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जापान के हिरोशिमा शांति स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते संत पापा जॉन पौल द्वितीय जापान के हिरोशिमा शांति स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते संत पापा जॉन पौल द्वितीय 

वाटिकन द्वारा परमाणु विकिरण के प्रभाव पर यूएन की सराहना

अमरीका के लिए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत एवं स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष बेरनादित्तो औजा ने संयुक्त राष्ट्र की आमसभा के 73वें सत्र में अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया जिसकी विषयवस्तु थी, परमाणु विकिरण का प्रभाव।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

महाधर्माध्यक्ष औजा ने वक्तव्य की शुरूआत परमाणु विकिरण के प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिक समिति के अच्छे कार्यों की सराहना करते हुए की।

इस साल की शुरुआत में परमाणु विकिरण के प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिक समिति ने अपने 65वें सत्र का निष्कर्ष निकाला, जो रेडियोलॉजिकल पर केंद्रित था जिसके परिणामस्वरूप चेरनोबिल (यूक्रेन) और फुकुशिमा (जापान) में परमाणु दुर्घटनाएं हुईं थी। ये दुर्घटनाएं अनुस्मारक हैं कि परमाणु ऊर्जा का उपयोग जोखिम के बिना नहीं होता और कभी-कभी यह अत्यन्त खतरनाक भी होता है। अतः यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि शांति प्रयोजनों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।

हिरोशिमा और नागासाकी

इसके अलावा, जो विश्लेषण परमाणु विकिरण के प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिक समिति द्वारा किये गये हैं उसे रेडियोलॉजिकल प्रभाव पर लागू किया जा सकता है जो परमाणु हथियारों के उपयोग का पालन करता है, विशेष रूप से शहरों के खिलाफ। हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु हथियारों के प्रयोग के बाद हम आयनीकरण विकिरण के संपर्क में आने वाली मौतों और चोटों की यादों के साथ जी रहे हैं तथा प्रार्थना करते हैं कि परमाणु हथियारों का उपयोग फिर कभी न किया जाए।

परमाणु विकिरण के प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिक समिति ने व्यक्तियों पर विकिरण के प्रभाव पर स्वाभाविक रूप से और मानव निर्मित स्रोतों से, पर्यावरण पर किये जाने वाले काम को जारी रखा है।

जीवन और पर्यावरण पर उसके प्रभाव

वाटिकन प्रतिनिधि ने कहा कि वे 2015 में दी गई रिपोर्ट के बाद फुकुशिमा आपदा पर समिति के अपडेट का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकिरण के संपर्क के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में अधिक जानने में यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, विश्व समुदाय को परमाणु के प्रभाव के नए डेटा के साथ, विकिरण एवं लोगों के जीवन और पर्यावरण पर उसके प्रभाव की एक गहरी समझ प्रदान करेगी। इस तरह के सहयोग व्यक्तियों और संगठनों को अनुकूल उपयोग हेतु मदद करेगी और सूचना के रूप में व्यापक रूप से प्रसार और नए वैज्ञानिक निष्कर्ष प्रसार की सुविधा प्रदान करेगी।

महाधर्माध्यक्ष औजा ने परमाणु विकिरण के प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिक समिति के कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दी तथा अपने सहयोग का आश्वासन दिया।

07 November 2018, 15:44