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पनामा विश्व युवा दिवस में भाग लेते युवा पनामा विश्व युवा दिवस में भाग लेते युवा   (ANSA)

विश्व युवा दिवस पर संक्षिप्त रिपोर्ट

विश्व युवा दिवस युवाओं के लिए एक ऐसा अवसर है जो काथलिक कलीसिया की ओर से आयोजित की जाती है। 22 जनवरी को 34वाँ विश्व युवा दिवस 2019 का उद्घाटन पनामा में हुआ जिसमें भाग लेने के लिए संत पापा फ्राँसिस 23 जनवरी को पनामा के लिए रवाना हो चुके हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

विश्व युवा दिवस की स्थापना संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने की थी। यह पोलैंड के उन आंदोलन से प्रेरित है जिसको 1960 के दशक में काथलिक युवाओं के लिए ग्रीष्मावकाश के दौरान 13 दिनों के लिए किया जाता था। इसे "समुदाय दिवस" के नाम से जाना जाता था। प्रथम विश्व युवा दिवस 1986 में मनाया गया था जिसमें धर्माध्यक्षों को निमंत्रण दिया गया था कि वे अपने धर्मप्रांतों में खजूर रविवार के दिन वार्षिक युवा दिवस का आयोजन करें। इस तरह धर्मप्रांतीय स्तर पर युवा दिवस हर साल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर दो वर्ष में विभिन्न स्थानों में मनाया जाने लगा। विश्व युवा दिवस का इतिहास

कई लोगों का मानना है कि विश्व युवा दिवस संत पापा जॉन पौल द्वितीय की एक बेहतरीन खोज है जबकि उनका कहना था कि इसकी खोज स्वयं युवाओं ने की है। आइये, हम इसके आरम्भिक दिनों पर नजर डालें- येसु के दुःखभोग के 1950 वर्षों बाद सन् 1983 -1984 में मुक्ति का वर्ष घोषित किया गया था। संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में से एक, युवाओं का मिलन समारोह निर्धारित किया जिसको खजूर रविवार के दिन निश्चित किया गया। आयोजकों की उम्मीद थी समारोह में करीब 60,000 लोग भाग लेंगे किन्तु उनकी आशा से बहुत अधिक 2,50,000 लोग समारोह में भाग लिये।

सन् 1985 को यू एन ने अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष घोषित किया। तब संत पापा ने महसूस किया कि युवा पीढ़ी के प्रति कलीसिया की चिंता को प्रकट किया जाना आवश्यक है। अतः उन्होंने खजूर रविवार के दिन युवाओं को रोम निमंत्रित किया। इस बार 3 लाख युवाओं ने शहर के विभिन्न पल्लियों में प्रार्थनाओं और उपदेश में भाग लिया तथा संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में संत पापा जॉन पौल द्वितीय के साथ ख्रीस्तयाग में भाग लिया। इन दो सभाओं के बाद लोग सोचने लगे कि क्यों लोग इतनी भारी संख्या में प्रत्युत्तर दे रहे थे और युवा किस चीज की खोज कर रहे थे। संत पापा ने अनुभव किया कि युवा एक साथ मिलना, अपने अनुभवों को एक-दूसरे से साझा करना, विश्वास की बातों को सुनना, भविष्य की ओर एक साथ देखना और अपने समर्पण को नवीकृत एवं सुदृढ़ करना चाहते थे। अतः 1985 के अंत में उन्होंने विश्व युवा दिवस की घोषणा की तथा कहा कि इसे धर्मप्रांत में हर साल मनाया जाना चाहिए।

विश्व युवा दिवस खजूर रविवार को क्यों?

पोप जॉन पौल द्वितीय ने युवाओं से कहा था कि "आप सभी का प्रत्युत्तर जो इस दिन को मनाने के लिए तीर्थयात्री के रूप में कई सालों से आ रहे हैं,... क्या इसका अर्थ नहीं हो सकता कि आप इनके रहस्य के केंद्र में ख्रीस्त की खोज कर रहे हैं? आप इसे सच्चाई की पूर्णता में खोज रहे हैं जो स्वयं ख्रीस्त हैं जो मानव इतिहास में आये।" (उपदेश, 27 मार्च 1988, खजूर रविवार, 3रा विश्व युवा दिवस)  

