जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी
नई दिल्ली, शुक्रवार, 15 मार्च 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): भारत के इतिहास में पहली बार दो भारतीय क्षेत्रों ने गुड फ्राईडे को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में समाप्त करने की घोषणा की है. राष्ट्र के पश्चिमी तट पर स्थित दादरा व नागर हवेली तथा दमन व दियु क्षेत्रों ने गुड फ्राईडे पर अवकाश न रखने की घोषणा की है. दोनों ही क्षेत्र पूर्ववर्ती पुर्तगाली उपनिवेश रहे हैं.
महाधर्माध्यक्ष थेओदोर मैसकेरेनस
एशिया न्यूज़ से बातचीत में भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव महाधर्माध्यक्ष थेओदोर मैसकेरेनस ने इसे एक गम्भीर तथ्य निरूपित कर कहा, "यह बहुत दुखद है. यह प्रशासक द्वारा स्पष्ट भेदभाव को दर्शाता है. हम इन केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक सहित सभी से अपील करते हैं कि वे लोगों की भावनाओं का सम्मान करें और विभाजनकारी तरीकों से बचें ".
महाधर्माध्यक्ष थेओदोर ने कहा कि गुड्र फ्राईडे के दिन आधिकारिक अवकाश को रद्द करना बहुत ही अधिक गम्भीर बात है क्योंकि केवल दो ख्रीस्तीय पर्वों पर सार्वजनिक अवकाश रहता है. उन्होंने ध्यान आकर्षित कराया कि इससे पहले क्रिसमस के दिन को सुशासन दिवस के रूप में घोषित करने का प्रयास किया गया था. उन्होंने कहा कि ख्रीस्तीय लोग क्षेत्र में अल्पसंख्यक हैं, अस्तु, यह अनिवार्य है कि उनके अधिकारों का सम्मान किया जाये.
अल्पसंख्यकों की अपील
दादरा व नागर हवेली तथा दामन व दियु में ख्रीस्तियों की संख्या एक लाख है. ख्रीस्तियों को प्रशासन द्वारा अवकाश हटाये जाने की ख़बर उस समय मिली जब वे 19 अप्रैल को पड़नेवाले पुण्य शुक्रवार के धर्मविधि समारोहों के आयोजन में लगे थे. इन क्षेत्रों में भारतीय संसद की लोकसभा के लिये चुनाव भी 23 अप्रैल के लिये निर्धारित हैं.
दादरा व नागर हवेली तथा दामन व दियु के पुरोहितों, धर्मसमाजियों, लोकधर्मियों तथा शुभचिन्तकों ने प्रशासन की घोषणा का विरोध किया है तथा जिलाधीश एवं केन्द्रीय सरकार को पत्र लिखकर अपील की है कि वे पुण्य सप्ताह की पवित्रता को भंग न होने दें तथा ख्रीस्तियों के अधिकारों एवं उनकी भावनाओं का सम्मान करें.