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नोत्र दाम महागिरजाघर नोत्र दाम महागिरजाघर  

नोत्र दाम महागिरजाघर के पुनर्निर्माण में मदद हेतु तैयार यूनेस्को

यूनेस्को, ऐतिहासिक धरोहर नोत्र दाम महागिरजाघर पुनर्निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के विशेषज्ञ हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

पेरिस, बुधवार, 17 अप्रैल 2019 (यूएन न्यूज) : फ्रांस की राजधानी पेरिस के ऐतिहासिक नोत्र दाम महागिरजाघर में भीषण आग के बाद वहां हुए नुक़सान का जायजा लेने और आग से बच गए हिस्से को संरक्षित रखने के प्रयास शुरू हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने कहा है कि पुनर्निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वो एक आपात मिशन भेजने के लिए तैयार हैं।

महागिरजाघऱ का निर्माण कार्य 1160 में शुरू हुआ जो लगभग 100 साल तक चला और फिर 1991 में इसे  विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया। रविवार शाम को लगी आग से महागिरजाघर का छत का दो तिहाई हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है और गुम्बद जलकर गिर गया।

यूनेस्को की विश्व धरोहर केंद्र की निदेशक मिशटेल्ड रोएसलर ने यूएन न्यूज को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के विशेषज्ञ पुनर्निर्माण कार्य में हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। यूएन विशेषज्ञ कांच की खिड़कियों और पत्थरों के काम को हुए नुकसान का आंकलन करेंगे।

पेरिस और फ़्रांस की पहचान के प्रतीकों में शामिल इस गिरजाघर को धू-धू कर जलते हुए देखना लोगों के लिए एक बेहद कठिन क्षण रहा। “मैंने कई लोगों को देखा जो मेट्रो से नोत्र दाम जा रहे थे और स्तब्ध थे, क्योंकि यह सिर्फ़ ख्रीस्तीय समुदाय की नहीं बल्कि हम सब की इमारत है। यह एक सार्वभौमिक प्रतीक है और फ़्रांस का केंद्र है। यही बात लोगों को गहराई तक दुःख पहुंचा रही है कि अपनी पहचान से जुड़ा कुछ उन्होंने खो दिया है।”

यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्री अज़ोले ने कहा कि नोत्र दाम महागिरजाघर में मरम्मत का काम चल रहा था। ऐतिहासिक, वास्तुशिल्प और आध्यात्मिक दृष्टि से नोत्र दाम एक उत्कृष्ट सार्वभौमिक धरोहर को प्रदर्शित करता है। यह साहित्यिक विरासत का भी स्मारक है, फ्रेंच लोगों की विरासत लेकिन उसके साथ पूरी मानवता की भी। जो कुछ हुआ वह हमें धरोहर की ताकत को दर्शाता है जो हमें एक दूसरे से जोड़ती है। हमें पूरी दुनिया से समर्थन के संदेश मिल रहे हैं।”

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूनेस्को ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर को हुए नुक़सान को आंकने और आग से बच गए महागिरजाघर के हिस्से को संरक्षित करने के लिए आपात मिशन भेजने को तैयार हैं।

यूनेस्को महानिदेशक अज़ोले ने जल्द से जल्द नुकसान को आंकने का काम शुरू करने की बात कही है। “इस अमूल्य विरासत की रक्षा करने और पुनर्स्थापित करने में यूनेस्को, फ़्रांस के साथ खड़ा है। हम विशेषज्ञों के साथ संपर्क में हैं और नुकसान का जायज़ा लेने, जो बच गया है उसे संरक्षित रखने और लघु और मध्यम काल की योजनाओं को तैयार करने के लिए आपात मिशन भेजने के लिए तैयार हैं।”

17 April 2019, 16:47