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यमन होदेइदाह संघर्ष यमन होदेइदाह संघर्ष  (AFP or licensors)

यमन के युद्धरत पार्टियों को बातचीत करने हेतु आमंत्रण

संयुक्त राज्य अमेरिका का समर्थन प्राप्त एक सऊदी नेतृत्व वाले सुन्नी गठबंधन 2015 से यमन में शिया के नेतृत्व वाले हौथियों के साथ युद्ध कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने सितंबर में जेनेवा में यमन के युद्धरत पार्टियों को बातचीत करने हेतु आमंत्रित किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

जेनेवा, शनिवार 4 अगस्त2018 (वाटिकन न्यूज) :  संयुक्त राष्ट्र ने जेनेवा में 6 सितंबर को 3 साल के संघर्ष को समाप्त करने के लिए यमन के युद्धरत पार्टियों को बातचीत करने हेतु आमंत्रित किया है।

शांति का अवसर

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफिथ्स ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि "युद्ध को समाप्त करने के लिए कठिन और अनिश्चित यात्रा शुरू करने" का समय है और अब शांति के अवसरों का जोर करने का मौका है।

ग्रिफिथ्स ने कहा, "कुवैत के शांति वार्ता के आखिरी दौर के दो साल बाद, राजनीतिक प्रक्रिया को शुरु करने का समय बीत चुका है।" वे संयुक्त राष्ट्र समर्थित शांति वार्ता का जिक्र कर रहे थे, जो अप्रैल 2016 में कुवैत ले जाने से तीन साल पहले स्विट्जरलैंड में हुआ था।

2014 में शिया नेतृत्व वाली हुथी विद्रोहियों ने यमन  में संघर्ष को तेज कर यमन की राजधानी साना पर नियंत्रण कर लिया था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अब्द्रबूब मंसूर हादी की सरकार निर्वासन में भेज दिया था। एक सऊदी नेतृत्व वाली सुन्नी गठबंधन, जिसकी संयुक्त राज्य अमेरिका का समर्थन है, 2015 से ईरानी समर्थित हुथी विद्रोहियों के साथ युद्ध कर रहा है ताकि हादी सरकार को बहाल किया जा सके।

समाधान सिर्फ वार्ता, सैन्य नहीं

ग्रिफिथ्स लाल सागर के बंदरगाह शहर होदेइदाह पर गठबंधन हमले को रोकने का पूरा प्रयास कर रहे हैं, जो कि यमन के 70 प्रतिशत से अधिक आयात के लिए ज़िम्मेदार है और पहले से ही अकाल के कगार खड़े  देश की लोगों के जीवन को बचाने का एक महत्वपूर्ण साधन है।

उन्होंने काउंसिल के सदस्यों से कहा कि वे "सैन्य संघर्षों के बजाय वार्ता के माध्यम से इस संघर्ष को हल करने के लिए पार्टियों से आग्रह करें। वे 6 सितंबर को जेनेवा में लाल सागर को संघर्ष के बाहर रखने के लिए और होदेइदाह पर गठबंधन के हमले को रोकने के लिए वार्ता में भाग लेने हेतु आमंत्रित करें।"

मानवीय आपदा

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के मानवीय मामलों के समन्वय और प्रतिक्रिया विभाग (ओसीएचए) के निदेशक जॉन गिंग ने यमन में गंभीर स्थिति पर सुरक्षा परिषद को भी संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि 22 मिलियन से अधिक लोगों या 75 प्रतिशत आबादी के लिए मानवीय सहायता और सुरक्षा की आवश्यकता है। तीन साल के संघर्ष ने 2 मिलियन लोगों को अपने घरों से विस्थापित किया है; 8.4 मिलियन लोग नहीं जानते कि उनका अगला भोजन कहां से आयेगा।  पिछले साल यमन में दुनिया में सबसे खराब कोलेरा प्रकोप से 1.1 मिलियन लोग प्रभावित हुए थे।

उन्होंने कहा कि 1 जून से होदेइदाह शहर में संघर्ष शुरु होने के बाद करीब 340,000 लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गये हैं।"यमनी लोगों को लम्बे समय से संघर्ष का सामना करना पड़ा है और इसमें बहुत लोग मारे गये हैं। इस संघर्ष का अंत करना जरुरी है।”

01 July 2018, 15:49