Cerca

Vatican News
जैरूसालेम होली सेपुलकर महागिरजाघर में   जैरूसालेम होली सेपुलकर महागिरजाघर में   (AFP or licensors)

ख्रीस्तीय प्रकाश भय से मुक्ति दिलाता, जैरूसालेम

जैरूसालेम के काथलिक महाधर्माध्यक्ष पियरबातिस्ता पित्साबाल्ला ने कहा कि पास्का की पूर्व सन्ध्या ईश वचन की घोषणा द्वारा हम मुक्ति के इतिहास का समारोह मनाते है। उन्होंने कहा कि पास्का महापर्व प्रभु ईश्वर का समारोह है, जो हम मनुष्यों से प्रेम करते तथा प्रेम के ख़ातिर हमें मुक्त करते, हमारा मार्गदर्शन करते तथा अनवरत क्षमा करते रहते हैं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

जैरूसालेम, रविवार, 21 अप्रैल 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): जैरूसालेम के काथलिक महाधर्माध्यक्ष पियरबातिस्ता पित्साबाल्ला ने कहा कि पास्का की पूर्व सन्ध्या ईश वचन की घोषणा द्वारा हम मुक्ति के इतिहास का समारोह मनाते है। उन्होंने कहा कि पास्का महापर्व प्रभु ईश्वर का समारोह है, जो हम मनुष्यों से प्रेम करते तथा प्रेम के ख़ातिर हमें मुक्त करते, हमारा मार्गदर्शन करते तथा अनवरत क्षमा करते रहते हैं।  

रात्रि

पास्का महापर्व से पूर्व जागरण समारोह में प्रवचन करते हुए महाधर्माध्यक्ष पित्साबाल्ला ने रात्रि का मर्म समझाते हुए कहा कि बाईबिल धर्मग्रन्थ के अनुसार, रात्रि ईश्वर की प्रकाशना का क्षण है। प्राचीन व्यवस्थान में रात मिस्र की गुलामी से मुक्त होने का क्षण बनी और इसी रात ने हमें प्रभु येसु ख्रीस्त के पुनरुत्थान के लिये तैयार किया। तथापि, उन्होंने कहा, "रात, भय, पाप, शंका, अकेलेपन और ख़तरे का भी क्षण होता है। यह उन लोगों के लिये अन्धकार का क्षण होता है जो अपने ही परिवारों में बिछड़े हुए हैं, आप्रवासी हैं, शरणार्थी हैं, स्वार्थी राजनीतिज्ञों की कुनीतियों के कारण निर्धनता के शिकार हैं, बेरोज़गार हैं तथा अपने भविष्य के लिये कुछ करने में असमर्थ हैं।"  

पुनर्जीवित खीस्त हैं प्रकाश

महाधर्माध्यक्ष पित्साबाल्ला ने कहा, "प्रभु ख्रीस्त रात के अन्धेरे से हमें मुक्ति दिलानेवाले हैं। पास्का यह सन्देश लेकर आता है कि रात ख़त्म हो गई है और सर्वत्र प्रकाश ही प्रकाश है इसलिये हम भी रात के भय से मुक्त होकर प्रकाश का वरण करें। सन्त पौल रोमियों के पत्र में लिखते हैं, "रात प्रायः बीत चुकी है, दिन निकलने को है, इसलिये हम, अन्धकार के कर्मों का परित्याग कर, ज्योति के शस्त्र धारण करें।"  

महाधर्माध्यक्ष पित्साबाल्ला ने कहा, "पास्का के समय गिरजाघरों में हम अग्नि और जल पर ईश्वरीय आशीष का आह्वान करते तथा विशिष्ट पास्का मोमबत्ती जलाकर यह याद करते हैं कि प्रभु ख्रीस्त ही हमारी ज्योति हैं, वे ही हैं वह लौ जो हमारे दिलों के अन्धकार को दूर करती है। अग्नि और जल निर्मलता का प्रतीक हैं तथा मोमबत्ती निरन्तर प्रज्वलित ख्रीस्त की ज्योति का प्रतीक। पुनर्जीवित ख्रीस्त ज्योति को हम अपने जीवन में ग्रहण करें तथा अपने हृदयों में समाहित भय, आशंका और पाप से मुक्त होने की कृपा प्राप्त करें।"   

21 April 2019, 09:14