Cerca

Vatican News
बम विस्फोट के बाद कैमरून में कर्फ्यू बम विस्फोट के बाद कैमरून में कर्फ्यू  (AFP or licensors)

कैमरून में सेना की गोलीबारी में काथलिक पुरोहित की हत्या

कैमरून में हाल के वर्षों में जारी सैनिक एवं राजनैतिक संघर्ष के बीच, देश के माम्फे में सेवारत काथलिक पुरोहित फादर कॉसमोस ओमबातो ओन्दारी की 21 नवम्बर को सेना की गोलीबारी में हत्या हो गई। फादर कॉसमोस ओमबातो ओन्दारी मिल हिल मिशनरी धर्मसमाज के सदस्य थे तथा 2017 से कैमरून में अपनी प्रेरिताई का निर्वाह कर रहे थे।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

याऊन्दे, कैमरून, शुक्रवार, 23 नवम्बर 2018, (सी.एन.आ.): कैमरून में हाल के वर्षों में जारी सैनिक एवं राजनैतिक संघर्ष के बीच, देश के माम्फे में सेवारत काथलिक पुरोहित फादर कॉसमोस ओमबातो ओन्दारी की 21 नवम्बर को सेना की गोलीबारी में हत्या हो गई. ादर कॉसमोस ओमबातो ओन्दारी मिल हिल मिशनरी धर्मसमाज के सदस्य थे तथा 2017 से कैमरून में अपनी प्रेरिताई का निर्वाह कर रहे थे.

सशस्त्र संघर्ष के बीच निर्दोष लोगों की हत्या

कैमरून में विगत माहों में हत्या के शिकार हुए फादर ओन्दारी दूसरे काथलिक पुरोहित हैं. जुल 20 जुलाई को ही माम्फे में फादर एलेक्ज़ेनडर सोब नौगी की हत्या कर दी गई थी.

19 अक्टूबर माह में एक 19 वर्षीय काथलिक गुरुकुल छात्र को मार डाला गया था. मस माह के आरम्भ में विद्रोही गुरिल्लाओं द्वारा धर्मबहनों के एक दल का अपहरण कर लिया गया था जिन्हें दूसरे दिन रिहा कर दिया गया था.

प्राप्त समाचारों के अनुसार, 2017 से कैमरून में गुरिल्ला दल राष्ट्र के अँग्रेज़ी एवं फ्रेंच भाषी प्रान्तों से अलग होने की मांग कर रहे हैं.

 300,000 कैमरूनवासी शरणार्थी, 80,000 विस्थापित

कैमरून की सेना तथा गुरिल्ला दलों के बीच विगत तीन वर्षों से जारी सशस्त्र संघर्ष में दोनों पक्षों से सैकड़ों लोग मारे गये हैं जबकि तीन लाख लोग नाईजिरिया में शरण लेने के लिये बाध्य हुए हैं और कैमरून के अन्तर में लगभग 80.000 लोग विस्थापित हो गये हैं.

इसी बीच, 30 मई, 2017 को कैमरून में मर्माध्यक्ष जान मारी बेनोईत बाला अपने निवास गायब हो गये थे. ेसरे दिन उनका पार्थिव शव एक नदी से बरामद किया गया था. परीक्षा से पता चला था कि धर्माध्यक्ष डूब कर नहीं मरे थे.   

कैमरून के काथलिक धर्माध्यक्षों का दावा है कि धर्माध्यक्ष बाला की हत्या की गई थी. उन्होंने कैमरून की सरकार पर अपराध की जाँचपड़ताल नहीं करने का आरोप लगाया है. सरकार का कहना है कि धर्माध्यक्ष बाला की हत्या का राष्ट्र में जारी सैन्य संघर्ष से कोई सम्बन्ध नहीं है.

 

23 November 2018, 10:39