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श्री लंका में बम विस्फोट के बाद प्रार्थना करते पाकिस्तान के ख्रीस्तीय 27.04.2019 श्री लंका में बम विस्फोट के बाद प्रार्थना करते पाकिस्तान के ख्रीस्तीय 27.04.2019  (AFP or licensors)

पाकिस्तान, इस्लाम में बलात धर्मातरण पर खेद

जर्मनी की कलीसियाई लोकोपकारी संस्था एड टू द चर्च इन नीड की पाकिस्तानी शाखा ने ख्रीस्तीय एवं हिन्दू पाकिस्तानी महिलाओं के बलात इस्लाम में धर्मान्तरण पर अन्तरराष्ट्रीय चेतना जागरण हेतु गुरुवार को एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में कार्डिनल जोसफ कूट्स सहित कई मुस्लिम नेता भी शामिल हुए।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

कराची, शुक्रवार, 9 अगस्त 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): जर्मनी की कलीसियाई लोकोपकारी संस्था एड टू द चर्च इन नीड की पाकिस्तानी शाखा ने ख्रीस्तीय एवं हिन्दू पाकिस्तानी महिलाओं के बलात इस्लाम में धर्मान्तरण पर अन्तरराष्ट्रीय चेतना जागरण हेतु गुरुवार को एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में कार्डिनल जोसफ कूट्स सहित कई मुस्लिम नेता भी शामिल हुए।   

इटली के सन्त एजिदियो समुदाय से जुड़ी काथलिक वकील, तबस्सुम यूसुफ के अनुसार, "प्रति  वर्ष  कम से कम एक हजार लड़कियों का अपहरण और बलात्कार कर उन्हें इस्लाम में धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता है।"

बेहतर कानूनी सुरक्षा

इस वर्ष जुलाई माह के एक मामले में लाहौर में एक 14 वर्षीय ख्रीस्तीय किशोरी का अपहरण कर लिया गया था तथा उसे उसके अपहरणकर्त्ता से विवाह के लिये मजबूर किया गया। हादसे के बाद पुलिस ने लड़की के माता-पिता को ख़बर की कि उनकी लड़की के लिये पुलिस स्टेशन में धर्मान्तरण सर्टीफिकेट दर्ज़ किया जा चुका था।

पाकिस्तान की उक्त काथलिक लोकोपकारी संस्था पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिये बेहतर कानूनी सुरक्षा की वकालात कर रही है ताकि अपहरण एवं बलात धर्मान्तरण के शिकार लोगों को सुरक्षा मिल सके तथा अपराधियों को दण्डित किया जा सके।   

धार्मिक अल्पसंख्यकों पर छाये संकट

इसी बीच, वाटिकन के समाचार पत्र लोस्सरवातोरे रोमानो से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के जीवन पर चर्चा करते हुए ख्रीस्तीय वकील एवं मानवाधिकार कार्यकर्त्ता सरदार मुशताक गिल ने बुधवार को कहा, "पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का जीवन हिंसा, भेदभाव और मौलिक मानवाधिकारों के दुरुपयोग से चिह्नित है।"

उन्होंने कहा, "यह एक पुरानी, प्रणालीगत समस्या है जिसकी जड़ें इतिहास, विश्वदृष्टि और स्थानीय संस्कृति में निहित हैं। सरकार को इस वास्तविकता से अवगत कराया जाना चाहिए ताकि वह उसके अनुसार सक्रिय होकर ग़ैर-मुस्लिम पाकिस्तानी नागरिकों की रक्षा कर सके।"

09 August 2019, 12:11