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ब्रिटेन में युद्ध विराम की 100वीं सालगिराह समारोह ब्रिटेन में युद्ध विराम की 100वीं सालगिराह समारोह  (ANSA)

प्रथम विश्वयुद्ध के विराम दिवस पर शहीदों की याद

प्रथम विश्वयुद्ध के विराम का इस वर्ष 100वीं वर्षगाँठ है। ग्रेट ब्रिटेन के धर्माध्यक्ष पौल मासोन ने वाटिकन न्यूज से बातें करते हुए युद्ध विराम के महत्व पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

रविवार 11 नवम्बर को प्रथम विश्व युद्ध के युद्धविराम की 100वीं यादगारी मनायी जायगी।

शहीदों की याद

धर्माध्यक्ष ने कहा कि शहीदों की याद करना अतीत से सीख लेना है। यह हमारे इतिहास की रचना में भाग लेना है। इसके द्वारा हम बेहतर रूप से समझने लगते हैं कि हम कहाँ से आये हैं। अतीत पर आम जिम्मेदारियों में भाग लेना, किसी भी राष्ट्र के लिए हितकर है। यह देश को पहचान प्रदान करने हेतु आकार देता तथा बलिदानों को समझता कि वह उनके लिए किया गया है। व्यवहारिक स्तर पर देश के अतीत को जानना वर्तमान में जी रहे लोगों के लिए लाभदायक है, खासकर शहीदों की याद।

हमें युद्ध में मारे गये लोगों को याद करने की आवश्यकता है ताकि उनका बलिदान व्यर्थ न हो। हम उन्हें सम्मान दे सकें तथा उन्हें सकारात्मक प्रकाश में देख सकें।    

प्रथम विश्व युद्ध के अंत की याद

प्रथम विश्व युद्ध के समापन की 100वीं वर्षगाँठ को वे किस तरह मनायेंगे इसकी जानकारी देते हुए धर्माध्यक्ष मसोन ने कहा कि रविवार को रोयल अल्बर्ट हॉल में सैन्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जो संगीत एवं प्रार्थना के साथ सभी लोगों को एक साथ लायेगा। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

 इस समारोह में धर्माध्यक्ष मसोन भी भाग लेंगे तथा लंदन के श्वेत हॉल में शाही परिवार के साथ शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा अवसर होगा क्योंकि इसमें न केवल ख्रीस्तीय समुदाय भाग लेगा बल्कि, प्रार्थना के लिए यह एक राष्ट्रीय दिवस होगा।

पोप्पी दिवस

लंदन में युद्धविराम दिवस को पोप्पी दिवस भी कहा जाता है। इन लाल पोप्पियों को हजारों ब्रिटीश सैनिकों ने बेलजियम में युद्ध के दौरान देखा था। इस कारण तथा इसके लाल रंग के कारण यह युद्ध मैदान में खून की याद दिलाती है। इसे एक प्रतीक के रूप में लिया जाता है।  

10 November 2018, 16:03