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विश्व युवा दिवस के क्रूस के साथ युवा विश्व युवा दिवस के क्रूस के साथ युवा 

धर्मप्रांतीय स्तर पर युवा दिवस मनाने हेतु वाटिकन द्वारा निशानिर्देश

लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद ने स्थानीय कलीसियाओं में विश्व युवा दिवस मनाने हेतु दिशानिर्देश जारी किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार, 19 मई 2021 (रेई)- लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद ने मंगलवार को एक प्रेस सम्मेलन जारी कर "स्थानीय कलीसियाओं में विश्व युवा दिवस मनाये जाने हेतु प्रेरितिक दिशानिर्देश" प्रस्तुत किया।

परिषद के अनुसार दिशानिर्देश का उद्देश्य है- एक संसाधन उपलब्ध करना जो आदर्श प्रेरणा हो और संभावित व्यावहारिक कार्यान्वयन प्रस्तुत करे, जिसके द्वारा धर्मप्रांत में आयोजित विश्व युवा दिवस, क्षमताओं को बाहर निकालने का उत्तम अवसर बने, अर्थात् प्रत्येक युवा को उनकी उदारता, सच्चे मूल्यों और महान आदर्शों की प्यास को बूझाने का अवसर मिले।

वाटिकन प्रेस कार्यालय द्वारा लाईव स्ट्रिमिंग के माध्यम से जारी प्रेस सम्मेलन में कई वक्ताओं ने वक्तव्य प्रस्तुत किया, जिनमें, फादर अलेसांद्रे अवि मेल्लो और फादर जोअओ कंगास, परिषद के युवा विभाग के सचिव एवं प्रमुख उपस्थित थे।

विश्व युवा दिवस

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व युवा दिवस हर तीन साल में अलग-अलग देशों में मनाया जाता है, जिसमें संत पापा फ्राँसिस भी भाग लेते हैं। स्थानीय कलीसिया में इसे हर साल मनाया जाता है।

हर साल इस युवा उत्सव के पूर्व संत पापा फ्राँसिस एक संदेश प्रकाशित करते हैं जिसका उद्देश्य होता है, "विश्वव्यापी कलीसिया के साथ युवाओं की यात्रा को साथ देना।"

उत्सव के लिए पृष्ठभूमि प्रदान करते हुए दस्तावेज में गौर कया गया है कि विश्व युवा दिवस, संत पापा जॉन पौल द्वितीय के "महान नबी के रूप में अंतर्दृष्टि" का परिणाम है। संत पापा चाहते थे कि सभी युवा कलीसिया के द्वारा चिंता किये गये महसूस करें और इस तरह पूरी कलीसिया संत पेत्रुस के उत्तराधिकारी के साथ युवाओं की चिंताओं और उनकी आकांक्षाओं एवं आशाओं के प्रति अधिक प्रतिबद्ध हो सकें, ताकि इस बात को प्रकट करते हुए उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके कि ख्रीस्त सचमुच हैं, ख्रीस्त सत्य हैं और ख्रीस्त प्रेम हैं।   

संत पापा बेनेडिक्ट 16वें ने इसी पंक्ति पर आगे बढ़ते हुए कई अवसरों पर जोर दिया था कि यह अवसर कलीसिया के लिए "एक ईश्वरीय वरदान है... विश्वास की थकान के खिलाफ एक उपाय है", एक नवीन, अधिक युवा कलीसिया और व्यवहार में लाया गया एक नया सुसमाचार प्रचार है।"  

संत पापा फ्राँसिस ने भी कलीसिया के लिए एक असाधारण मिशनरी बल प्रदान किया है, खासकर, युवा पीढ़ी के लिए। 2013 में रियो दी जानेइरो में विश्व युवा दिवस के अंत में संत पापा फ्रांसिस ने कहा था कि यह अवसर "ख्रीस्त के क्रूस को धारण कर महाद्वीपों को पार करनेवाले युवाओं की तीर्थयात्रा पर एक नया चरण है" उन्होंने युवाओं से कहा था, "हमेशा याद रखें, युवा पोप का अनुसरण नहीं करते, वे येसु ख्रीस्त के क्रूस को ढोते हुए उनका अनुसरण करते हैं।"  

