Vatican News
जापान-उत्तरी कोरिया मिसाइल तकरार जापान-उत्तरी कोरिया मिसाइल तकरार  (AFP or licensors)

जापान और दक्षिणी कोरिया माध्य शांति कायम के प्रयास

उत्तर कोरिया को अपने परमाणु हथियार छोड़ने का अमेरिकी नेतृत्व वाला प्रयास जारी। अमेरिका के दूत स्टीफन बेईगऩ जापान और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते दरार को बातचीत के माध्यम कम करने के प्रयास में।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

जापान, सोमवार, 19 अगस्त 2019 (रेई) विगत सप्ताह उत्तरी कोरिया द्वारा दागे गये मिसाइलों के कारण उत्पन्न हुई शांति प्रक्रिया में दरार को अमेरिकी दूत पड़ोसी देशों के साथ वार्ता करते हुए सुलझाने के प्रयास में है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इस महीने उत्तरी कोरिया के नेता परमाणु हथियार छोड़ने पर बातचीत फिर से शुरू करने को तैयार है। अतः उन्होंने उनसे मिलने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि किंम जोंग उन से वार्ता के प्रस्ताव उपरांत उत्तरी कोरिया ने किसी भी परमाणु हथियार का परिक्षण नहीं किया है।

दक्षिण कोरिया भी उत्तरी कोरिया की ओर अपना ध्यान क्रेन्द्रित किये हुए है। उधर शुक्रवार को सियोल में सरकार ने प्योंगयांग की आलोचना को नकारते हुए यह कहा कि हम आपसी बेहतर संबंधों के लिए काम करना जारी रखेंगे।

लेकिन वहीं दूसरी ओर पड़ोसी देश जापान के साथ दक्षिण कोरिया के संबंध में गिरावट आई है क्योंकि सियोल में प्रदर्शनकारी यह मांग कर रहे हैं कि जापानी कंपनियां उन कोरियाई लोगों को मुआवजा दें, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान श्रम किया था, उनमें से कई बिना किसी भुगतान के हैं।

दक्षिण कोरियाई अदालतों ने ऐसी कंपनियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है जिन्होंने इस तरह के श्रम का इस्तेमाल किया है। इस बात को लेकर जापान की सरकार उग्र है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावों को 50 साल पहले ही मुआवजे के तौर पर भुगतान कर दिया गया है।

जापान दक्षिण कोरियाई सरकार पर संशोधनवाद का आरोप लगाती है। उसने दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए कंप्यूटर चिप्स बनाने हेतु इस्तेमाल होने वाले रसायनों की बिक्री पर एक धीमी प्रक्रिया लाई है।

दोनों पड़ोसियों देशों को चाहिए कि वे विभिन्न उपायों के द्वारा एक दूसरे के निकट सहयोगी बने रहें क्योंकि दोनों संयुक्त राज्य अमेरिका के सुरक्षा ग्राहक हैं।

दोनों देश मजबूत धार्मिक और नागरिक स्वतंत्रता लोकतंत्र हैं। लेकिन विगत सप्ताह में दोनों देशों के बीच संबंध में एक गहरी दरार उत्पन्न हुई है। दक्षिण कोरिया ने दावा किया है कि यदि जरुरत पड़ी तो वह एक समझौते को निरस्त कर सकता है जिसके तहत वह जापान के संग सुरक्षा जानकारी साझा करता है। इस तरह के कदम से अमेरिका के साथ संबंध खराब होंगे।

कोरियाई एकीकरण की उम्मीद

इस बीच, कोरियाई प्रायद्वीप पर, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उत्तरी कोरिया परमाणु कार्यक्रम पर समृद्धि का चुनाव करेगा।

वे चाहते हैं कि प्योंगयांग और सियोल ओलंपिक खेलों की मेजबानी संयुक्त रूप से मिलकर करें साथ ही उन्होंने इस बात की संभावना व्यक्त की है कि वर्ष 2045 तक दोनों देशों का एकीकरण संभव है।

19 August 2019, 16:44