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कार्डिनल जॉर्ज पेल कार्डिनल जॉर्ज पेल   (AAP Image)

ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने कार्डिनल पेल को दोषी करार दिया

वाटिकन में आर्थिक मामलों के सचिवालय के अध्यक्ष कार्डिनल जॉर्ज पेल को बाल यौन दुराचार का दोषी पाया गया है। इसका फैसला 11 दिसम्बर को सुनाया गया था किन्तु मेलबोर्न अदालत ने जाँच से संबंधित सूचना के प्रकाशन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। कार्डिनल ने अपने को निर्दोष बतलाया है और उनके वकील फिर से अपील करने की योजना बना रहे हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

77 वर्षीय कार्डिनल पेल को 2014 में बाल यौन दुराचार का दोषी पाया गया था जब वे वाटिकन में आर्थिक विभाग के सचिवालय के अध्यक्ष पद पर कार्यारत थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने 1990 के दशक में मेलबोर्न के सहायक धर्माध्यक्ष के रूप में 12 और 13 साल के दो बच्चों पर यौन उत्पीड़न किया था।

वे सन् 1996 में मेलबॉर्न के महाधर्माध्यक्ष नियुक्त हुए तथा 2003 में कार्डिनल बने। संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें कार्डिनल परिषद में शामिल होने का निमंत्रण दिया जो एक ऐसा परिषद है जिसका गठन 2013 में परमाध्यक्षीय रोमी कार्यालय में सुधार लाने के लिए किया गया है। कार्डिनल पेल 2001 में सिडनी से रोम रवाना हुए थे।

शाही ऑस्ट्रेलियाई आयोग

2014 में शाही ऑस्ट्रेलियाई आयोग (यौन दुराचार की जाँच) के सामने उन्होंने पहली बार बयान दिया था। दिसम्बर 2015 से फरवरी 2016 तक, उन्हें 1970 के दशक में बाल यौन दुराचार के आरोपी पुरोहितों को बचाने के आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने शाही ऑस्ट्रेलियाई आयोग को एक विडीयो कोन्फ्रेस द्वारा 29 फरवरी 2016 को रोम से उत्तर दिया था तथा बल्लारत के अपने धर्मप्रांत में घटनाओं की जानकारी होने से इनकार किया था।

अक्टूबर 2016 को रोम में ऑस्ट्रेलियाई वकीलों द्वारा कार्डिनल से मेलबॉर्न धर्मप्रांत में बाल यौन दुराचार पर सवाल किया गया। जून 2017 के अंत में, उनपर नाबालिगों पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ औपचारिक आरोप लगे। बल्लारत पुलिस अधिकारियों ने इसके बाद, अधिक जानकारी दिए बिना, केवल आंशिक जानकारी देकर, कई शिकायतें दर्ज कीं।

26 जुलाई को अदालत में पेश होने के आदेश के साथ कार्डिनल पेल ने वाटिकन में आर्थिक विभाग के सचिवालय को छोड़ दिया ताकि वे अपना बचाव कर सकें। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को हमेशा निराधार बतलाया है तथा यौन दुराचार को भयंकर अपराध माना है।  

नाबालिगों की सुरक्षा

कार्डिनल ने नाबालिगों के खिलाफ दुराचार को "अनैतिक और असहनीय" कहकर, उसकी निंदा की है। उन्होंने संत पापा फ्राँसिस द्वारा रोम में नाबालिगों की सुरक्षा हेतु गठित परमधर्मपीठीय आयोग का समर्थन किया है और जब वे ऑस्ट्रेलिया के धर्माध्यक्ष थे उन्होंने नाबालिगों की सुरक्षा की प्रक्रिया स्थापित की एवं पीड़ितों के लिए सहायता प्रदान किया।

जॉर्ज पेल पर कदाचार के अन्य आरोपों के लिए जाँच किया जाना था किन्तु पर्याप्त साबूत नहीं होने के कारण आरोप वापस ले लिया गया था। कोर्ट ने कानूनी कार्यवाही को प्रभावित करने से बचने के लिए मीडिया ब्लैकआउट लगा दिया गया था।

गलत फैसला

दो से अधिक दिनों के विचार-विमर्श के बाद, ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया काउंटी कोर्ट में 12 जूरी सदस्यों की सर्वसम्मति से उन्हें दोषी ठहराया गया। फैलसा 11 दिसम्बर को ही सुनाया गया था किन्तु 25 फरवरी को प्रकाशित किया गया। सजा सुनवाई आज होगी। दूसरी ओर कार्डिनल अपने को निर्दोष बतला रहे हैं और उनके वकील अपील दर्ज करने की योजना बना रहे हैं।

ऑस्ट्रेलियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की प्रतिक्रिया

ऑस्ट्रेलियाई काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष मार्क कोलेरिज ने सम्मेलन की ओर से एक वक्तव्य जारी किया है कि "ऐतिहासिक बाल यौन शोषण के आरोपों में कार्डिनल जॉर्ज पेल की सजा की खबर ने ऑस्ट्रेलिया के काथलिक धर्माध्यक्षों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और दुनिया भर के कई लोगों को चौंका दिया है। धर्माध्यक्ष मानते हैं कि नियम सभी के लिए समान है तथा वे ऑस्ट्रेलियाई कानून प्रणाली का सम्मान करते हैं। वहीं कानूनी प्रणाली जिसने फैसला सुनाया, उस अपील पर विचार करेगी जो कार्डिनल की कानूनी टीम ने दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हमारी उम्मीद है कि इसी प्रक्रिया द्वारा न्याय को बचाया जा सकता है। उन्होंने पीड़ितों एवं उनके प्रियजनों के लिए प्रार्थना की है तथा अपने को कलीसिया के प्रति समर्पित करते हुए कहा है कि हम अपने आपको कलीसिया के लिए पुनः समर्पित करते हैं ताकि कलीसिया को एक सुरक्षित स्थान बनाने में हरसंभव सहयोग दे सकें, खासकर, युवाओं एवं कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए।

26 February 2019, 16:53