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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर 

जल का तनाव दुनिया की एक चौथाई आबादी को प्रभावित

विश्व संसाधन संस्था (डब्ल्यूआरआई) के नए आंकड़े ने चेतावनी दी है कि पानी के लिए अधिक गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार, 7 अगस्त 2019 (वीएन)˸ जल संसाधनों पर प्रतिस्पर्धा के स्तर की माप के एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया के 17 देशों में आबादी का एक चौथाई हिस्सा पानी के अत्यधिक तनाव से जूझ रहा है।  

विश्व संसाधन संस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि पानी के लिए बढ़ता तनाव अधिक गहरा हो सकता है जिसे "जीरो दिवस" कहा जाता है, यह शब्द 2018 में दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में चर्चित हुआ जहाँ खतरनाक रूप से पानी के समाप्त होने की स्थिति आ गयी थी।

महत्वपूर्ण संसाधनों के लिए संघर्ष

वॉशिंगटन के वैश्विक अनुसधान संगठन एक्वाडक्ट उपकरण के नये आंकड़ों में, घरों के लिए निकाली गई पानी की तुलना, उद्योगों, सिंचाई और पशुओं के लिए निकाली गई पानी की मात्र से की गयी है।

सिंचित कृषि, उद्योग और बहुत अधिक जल-तनाव वाले देशों के नगरपालिकाओं में कहा जाता है कि हर साल औसतन अपनी उपलब्ध आपूर्ति का 80% से अधिक की निकासी की जाती है।

भारत

भारत, जो सूची में 13 वें स्थान पर है, इसकी आबादी लगभग 1.3 बिलियन है, जो अन्य 16 देशों से तीन गुना अधिक है।

जुलाई में, दक्षिणी शहर चेन्नई में नल सूख गये थे और तस्वीरों में शहर की सिकुड़ती पुझल झील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। चेन्नई अभी भी पानी की कमी से जूझ रहा है।

भारत के जल संसाधन मंत्रालय के पूर्व सचिव और वरिष्ठ डब्ल्यूआरआई शशि शेखर ने कहा कि चेन्नई का जल संकट हाल ही में सुर्खियों में है, लेकिन भारत के अन्य क्षेत्रों में जल संकट का सामना पहले से किया जाता रहा है।

07 August 2019, 17:06