माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
रोम, बुधवार 3 अप्रैल 2019 ( वाटिकन न्यूज) : मंगलवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में, विश्व खाद्य संकट के खिलाफ ग्लोबल नेटवर्क ने चेतावनी दी है कि 2018 में युद्ध, चरम मौसम और आर्थिक गिरावट की वजह से 113 मिलियन से अधिक लोगों को मदद की सख्त जरूरत है।
इस रिपोर्ट अनुसार पिछले साल में संघर्ष और असुरक्षा के कारण 74 मिलियन लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए थे।
53 देशों का विश्लेषण कर अपने निष्कर्षों को पांच-चरणों में वर्गीकृत किया गया है, तीसरा चरण के संकट के रूप, चौथे को आपातकाल के रूप में और पांचवें को अकाल/भूखमरी के रूप में।
एफएओ के वरिष्ठ खाद्य विश्लेषक ने चेतावनी दी है कि लाखों लोगों को अब तीन और उससे अधिक के स्तर तक पहुंचने का खतरा है, बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो अभी तक खाद्य असुरक्षित नहीं हैं, लेकिन वे कगार पर हैं।
उन्होंने कहा, ये लोग, "इतनी नाजुक स्थिति में हैं कि थोड़ा-सा सूखा पड़ जाए तो हैं उन्हें गंभीर खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।"
रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में वो देश जो सबसे ज्यादा खाद्य संकट से गुजरा है वह है यमन, जहाँ करीब 16 मिलियन लोगों को खाद्य सामग्री की आवश्यकता पड़ी। देश चार सालों से लगातार संघर्ष से जूझ रहा है। इसके बाद डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो 13 मिलियन और अफगानिस्तान 10.6 मिलियन लोगों को खाद्य सामग्री की आवश्यकता है।
पूर्वानुमान है कि 2019 में जलवायु परिवर्तन और संघर्ष, भूखमरी का कारण बने रहेंगे और दक्षिणी अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में जलवायु परिवर्तन चिंता का विशेष कारण होगा, जबकि बांग्लादेश और सीरिया में शरणार्थियों और प्रवासियों को खाद्य सामग्री और आवश्यकता के सामान बढ़ाने की जरुरत होगी।