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फादर सतानिसलाॉस लूर्द स्वामी, येसु समाजी फादर सतानिसलाॉस लूर्द स्वामी, येसु समाजी 

भारतीय पुलिस ने फिर येसु धर्मसमाजी निवास पर मारा छापा

झारखण्ड के राँची शहर के परिसर में, पुलिस ने एक वर्ष से भी कम समय में, दूसरी बार, माओवादी विद्रोहियों के साथ कथित संलग्नता के आरोपी, येसु धर्मसमाज के 83 वर्षीय काथलिक पुरोहित फादर स्टानिसलाव लूर्दसामी के घर पर छापा मारा।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

राँची, शुक्रवार, 14 जून 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): झारखण्ड के राँची शहर के परिसर में, पुलिस ने एक वर्ष से भी कम समय में, दूसरी बार, माओवादी विद्रोहियों के साथ कथित संलग्नता के आरोप में, येसु धर्मसमाज के 83 वर्षीय काथलिक पुरोहित फादर स्टानिसलाव लूर्दसामी के घर पर छापा मारा।

नौ अन्य मानवाधिकार कार्यकर्त्ताओं सहित, स्टैन स्वामी नाम से लोकप्रिय फादर लूर्दसामी पर 28 अगस्त 2018 को प्रतिबंधित माओवादी दल के साथ संलग्न रहने का आरोप लगाया गया था।  

पुलिस द्वारा काथलिक पुरोहित उत्पीड़ित

फादर लूर्दसामी के सहयोगी फादर डेविस सॉलोमन ने ऊका न्यूज़ को बताया कि लगभग 25 पुलिसकर्मी बिना कोई पूर्व सूचना दिये 12 जून को पुरोहित निवास पहुँचे और उन्होंने लगभग साढ़े तीन घण्टों तक छान-बीन की। छान-बीन के उपरान्त पुलिस ने एक कंप्यूटर हार्ड ड्राइव,एक इंटरनेट मॉडेम और कुछ अन्य दस्तावेजों को जब्त कर लिया, जिसमें फादर लूर्दसामी द्वारा संकलित, सताये गये ख्रीस्तीयों पर, एक अध्ययन भी शामिल था। उन्होंने फादर का ई-मेल और फेस बुक अकाऊन्ट भी बन्द कर दिया।

फादर सॉलोमन ने बताया कि पुलिस के संग आये साईबर विशेषज्ञों ने फादर का सेल फोन ले लिया था तथा उसमें कुछ संशोधन कर वापस लौटा दिया। पुलिस का कहना था कि उन्हें तलाशी वारंट की जरूरत नहीं थी इसलिये कि छापामारी पहले से चल रही जांच का हिस्सा था। इसके अतिरिक्त, फादर लूर्दसामी से मराठी भाषा में लिखित एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कराये गये जो उनकी समझ में नहीं आया।

फादर सॉलोमन ने कहा, "जब हमने आपत्ति की तब पुलिस चार दिनों के भीतर एक अनुवाद प्रदान करने के लिए सहमत हुई, लेकिन इसमें हेर-फेर की पूरी सम्भावना है।"

फादर लूर्दूसामी का वकतव्य

फादर लूर्दूसामी ने मीडिया को दिये एक संक्षिप्त बयान में कहा गया कि लंबी जाँच के बावजूद अदालत में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "पिछली बार जब्त की गई चीजें मुझे अब तक नहीं लौटाई गई हैं और यह दूसरा रेड है। जांच यदि कानून के अनुसार की जाये तो मैं पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार हूँ। सच्चाई का पता लगाने के लिए हमारी न्यायिक प्रणाली पर भी मुझे पूरा भरोसा है।"

छापामारी अन्यायपूर्ण

झारखंड में लोगों के अधिकारों के लिये संघर्षरत शक्तिशाली जनजातीय समूह, झारखंड जनाधिकार महासभा की भव्य परिषद ने एक बयान में कहा कि फादर लूर्दूसामी के खिलाफ उठाया जा रहा कदम "न्याय के लिए लड़ रहे लोगों को डराने" हेतु सरकार के बढ़ते प्रयासों का हिस्सा था।

इसमें कहा गया है कि फादर लूर्दूसामी ने आदिवासी विस्थापन, आदिवासियों के संसाधनों की कॉर्पोरेट लूटपाट और कैदियों की ख़राब हालत के खिलाफ लड़ने में मदद प्रदान की थी।

14 June 2019, 11:33