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फ्राँस में प्रेस और मीडिया, अधिकारों के लिये प्रदर्शन, तस्वीरः 20.04.2021 फ्राँस में प्रेस और मीडिया, अधिकारों के लिये प्रदर्शन, तस्वीरः 20.04.2021   (AFP or licensors)

स्वतंत्र मीडिया प्रजातंत्रवाद एवं न्याय को बढ़ावा देती है

विएन्ना स्थित यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन ओशे में परमधर्मपीठ के स्थायी प्रतिनिधि वाटिकन के महाधर्माध्यक्ष यानूस ऊरबानज़िक ने कहा कि स्वतंत्र मीडिया प्रजातंत्रवाद एवं न्याय को बढ़ावा देती है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

विएन्ना, शुक्रवार, 14 मई 2021 (रेई, वाटिकन रेडियो): विएन्ना स्थित यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन ओशे में परमधर्मपीठ के स्थायी प्रतिनिधि वाटिकन के महाधर्माध्यक्ष यानूस ऊरबानज़िक ने कहा कि स्वतंत्र मीडिया प्रजातंत्रवाद एवं न्याय को बढ़ावा देती है।

महाधर्माध्यक्ष ऊरबानज़िक ने कहा कि परमधर्मपीठ का विश्वास है कि प्रेस एवं मीडिया की स्वतंत्रता प्रजातांत्रिक मूल्यों के प्रसार के लिये नितान्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता व्यक्ति को पारदर्शिता के साथ सूचना खोजने, ग्रहण करने एवं प्रसारित करने में सहायता प्रदान करती है।  

विचारों का आदान-प्रदान ज़रूरी

गुरुवार को यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन ओशे के प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर महाधर्माध्यक्ष ने इस तथ्य पर गहन खेद व्यक्त किया कि विश्व के कई भागों में प्रेस और सम्प्रेषण माध्यम जगत के विभिन्न धर्मों के लोगों को सूचना प्रदान करने से मना किया जाता है, उन्हें डराया और धमकाया जाता है। कई जगहों पर धर्म को समस्या के रूप में दर्शाया जाता है तथा धर्म पर आधारित मतों को व्यक्त करनेवालों के प्रति घृणा दर्शाई जाती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिये।   

इसके विपरीत, महाधर्माध्यक्ष ऊरबानज़िक ने कहा, "मीडिया को विभिन्न धर्मों के परिप्रेक्ष्य सहित विचारों को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जो समाज की भलाई के लिए "समाज के सभी सदस्यों के अधिक समृद्ध और व्यापक प्रतिनिधित्व और उनके बीच विचारों के आदान-प्रदान को प्रेरित करने" की अनुमति देगा।"

मीडिया की ज़िम्मेदारियाँ  

परमधर्मपीठीय प्रतिनिधि ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में ऐसी जिम्मेदारियां भी शामिल हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। होली सी के प्रतिनिधि ने इस बात पर भी जोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में ऐसी जिम्मेदारियां भी शामिल हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उदाहरणार्थ, उन्होंने कहा,  अभिव्यक्ति कीू स्वतंत्रता को बच्चों के सुरक्षा के लिये और अधिक कठोर सीमा के भीतर होना चाहिये, इसलिये कि मीडिया का अन्तिम लक्ष्य मानव समाज का समग्र विकास है।  

 

14 May 2021, 12:02