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निर्मल हृदय आश्रम, राँची निर्मल हृदय आश्रम, राँची  (AFP or licensors)

उदारता के मिशनरी धर्मसंघ के आश्रमों की निरीक्षण का आदेश

जुलाई 16 को जारी एक वकतव्य में महिला व बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि झारखण्ड के राँची स्थित मिशनरी ऑफ चैरिटी धर्मसंघ के आश्रम निर्मल हृदय के विरुद्ध लगाये गये आरोप के बाद मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। मंत्री मेनका गाँधी ने सभी राज्यों में मिशनरीज़ ऑफ चैरीटी द्वारा संचालित आश्रमों के तत्काल निरीक्षण का आदेश जारी किया है।

जूलयट जेनेविव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

भोपाल, शुक्रवार, 20 जुलाई 2018 (ऊका समाचार): राँची में एक धर्मबहन पर गोदने के लिये बच्चों के विक्रय का आरोप लगने के बाद, भारतीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने संत मदर तेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरी ऑफ चैरिटी धर्मसंघ द्वारा संचालित सभी बाल देखभाल घरों के निरीक्षण का आदेश दिया है।

मंत्रालय का आदेश

जुलाई 16 को जारी एक वकतव्य में उक्त मंत्रालय ने कहा कि झारखण्ड के राँची स्थित मिशनरी ऑफ चैरिटी धर्मसंघ के आश्रम निर्मल हृदय के विरुद्ध लगाये गये आरोप के बाद मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। मंत्री मेनका गाँधी ने सभी राज्यों में मिशनरीज़ ऑफ चैरीटी द्वारा संचालित आश्रमों के तत्काल निरीक्षण का आदेश जारी किया है।

एक दम्पत्ति द्वारा लगाये आरोप के बाद सि. कॉन्सिलिया बालसा तथा समाज सेविका आनिमा इन्दवर को 04 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन्दवर ने पुलिस के समक्ष यह स्वीकार किया है उसने बच्चा गोद देने के लिये पैसे लिये थे किन्तु बच्चे देने की प्रतिज्ञा पूरा नहीं कर पाई।

सि. प्रेमा का स्पष्टीकरण

मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी धर्मसंघ की अध्यक्षा सि. मेरी प्रेमा पियरिक ने इस सन्दर्भ में 17 जुलाई को एक बयान जारी कर कहा, "हम जांचपड़ताल में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और किसी भी तरह के न्यायसम्मत सवाल और पूछताछ के लिये तैयार हैं"। उन्होंने बताया कि इन्दवर विगत छः वर्षों से उनके आश्रम में नौकरी कर रही थीं तथा सि. कॉन्सिलिया उसपर पूरा भरोसा करती थी।

सन् 1950 में मदर तेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी धर्मसंघ के 5,167 सदस्य हैं जो विश्व के 139 देशों में 760 आश्रमों का संचालन कर रहे हैं। भारत में धर्मसंघ के 244 आश्रम हैं।

20 July 2018, 10:57