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सुडान के प्रदर्शनकारी सुडान के प्रदर्शनकारी   (AFP or licensors)

अधिक पीड़ा से बचने के लिए शांति समझौते को लागू करें, धर्माध्यक्ष

मध्य अफ्रीका के धर्माध्यक्षों ने संदेश में कहा कि "स्वार्थों की वेदी पर अक्सर सुलह की जाती है"। कॉर्पस डोमिनी के अवसर पर धर्माध्यक्षों की मांग है कि सरकार हिंसा का समर्थन करने वाले मिलिशिया के साथ अपना संबंध तोड़े और खार्तूम शांति समझौते को लागू करे।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बांगुई, बुधवार 26 जून 2019 (वाटिकन न्यूज) : कोरपुस क्रिस्टी के अवसर पर मध्य अफ्रीकी गणराज्य के धर्माध्यक्षों का संदेश ठोस और स्पष्ट है। उन्होंने देश की स्थिति पर एक स्पष्ट विश्लेषण किया है कि देश अभी भी हिंसा से परेशान है, जहां फरवरी में सरकार और 14 सशस्त्र समूहों द्वारा हस्ताक्षर किए गए खार्तूम शांति समझौते का पालन नहीं किया गया है। इन समूहों द्वारा क्षेत्र के अधिकांश हिस्से को नियंत्रित किया जाता है। धर्माध्यक्षों का कहना है कि यह समझौता, "मध्य अफ्रीकी लोगों की पीड़ा को कम करने का एक अवसर हो सकता है।"

"लेस रेक्विन्स" मिलिशिया पर ध्यान

सरकार और मिलिशिया के बीच के संबंधों से अतीत में चिह्नित देश के इतिहास पर धर्माध्यक्ष आज खुद से पूछ रहे हैं कि "लेस रेक्विन्स" के साथ क्या संबंध हो सकता है, जो पिछले जनवरी में शुरु हुआ और शायद यह सरकार के करीब है। "न्याय और सुलह के बिना कोई ठोस और स्थायी शांति नहीं हो सकती है"। लिखित संदेश में विदेशी कंपनियों की कड़ी निंदा भी शामिल है जो स्थानीय आबादी पर बिना किसी सकारात्मक प्रभाव के देश के संसाधनों का शोषण करती हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के पक्ष में "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी" देने के लिए सरकार से मांग करती है।

शांति का साहस रखें

बांगुई स्थित कुवारी मरिया के निष्कलंक गर्भाधान महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर मथिएबो बोन्दोबो ने धर्माध्यक्षों के संदेश पर टिप्पणी करते हुए, वाटिकन न्यूज को बताया कि धर्माध्यक्षों ने संत पापा फ्राँसिस द्वारा देश में सामंजस्य का मार्ग जारी रखने के लिए साहस के साथ सुलह और शाति के मार्ग पर चलने का अपील को याद दिलाया है।

फादर मथिएबो ने कहा कि मध्य अफ्रीका के धर्माध्यक्ष शांति तक पहुंचने की कोशिश करने में मदद करने में कभी विफल नहीं होते हैं। कई वर्षों से हम मध्य अफ्रीका में शांति की मांग कर रहे हैं। वास्तव में धर्माध्यक्ष ठोस प्रस्ताव भी देते हैं और देश की मौजूदा समस्याओं को छूते हैं, ऊपर से वे सूडान में खार्तूम में हस्ताक्षर किए गए दलों के बीच समझौते के संबंध में खुद को व्यक्त करते हैं। फिलहाल यह मध्य अफ्रीका के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, लेकिन जिन समूहों ने हस्ताक्षर किए हैं वे इस समझौते का सम्मान नहीं करते और गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हमेशा मरने वाले देश के साधारण लोग होते हैं और इसलिए धर्माध्यक्षों ने सभी को प्रतिबद्धता की याद दिलायी हैं क्योंकि लोगों को इतना नुकसान हुआ है और अगर हम कुछ नहीं करते हैं तो कोई भी हमें गंभीरता से नहीं लेगा।

26 June 2019, 16:46