स्थानीय कलीसियाओं में

दस्तावेज जो स्थानीय कलीसिया में विश्व युवा दिवस मनाने पर प्रकाश डालता है यह युवाओं एवं स्थानीय कलीसियाई समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अपने अध्ययन, काम या आर्थिक समस्या के कारण भाग नहीं ले सकते। इस दृष्टिकोण से, स्थानीय स्तर पर विश्व युवा दिवस मनाया जाना, पूरे कलीसियाई समुदाय – लोकधर्मी, पुरोहित, समर्पित लोगों, परिवारों, वयस्कों और बुजूर्गों में जागृति लाता है कि उनका मिशन है युवा पीढ़ी के लिए विश्वास को हस्तांतरित करना।  

2018 में "युवा, विश्वास और बुलाहटीय आत्मपरख" पर आयोजित धर्माध्यक्षीय धर्मसभा, हमें याद दिलाती है कि पूरी कलीसिया (विश्वव्यापी और स्थानीय) युवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को महसूस कर सके तथा अपने आपको उनके सवालों, आकांक्षाओं एवं कठिनाइयों द्वारा चुनौती दिये जाने दे। इस प्रकार यह अवसर कलीसिया को युवाओं के साथ कार्य करने, उनका स्वागत करने एवं धैर्य पूर्वक उन्हें सुनने के महत्व का स्मरण दिलाता है, साथ ही, स्नेह सहित उनके लिए ईश वचन का प्रचार का करने के लिए प्रेरित करता है।  

इस तरह प्रेरितिक दिशानिर्देश को सक्रिय योजना एवं पहलों को लागू करने के एक अनुकूल अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए जो दर्शाता है कि कलीसिया युवाओं के साथ मिशन को प्रेरितिक प्राथमिकता के रूप में महत्वपूर्ण बनाता एवं इसके लिए समय, उर्जा एवं संसाधन खर्च करता है। हालांकि, अलग-अलग कलीसियाओं में इसे अलग तरीकों से किया जा सकता है।  

ख्रीस्त राजा महापर्व

22 नवम्बर 2020 को ख्रीस्त राजा महापर्व के अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने स्थानीय कलीसियाओं में विश्व युवा दिवस मनाये जाने का आह्वान किया था। संत पापा ने घोषित किया था कि विश्व युवा दिवस जिसको परम्परा अनुसार खजूर रविवार के दिन मनाया जाता था, अब 2021 से, ख्रीस्त राजा महापर्व के दिन मनाया जाएगा।  

इस दोनों समारोहों के बीच संबंध बतलाते हुए दस्तावेज में कहा गया है कि खजूर रविवार को येसु येरूसालेम में एक राजा के रूप में गद्हे पर सवार होकर प्रवेश करते हैं (मती. 21˸5) और भीड़ उनका जयजयकार करती है, "दाऊद के पुत्र को होसन्ना! धन्य हैं वे जो प्रभु के नाम पर आते हैं, सर्वोच्च में होसन्ना! सुसमाचार लेखक लूकस उसमें "राजा" जोड़ते हैं, वे जोर देते हैं कि मसीह एक राजा भी हैं।(लूक 19:38)

इस आलोक में मूल घोषणा को युवाओं के लिए सम्बोधित किया जाना चाहिए और यह हर धर्मप्रांतीय विश्व युवा दिवस के केंद्र में हो जिसको ख्रीस्त राजा महापर्व के दिन ख्रीस्त का स्वागत करने के लिए मनाया जाए। हमारे जीवन में उन्हें एक राजा के रूप में स्वीकार किया जाए। वे एक राजा हैं जो हमें बचाने आये। उनके बिना कोई सच्ची शांति नहीं है और न ही दूसरों के साथ सच्चा मेल-मिलाप। उनके राज्य के बिना समाज अपना मानवीय चेहरा खो देता है। ख्रीस्त के राज्य के बिना, सब सच्चा भ्रातृत्व एवं पीड़ित लोगों के प्रति वास्तविक सामीप्य समाप्त हो जायेगी।

