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संत मदर तेरेसा की संत घोषणा के अवसर पर संत पापा फ्रांसिस से मुलाकात करती सुष्मा स्वराज संत मदर तेरेसा की संत घोषणा के अवसर पर संत पापा फ्रांसिस से मुलाकात करती सुष्मा स्वराज 

संत पापा के लिए सुष्मा एक आध्यात्मिक व्यक्ति

कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस ने कहा है कि संत पापा फ्राँसिस ने भारत के विदेशमंत्री सुष्मा स्वराज को "एक गहरे आध्यात्मिक व्यक्ति" के रूप में पाया था। जिनका निधन 6 अगस्त को हो गया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष एवं मुम्बई महाधर्मप्रांत के कार्डिनल ग्रेसियस ने भारत के विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्ति किया है और कहा है कि देश ने एक महान भारतीय को खो दिया है।

उन्होंने कहा, "वे एक अत्यन्त सक्षम व्यवस्थापिका, बहुमुखी नेता तथा हर कार्य के लिए प्रभावशाली व्यक्ति थीं।"   

कार्डिनल ने सुष्मा स्वराज के संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात की याद की, जब उन्होंने वाटिकन में संत मदर तेरेसा की संत घोषणा के अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।

संत पापा के सलाहकार समिति के सदस्य कार्डिनल ऑस्वल्ड ने कहा कि "इस अवसर पर उन्होंने संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात की थीं और बाद में संत पापा ने टिप्पणी किया था कि भारत की विदेशमंत्री एक अत्यन्त आध्यात्मिक व्यक्ति हैं।"   

उन्होंने बतलाया कि सुष्मा जी से उनकी मुलाकात 2003 में हुई थी जब वे वाजपेयी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थीं। उन्होंने कहा, "उनके साथ बातचीत में मैंने पाया कि एक मंत्री के रूप में उनके हर निर्णय में मानवता का स्पर्श था।"  

उनके अनुसार सुष्मा जी एक विदेश मंत्री के रूप में हमारी एक उत्तम राजदूत थीं चूँकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की एक महान छवि प्रस्तुत करती थी।

उन्होंने कहा कि देश से बाहर रहने वाले सभी भारतीय किसी भी तरह की परेशानी में उनकी सहानुभूति प्राप्त करते थे जिन्हें वे हर तरह से मदद करने की कोशिश किया करती थीं।

कार्डिनल ने फादर टोम उजहुन्नालिल की यमन में अपहरण से रिहाई की घटना में सुष्मा स्वराज को बड़ी कृतज्ञता के साथ याद किया।

कार्डिनल के अनुसार स्वराज जी ने मिशनरीस ऑफ चैरिटी धर्मसमाज की संस्थापिता की संत घोषणा समारोह में भाग लेने हेतु इसलिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया क्योंकि वे उनके प्रति विशेष श्रद्धा रखती थीं।

भारत ने 7 अगस्त को शीर्ष राजनीतिक नेताओं की उपस्थिति में पूरे राजकीय सम्मान के साथ, सुष्मा स्वराज के नश्वर अवशेषों का अंतिम संस्कार किया और उनके सैकड़ों शोक संतप्त प्रशंसकों के साथ उन्हें एक भावभीनी विदाई दी।

सुष्मा का निधन नई दिल्ली में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस में 6 अगस्त को हुआ। उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ। वे 67 साल की थीं।

08 August 2019, 16:32