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संत पापा सूडान के राष्ट्रपित संग संत पापा सूडान के राष्ट्रपित संग  (ANSA)

जीवन के चुनाव का समय

वाटिकन में दक्षिणी सूडान के कलीसियाई और राजनीतिक अधिकारियों हेतु आध्यात्मिक साधना के दौरान आफ्रीकी युवा देश के राष्ट्रीय गान पर चिंतन किया गया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, गुरूवार, 11 अप्रैल 2019 (रेई) वाटिकन के संत मार्था प्रार्थनालय में दक्षिणी सूडान के कलीसियाई और राजनीतिक अधिकारियों की आध्यात्मिक साधना के दौरान कार्डिनल पियेत्रो परोलीन ने कहा कि यह हमारे लिए ईश्वरीय कृपा का समय है, हम ईश्वर से देश में शांति और विकास हेतु प्रार्थना करें।

इस आध्यात्मिक साधना ने युवा अफ्रीकी देश के अधिकारियों को एक साथ लाया है जहाँ वे सूडान के लिए प्रार्थना करते हैं जिसने सन् 2011 में अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की।

बुधवार को वाटिकन राज्य के सचिव कार्डिनल पियोत्रो परोलीन ने संत पापा के संदेश से सूडानी अधिकारियों का स्वागत किया। गुरूवार 11 अप्रैल दोपहर को संत पापा फ्रांसिस आध्यात्मिक साधना में भाग ले रहे सभी लोगों को अपना संदेश देंगे और इसकी के साथ आध्यात्मिक साधना का समापन होगा।

विदित हो कि इस दो दिवसीय आध्यात्मिक साधना के प्रस्ताव को संत पापा फ्रांसिस की ओर से उस समय स्वीकृति मिली जब कैंटरबरी के महाधर्माध्यक्ष और एंग्लिकन समुदाय के प्राइमेट, जस्टिन वेल्बी के संत पापा के समक्ष यह विचार प्रस्तुत किया कि "आध्यात्मिक, पारिस्थितिक और कूटनीतिक" एक पहल हो सकती है।

सम्मान और विश्वास

वाटिकन सचिव ने इस आध्यात्मिक साधना को सूडानी देश के नेताओं के लिए एक “अवसर” कहा जहाँ “सम्मान औऱ विश्वास” में आपसी मिलन और मेल-मिलाप के द्वार खुलेंगे। सन 2013 से दक्षिणी सूडान गृहयुद्ध का शिकार है जिसमें करीबन 4 लाख लोग मारे गये हैं।

इस आध्यात्मिक साधना में सूडान के राष्ट्रपति सलवा कीर मयार्दित जिन्होंने विगत सितम्बर के महीने में युद्ध समाधान हेतु अदिस अबाबा में समझौते पर हस्तक्षर किया, उप-राष्ट्रपतिगण रीक मचर तेनी धूर्गन, ताबन डेंग गाई और रेबेका न्येनेंग डी माबियो, सूडानी नेता जॉन गारंग की विधवा शामिल हैं। इसके अलावे सूडानी कलीसियाई संघ के अधिकारी, आध्यात्मिक साधना के संचालक धर्माध्यक्ष जोन बापटिस्ट ओदमा, येसु समाजी पुरोहित एग्बोखियानमेघे ओरोबेटर तथा आफ्रीका और मडागास्कर धर्मसंघ के वरिष्ट अधिकारी भी भाग ले रहे हैं।

संत पापा के विचार

संत पापा ने इस आध्यात्मिक साधना के अवसर पर इस बात की आशा जताई की ईश्वर का आत्मा देश के नेताओं को अपने ज्ञान और विवेक से पोषित करे जिससे वे दक्षिणी सूडान को शांति और विकास के शिखर की ओर ले चलें।

ईश्वर से मिलन

आध्यात्मिक संचालन येसु समाजी पुरोहित एग्बोखियानमेघे ओरोबेटर ने आध्यात्मिक साधना के सही अर्थ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह “ईश्वर से मिलन” का एक समय है उससे भी बेहतर एक समय जहाँ “ईश्वर हमसे मिलने” आते हैं।