संत पापा गौर करते हैं कि इन दो समारोहों के केंद्र में "मानव जाति के मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त का रहस्य है और मूल संदेश यह है कि मानव जाति की पूरी महानता प्रेम में उपजती है जो अपने आपको अंत तक दूसरों के लिए अर्पित कर देती है।   

अतः लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परिषद धर्मप्रांतों को निमंत्रण देता है वे ख्रीस्त राजा के महापर्व के दिन विश्व युवा दिवस मनायें, युवाओं को प्रेरितिक देखभाल के केंद्र में रखें, उनके लिए प्रार्थना करें और अन्य बातों में सम्पर्क अभियान को बढ़ावा देने के लिए उन्हें मुख्य पात्र के रूप में स्थान दें। धर्मप्रांत इन समारोहों को एक वृहद प्रेरितिक यात्रा के अंग के रूप में ले, जिसका विश्व युवा दिवस एक मंच है।

विश्व युवा दिवस - विश्वास का उत्सव  

प्रेरितिक दिशा-निर्देशों ने छह आधारशिलाओं की भी खोज की है जिन्हें विश्व युवा दिवस के केंद्र में होनी चाहिए।

दिशा-निर्देश में कहा गया है कि "विश्व युवा दिवस, युवाओं को आनन्द एवं जीवंत रूप से विश्वास एवं एकता का अनुभव कराता है। यह ईश्वर के चेहरे की सुन्दरता का एहसास करने का स्थान है, चूँकि विश्वास के जीवन के केंद्र में येसु के साथ हमारी मुलाकात है प्रत्येक विश्व युवा दिवस को "हर युवा के लिए मसीह से मिलने और उसके साथ एक व्यक्तिगत संबंध में प्रवेश करने के लिए निमंत्रण होना चाहिए।"

इस संदर्भ में, अंतरराष्ट्रीय विश्व युवा दिवस से स्थानीय कलीसिया के समारोह को प्रेरणा लेनी चाहिए, जहाँ विश्वास की क्रिया के रूप में यूखरिस्त की मौन आराधना एवं पश्चाताप की धर्मविधि का समय होता है जो ईश्वर की दया को प्राप्त करने के विशेष अवसर हैं।  

कलीसिया का अनुभव

दिशानिर्देश में जोर दिया गया है कि विश्व युवा दिवस युवाओं के लिए कलीसियाई एकता को महसूस एवं उस जागृति में बढ़ने का समय हो कि वे कलीसिया के अभिन्न अंग हैं।

इस चीज को हासिल करने के लिए पहला उपाय है, युवाओं को सुनना और उनकी आवाजों को सुने जाने के लिए धर्मप्रांतीय, पल्लीय एवं धर्माध्यक्षीय स्तर पर उपयुक्त समय एवं रास्तों की खोज की खोज करना।

स्थानीय धर्माध्यक्ष की उपस्थिति और युवाओं के बीच होने की उनकी तत्परता, युवाओं के प्रति प्रेम एवं सामीप्य का स्पष्ट चिन्ह है जिसके लिए संत पापा फ्राँसिस प्रोत्साहन देते हैं।

मिशनरी अनुभव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व युवा दिवस ने सिद्ध कर दिया है कि यह युवाओं को मिशनरी अनुभव दिलाने का उत्तम अवसर है।  

धर्मप्रांतीय स्तर पर भी युवा दिवस को इसी तरह होना चाहिए जिसमें ऐसी प्रेरिताई आयोजित किये जाएँ जिनमें युवा, लोगों के घरों में जाकर उनसे मुलाकात करें तथा आशा के संदेश, सांत्वना के शब्दों के साथ अथवा केवल सुनने की तत्परता के साथ उन्हें अपना समय दें। उनके उत्साह को संगीत, प्रार्थना एवं साक्ष्य के साथ सुसमाचार प्रचार के सार्वजनिक अवसर में लिया जाए। वे शहरों के सड़कों एवं चौराहों में जा सकते हैं जहाँ उनके दूसरे साथी आते हैं क्योंकि युवा ही दूसरे युवाओं के बीच अधिक अच्छी तरह से सुसमाचार प्रचार कर सकते हैं।    

