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असम के बाढ़ में डूबा एक घर असम के बाढ़ में डूबा एक घर  (AFP or licensors)

कलीसिया द्वारा असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता

भारत के असम राज्य में ख्रीस्तीय समुदायों ने विनाशकारी बाढ़ के कहर के बाद, अपने मानवीय सहायता के प्रयासों को बढ़ाया है। बाढ़ के कारण राज्य में 15 लोग मारे गए हैं और अनुमानित 4.6 मिलियन लोग प्रभावित हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत, बृहस्पतिवार, 18 जुलाई 19 (रेई)˸ उत्तरी पूर्वी में 30 जिलों के करीबन 4,157 गाँव पानी में डुबे हुए हैं क्योंकि बारिश लगातार जारी है जिससे ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर भी खतरनाक स्तर तक ऊपर चढ़ गया है।

बाढ़ और भूस्खलन में करीब 15 लोगों के मरने की खबर है। सरकारी आंकड़े अनुसार करीब 83,000 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, जो गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्थापित 200 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।  

अंतर-एजेंसी समूह नामक स्वैच्छिक एजेंसियों के एक नेटवर्क के संयोजक फादर वर्गीस वेलिककम ने कहा कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ राज्य के राहत कार्यों का समन्वय कर रहे हैं।

असम के स्वास्थ्य सेवा विभाग को भी बाढ़ से उत्पन्न होने वाले जरूरी चिकित्सा मुद्दों के समाधान के लिए कहा गया है।

फादर वेलिककम ने कहा कि कलीसिया का सामाजिक सेवा दल, कारितास इंडिया ने भोजन और जीवन की व्यवस्था के साथ-साथ, अन्य तत्काल और दीर्घकालिक सहायता हेतु पीने के पानी की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए धर्मप्रांतीय इकाइयों के माध्यम से योजना शुरू की है।

उन्होंने कहा, "वहाँ सड़कों के किनारे रहने वालों के लिए मौलिक स्वच्छता सुविधाओं के साथ अस्थायी शरण की भी अति आवश्यकता है। हम कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की योजना बना रहे हैं, खासकर,बच्चों एवं महिलाओं के लिए।

असम ख्रीस्तीय मंच के प्रवक्ता एलन ब्रूक्स ने उकान समाचार को बताया कि असम के सभी 14 धर्मप्रांतों में काथलिक धर्माध्यक्षों ने अपने संस्थानों जैसे - स्कूल और हॉस्टल को खोल देने और उनकी मदद करने का निर्देश दिए हैं ताकि बाढ़ पीड़ितों को राहत मिल सके।

ब्रूक ने कहा, "कलीसियाई समुदाय जिला अधिकारियों को स्वयंसेवक भी प्रदान कर रहे हैं ताकि हम राज्य के साथ मिलकर काम कर सकें और हर संभव लोगों की मदद कर सकें।"

18 July 2019, 16:23