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ढाका में पास्का समारोह ढाका में पास्का समारोह  (ANSA)

इस साल बांग्लादेश में ईस्टर की छुट्टी

30 साल बाद, बांग्लादेशी ख्रीस्तीय इस साल ईस्टर को छुट्टी के रूप में मनाये।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

ढाका, सोमवार 22 अप्रैल, 2019 (वाटिकन न्यूज) : बांग्लादेश में, जहां रविवार को छुट्टी नहीं है, ईस्टर को 30 वर्षों में पहली बार छुट्टी के रूप में मनाया गया।

यह काफी हद तक ग्लोरिया झरना सरकार का प्रयास था, जो पिछले चुनावों में चुनी गई पहली काथलिक महिला सांसद हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ख्रीस्तीय समुदाय के अधिकारों को मान्यता देने के लिए लड़ाई लड़ी थी।

ईस्टर रविवार, 21 अप्रैल को, देश के सभी स्कूल बंद थे। अच्छी खबर का स्वागत करते हुए, स्थानीय ख्रीस्तियों का कहना है कि यह धर्मों के बीच अच्छे संबंधों का एक सकारात्मक संकेत है।

ढाका के एक व्यापारी ने एशियान्यूज को बताया कि 1971 में मिली आजादी के बाद से 1980 के दशक के मध्य तक ईस्टर रविवार का दिन छुट्टी था। पर जब पूर्व राष्ट्रपति हुसैन मुहम्मद इरशाद ने शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी का इस्लामिक परंपरा बना दिया और "इस तरह, मसीह के पुनरुत्थान के उत्सव को राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त उत्सव से बाहर कर दिया गया।"

उन्होंने बताया कि रविवार की छुट्टी को हटा देने के बाद, धर्माध्यक्षों ने इसका विरोध करने के लिए बहुत कुछ नहीं किया, कुछ अंतर कलीसियाओं ने इसका विरोध प्रदर्शन किया पर यह जोर नहीं पकड़ पाया। हालांकि, इस साल ईस्टर की छुट्टी केवल इत्फाक से मिली है। व्यापारी ने समझाया कि इस्लामिक त्यौहार प्रत्येक वर्ष धार्मिक मामलों के मंत्री के नेतृत्व में एक आयोग द्वारा चन्द्रमा की गति के आधार पर स्थापित किए जाते हैं।

वर्ष की शुरुआत में, "शब-ए-बारात" इस्लामी त्योहार 21 अप्रैल के लिए निर्धारित किया गया था, जो ईस्टर है। विभिन्न चंद्र गतियों की फिर से गणना के बाद, दिन 22 अप्रैल, सोमवार में स्थानांतरित कर दिया गया। उस समय, 21 अप्रैल को वैसे भी अवकाश घोषित किया गया था।

यह पता नहीं है कि आने वाले वर्षों में ऐसा होगा या नहीं लेकिन इस साल ख्रीस्तियों ने खुशी के साथ इसका स्वागत किया है।

22 April 2019, 15:36