दिशा-निर्देश में कहा गया है "उनकी उपस्थिति एवं उनका आनन्दमय विश्वास ही सुसमाचार की जीवित घोषणा है जो दूसरे युवाओं को आकर्षित करता है। इस तरह, उपभोगतावाद एवं व्यक्तिवाद से बचाकर, युवाओं को उदारता एवं सेवा की भावना में क्रांति लाने के मुख्य पात्र बनने का अवसर दिया जा सकता है।"  

बुलाहटीय आत्मपरख एवं पवित्रता के लिए बुलाया

दिशा-निर्देश में विश्व युवा दिवस के बुलाहटीय आयाम की प्राथमिकता को भी प्रोत्साहन दिया गया है जिसका उद्देश्य है युवाओं को यह समझने में मदद देना कि उनका सम्पूर्ण जीवन ईश्वर के सामने है जो उन्हें प्यार करते एवं बुलाते हैं।

युवाओं के सामने वृहद "बुलाहटीय क्षितिज" को रखते हुए प्रस्ताव रखा जाना चाहिए जहाँ वे ईश्वर के बुलावे को महसूस करते हुए पुरोहितीय, समर्पित जीवन, मठवासी जीवन अथवा वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन का चुनाव कर सकें।

इस संबंध में, गुरूकुल छात्र, समर्पित व्यक्तियों, विवाहित दम्पति एवं परिवारों को मदद दिया जाना चाहिए। अपनी उपस्थिति एवं साक्ष्य द्वारा युवाओं को सही बुलाहटीय सवालों और अभिलाषा के साथ ईश्वर की महान योजना की खोज के लिए आगे बढ़ने में मदद दिया जाना चाहिए।  

तीर्थयात्रा का अनुभव

प्रेरितिक दिशानिर्देश में कहा गया है कि धर्मप्रांतीय युवा दिवस में युवाओं के लिए कुछ खास रास्ते प्रस्तावित किये जा सकते हैं ताकि वे वास्तविक तीर्थयात्रा का अनुभव कर सकें। उन्हें अपने घरों को छोड़ने के लिए और यात्रा में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए जिससे कि वे यात्रा के शारीरिक थकान, मेहनत एवं आत्मा के आनन्द को अनुभव कर सकें।

"इस समय में इसका बहुत महत्व है क्योंकि कई युवा धूल-धुसरित सड़क और दुनिया की सड़कों से दूर अपने आपको वर्चुवल अवास्तविक दुनिया में अकेले पाते हैं।" एक साथ तीर्थयात्रा करने में हम नये मित्रों को पा सकते हैं एवं कठिनाइयों और आनन्द को एक दूसरे से साझा करते हुए आपसी सहयोग के द्वारा आम लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं।  

अतः विश्व युवा दिवस युवा पीढ़ी के लिए एक महान अवसर है कि वे स्थानीय तीर्थस्थलों एवं विश्व के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन करें।

विश्वव्यापी भ्रातृत्व

युवाओं को प्रेरिताई के हर चरण में संलग्न करते हुए दिशानिर्देश में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय विश्व युवा दिवस में भाग ले चुके युवाओं के साक्ष्य एवं अनुभव को धर्मप्रांतीय आयोजन की तैयारी में शामिल करना चाहिए।

इस तरह, धर्मप्रांतीय स्तर पर युवा दिवस का आयोजन एक अच्छा अवसर होगा जिसमें सभी युवाओं का स्वागत किया जा सकेगा, जो शायद कलीसिया में स्थान खोज रहे हों और अब तक उसे नहीं पाये हों।

19 May 2021, 13:05