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फिनलैंड वानता हवाईअड्डा में लियू जिया फिनलैंड वानता हवाईअड्डा में लियू जिया  (Lehtikuva)

चीन के नजरबंद से मुक्त लियू ज़िया अब बर्लिन में

लियू ज़िया की रिहाई संयुक्त राष्ट्र मानवअधिकार कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की कई अपीलों और जर्मनी की एंजेला मार्केल के संभावित प्रत्यक्ष हस्तक्षेप का परिणाम है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

“लियू ज़िया मुक्त है और बर्लिन के रास्ते में है।” चीनी बीबीसी ने यह खबर जारी की और ‘वीचैट’ पर अपने भाई लियू हुई द्वारा पुष्टि की गई कि उनकी बहन ने मंगलवार सुबह "एक नया जीवन शुरू करने के लिए" जर्मनी की राजधानी के लिए छोड़ा।

लियू ज़िया, एक कवयित्री और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और 2010 से औपचारिक आरोपों के बिना नजरबंद कर ली गई थी जब उनके पति लियू ज़ियाओबो को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पिछले साल 13 जुलाई को लियू ज़ियाओबो की मृत्यु हो गई थी, उन्हें जेल में यकृत कैंसर से मरने के लिए छोड़ दिया गया था। उसके पति की मृत्यु और लंबे समय तक कारावास ने कवयित्री के नाजुक मानसिक स्वास्थ्य पर भारी असर डाला। उनकी मानसिक बीमारी को देखते हुए उनके रिश्तेदार और दोस्त बहुत चिंतित थे।

लियू ज़िया ‘फिनएयर’ से उड़ान भरकर फिनलैंड में 2 बजे लैंडिंग की और फिर वहाँ से जर्मनी के लिए विमान लिया। लियू ज़िया का भाई लियू हुई बीजिंग में ही है। एक हांगकांग राजनेता अल्बर्ट हो के मुताबिक, उन्हें चीनी अधिकारियों द्वारा "बंधक" बनाया जा सकता था: "उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए किया कि उसकी बहन लियू ज़िया सीमा से अधिक कुछ भी नहीं कहेंगी। मुझे यकीन है कि उन्हें छोड़ने की अनुमति देने से पहले उसके भाई को कई वादे करने पड़े।"

लियू ज़िया की रिहाई संयुक्त राष्ट्र मानवअधिकार कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की कई अपीलों और जर्मनी की एंजेला मार्केल के संभावित प्रत्यक्ष हस्तक्षेप का परिणाम है। इन दिनों चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग जर्मनी में है, उन्होंने सोमवार को चांसलर मार्केल से मुलाकात की थी। बीजिंग की यात्रा के दौरान, मार्केल ने मानवाधिकारों के मुद्दों और लियू ज़ियाओबो की विधवा के मामले को उठाया था,साथ ही गिरफ्तार मानवाधिकार वकीलों की पत्नियों से भी मुलाकात की थी।

11 July 2018, 17:25