उन्होंने कहा इस अवसर में “ईश्वर हमसे बातें करेंगे” फोन, ट्वीट या फेसबुक और इंस्टग्राम के माध्यम नहीं वह एक चंगाई, शुद्धिकारण और “शांति के निमार्णकर्ता” के रुप में। यहाँ पवित्र आत्मा हमें एक दूसरे से वार्ता करने हेतु निमंत्रण देते हैं जिससे हम 13 मिलियन दक्षिणी सूडानी लोगों के लिए शांति के दूत बन सकें।

राष्ट्रीय गीत पर चिंतन

अफ्रीका और मडगास्कर के धर्मसंघ के वरिष्ट अधिकारी ने बुधवारीय चिंतन के दूसरे भाग में, दोपहर को सूडान के राष्ट्रीय गान “दक्षिणी सूडान ओए” पर अपना चिंतन व्यक्त करते हुए इसे ध्यान से सुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम इसमें ईश्वर की चर्चा शुरू और अंत में दो बार पाते हैं।

पुरोहित ओरोबेटर ने कहा कि दक्षिणी सूडान के लोग विश्वासी है जो एक स्वर में ईश्वर की महिमा करते हुए उन पर अपने विश्वास को व्यक्त करते हैं जिसमें हम “शांति और एकता” को पाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की सबसे महान सपंति यहाँ के धन, जमीन, पानी या तेल नहीं वरन यहाँ के लोग हैं। उन्होंने 09 जुलाई 2011 की याद की जब देश खारतुम से स्वतंत्रता को प्राप्त किया था जहाँ दक्षिणी सूडान के लोगों में शांति, न्याय, समृद्धि की आशा के साथ एक नये राष्ट्र के "जन्म" लेने की खुशी, उत्साह, उल्लास का अनुभव किया था।

आज भी देश में करीबन 7 मिलियन लोग जो देश पूरी आबादी का आधा हिस्सा है अपने में अत्यंत भूखे हैं। देश में स्कूल खाली हो रहे हैं क्योंकि अंतर-समुदायों और जातियों में युद्ध और हिंसा की स्थिति है। इस परिस्थिति ने करीबन 4 मिलियन लोगों के अपनी जमीर से विस्थापित कर दिया है जो शारणर्थी शिविरों में रह रहे हैं।

उन्होंने अपने चिंतन संदेश के अंत में देश के “सपनों” की ओर देखने का आह्वान किया जो देश के राष्ट्रीय गाऩ में निहित है, जो शत्रुता और नसमझी का परित्याग करने, युद्ध के बदले शांति “जीवन” का चुनाव करने हेतु निमंत्रण देता है। यह व्यक्तिगत “मेल-मिलाप” केवल नहीं वरन राष्ट्रीय मेल-मिलाप है।

राष्ट्रीय गान

हे ईश्वर, हम तेरी माहिम औऱ स्तुति करते हैं क्योंकि तूने दक्षिणी सूडान को अपनी कृपा से भर दिया है, इस विस्तृत भूमि में हम तेरी शांति औऱ एकता को पाते हैं। हे मातृभूमि, लहरते हुए अपने देश के ध्वज को हम ऊपर उठाते हैं जो तारों के द्वारा हम दिशा निर्देशन करता है, जहाँ हम अपनी खुशी में स्वतंत्रता के गीत गाते हैं, क्योंकि न्याय, स्वतंत्रता और समृद्धि सदा यहाँ व्याप्त रहेगी। हे देश के शहीदों हम शांति में सम्मान के साथ खड़े होकर आप का नमन करते हैं जिन्होंने देश के लिए खून बहा कर अपनी शहादत दी, जो देश की नींव है, हम अपने देश की सुरक्षा का प्रण करते हैं, हे ईश्वर दक्षिणी सूडान को अपनी आशीष से भर दे।

11 April 2019, 16:19