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अंतरराष्ट्रीय करितास जलवायु परिवर्तन संकट पर अंतरराष्ट्रीय करितास जलवायु परिवर्तन संकट पर 

जलवायु परिवर्तन की समस्या आज, अंतरराष्ट्रीय करितास

जलवायु परिवर्तन की समस्या का सामना करने के लिए 6 महादेशों के धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों द्वारा एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर, तत्काल करर्वाई की मांग कर रहा है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

6 महादेशों के धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के अध्यक्षों ने एक ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया है जिसमें सरकारी नेताओं से अपील की गयी है कि जलवायु संकट के विनाशकारी प्रभावों को रोकने के प्रयास में, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।

करीतास इंटरनेशनलिस के नीति निदेशक मार्टिन लैइबस्क ने शुक्रवार 26 अक्टूबर को दस्तावेज को प्रस्तुत किया तथा उसकी व्याख्या की। अपील में मांग की गयी है कि पृथ्वी एवं सभी मनुष्यों की रक्षा हेतु पेरिस संधि को लागू करने के लिए राजनीतिक अधिकारी कार्य करें।

एक आम घर

मार्टिन ने कहा कि दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र के अगले जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कोप 24 से प्रेरित है जो पौलैंड में दिसम्बर माह में आयोजित किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है क्योंकि हमारी एक ही पृथ्वी है, एक आमघर है और हमें इसकी रक्षा करनी है।

लिएबश ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो लोगों का आह्वान करती है कि वे आम घर की देखभाल करने तथा वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेललियस तक नियंत्रित रखने की आवश्यकता एवं जिम्मेदारी को समझें।  

जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय पैनल की रिपोर्ट

उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय पैनल द्वारा हाल की सबसे चौंकाने वाली रिपोर्ट पर गौर करते हुए चेतावनी दी कि यदि हम इसके लिए प्रयास नहीं करेंगे तो निकट भविष्य में विश्व का कुछ हिस्सा रहने लायक नहीं रह जाएगा। यह स्थिति दूर नहीं है यह आज भी देखने को मिल रही है। 

लिएबश ने कहा कि दस्तावेज मुम्बई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस, महाधर्माध्यक्ष जॉन क्लौदे होलेरिक तथा ओसिनिया के युवा प्रतिनिधि की उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया। 

जलवायु परिवर्तन का चेहरा

उन्होंने कहा कि जो बात मुझे प्रभावित की वह यह है कि जलवायु परिवर्तन कोई आँकड़ा अथवा डिग्री की बात  नहीं है बल्कि लोगों की बात है।

 

27 October 2018, 16:57