पर्यावरण की सुरक्षा पर प्रकाशित सन्त पापा फ्राँसिस के विश्व पत्र "लाओदातो सी" की अन्तिम प्रार्थना से लिया गया है।

जापान प्रेरितिक यात्रा का कथानक गीत जून ईनोए तथा आमेदेऊस कोडे आय ने मिलकर रचा है, जिसका प्रदर्शन ड्रीमर्स यूनियन नामक गायन मंडली द्वारा किया गया था। इस गीत को सन्त पापा फ्राँसिस की यात्रा से संलग्न जापानी वेब साईट और यू ट्यूब चैनल पर पाया जा सकता है।

पर्यावरण की सुरक्षा का आग्रह

कथानक गीत को जारी करते हुए जापानी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने अपनी वेब साईट पर लिखा, "हममें से प्रत्येक ने जीवन का वरदान पाया है, हम सब ईश प्रतिरूप में सृजित प्राणी हैं तथा सभी लोगों के साथ मिलकर हम अनन्त धाम तक अपनी तीर्थयात्रा में जुटे हैं।" उन्होंने लिखा,  "सृष्टि की रचना तथा इसका रख-रखाव ईश्वर का अपूर्व कार्य है, जैसा कि नबी इसायाह के 45 वें अध्याय के 18 वें पद में लिखा है, ईश्वर ने "पृथ्वी गढ़ कर उसकी नींव सुदृढ़ कर दी है। उसने उसे इसलिये नहीं बनाया कि वह उजाड़ रहे, बल्कि इसलिये कि लोग उस पर निवास करें", अस्तु धर्माध्यक्षों ने कहा, "सब जीवन की रक्षा" करने के लिए, हमें न केवल प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करना चाहिये, बल्कि पर्यावरण का भी सम्मान करना चाहिए।"

जापान के धर्माध्यक्षों ने इस बात पर भी गहन चिन्ता व्यक्त की कि "हमारा आम घर", मानव जाति द्वारा रौंदा जा रहा है और दुनिया के सभी परित्यक्त लोगों के संकट के कारण दर्द से कराह रहा है।

धर्माध्यक्षों ने इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि आज जापान अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों जैसे मुद्दों के अलावा जीवन और शांति से संबंधित समस्याओं से घिरा है। प्राकृतिक तबाही और परमाणु संयंत्र दुर्घटनाओं से उबरना एक निरंतर समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जापान की कलीसिया जीवन की रक्षा तथा मानव जीवन से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों का प्रत्युत्तर देने हेतु हर सम्भव प्रयास कर रही है और उसकी आशा है कि सन्त पापा फ्राँसिस की यात्रा से उसे इस दिशा में प्रोत्साहन मिले।  

08 November 2019, 11:19