धर्मप्रांतों में मनाये जाने वाले युवा दिवस को शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के साथ जोड़ा गया। आरम्भ के दिनों में इसे दो वर्ष में एक बार मनाया जाता था। धर्मप्रांतों में प्रथम विश्व युवा दिवस 1986 को मनाया गया और उसके बाद प्रथम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व युवा दिवस 1987 को अर्जेंटीना के बोयनोस आयरेस में मनाया गया। चौथा विश्व युवा दिवस 1989 में स्पेन के संतियागो दी कोम्पोस्तेला में आयोजित किया गया था। उसी तरह 6वाँ विश्व युवा दिवस पोलैंड के चेस्तोकोवा में 1991 में मनाया गया, जहाँ बर्लिन की दीवार गिराये जाने के बाद पूर्वी तथा पश्चिमी यूरोप के युवा पहली बार एक साथ मिले। 8वाँ विश्व युवा दिवस 1993 को अमरीका में आयोजित किया गया जिसमें युवाओं को बिना भय सुसमाचार का प्रचार करने का आह्वान किया गया। 10वाँ विश्व युवा दिवस मनीला में आयोजित किया गया जिसमें 5 लाख युवाओं ने भाग लिया था। 2000 में ख्रीस्त जयन्ती के उपल्क्ष्य में विश्व युवा दिवस का आयोजन रोम में किया गया, जहाँ संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने लाखों युवाओं के बीच कृपा के अनोखे समय को सहर्ष बांटा। उन्होंने युवाओं को "दिन के प्रहरी" बनने हेतु प्रेरित किया।

विश्व युवा दिवस को जारी रखते हुए संत पापा बेनेडिक्ट ने जर्मनी, सिडनी और मडरिड में तीन विश्व युवा दिवस सम्पन्न किये। उसके बाद संत पापा फ्राँसिस ने ब्राजील और पोलैंड में विश्व युवा दिवस मनाया और 34वाँ विश्व युवा दिवस 2019 का उद्घाटन 22 जनवरी को मध्य अमरीका के पनामा में किया गया है जिसमें भाग लेने के लिए संत पापा फ्राँसिस 23 जनवरी को पनामा के लिए रवाना हो चुके हैं।

विश्व युवा दिवस का उद्देश्य

हर महत्वपूर्ण कार्य की तरह विश्व युवा दिवस के तीन मुख्य उद्देश्य हैं – एक उत्सव का आयोजन जिसके माध्यम से युवाओं में विश्वास जगाना, युवाओं को तीर्थयात्रा के लिए अवसर देना तथा विश्वभर के युवाओं के साथ मुलाकात करने हेतु उन्हें अवसर प्रदान करना।

इस वर्ष विश्व युवा दिवस की विषयवस्तु है, ''देखिए, मैं प्रभु की दासी हूँ। आपका कथन मुझ में पूरा हो जाये।'' (लूक.1˸38)

पनामा में कितने तीर्थयात्री?

अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षों के अनुसार अमरीका से 11,000 युवाओं का नामांकन किया गया है। अमरीका से विश्व युवा दिवस में भाग लेने वाले धर्माध्यक्षों की संख्या 30 है। भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेनहास ने बतलाया कि भारत से कुल 56 युवा और एक धर्माध्यक्ष पनामा के विश्व युवा दिवस में भाग ले रहे हैं।  

वाटिकन प्रेस कार्यालय के अंतरिम निदेशक अलेसांद्रो जिसोत्ती ने 18 जनवरी को कहा था कि कुल 150,000 युवा 155 देशों से तीर्थयात्रियों का नाम दर्ज किया है जो पहले के अनुपात में कम है। पोलैंड के क्राकोव में आयोजित विगत विश्व युवा दिवस में करीब 2 लाख तीर्थयात्रियों ने भाग लिया था।

हालांकि, पनामा महाधर्मप्रांत के अंतरराष्ट्रीय मीडिया संयोजक ने कहा है कि करीब 408,000 से अधिक तीर्थयात्रियों का नामांकन किया जा चुका है और संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। आयोजकों की आशा है कि 27 जनवरी को विश्व युवा दिवस के समापन मिस्सा में करीब 5 लाख लोग भाग लेंगे।

संत पापा फ्राँसिस से युवाओं की मुलाकात

संत पापा फ्राँसिस 23 जनवरी को पनामा पहुँचेंगे। वे 25 जनवरी को युवा कैदियों के लिए पापस्वीकार संस्कार का अनुष्ठान करेंगे तथा उनके साथ शाम को "क्रूस का रास्ता" प्रार्थना करेंगे। 26 जनवरी को मेट्रो पार्क में युवाओं के साथ जागरण प्रार्थना में भाग लेंगे। अंततः संत पापा फ्राँसिस 27 जनवरी को प्रातः 8.00 बजे समापन का ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे।  

23 January 2019, 14:53