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संत पापा की यात्रा इराकी कलीसिया की निकटता का संकेत

वाटिकन न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में, वाटिकन राज्य सचिव, कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन, संत पापा फ्राँसिस की इराक की आगामी यात्रा के बारे चर्चा की। उनकी यात्रा पूर्वी राष्ट्र में कलीसिया और लंबे समय से पीड़ित लोगों के प्रति एकात्मकता के महत्व को दर्शाता है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 3 मार्च 2021 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस की पहली प्रेरितिक यात्रा इराक में शुक्रवार 5 मार्च से शुरू होने वाली है। चार दिवसीय यात्रा के दौरान, संत पापा ख्रीस्तीय समुदायों के साथ-साथ नागरिकों और धार्मिक नेताओं से भी मिलेंगे।

कोविद -19 महामारी के प्रकोप के रूप में लगभग पंद्रह महीनों में यह संत पापा की पहली विदेश यात्रा होगी और यह इराक में पहले परमाध्यक्ष की पहली प्रेरितिक यात्रा भी है।

प्रेरितिक यात्रा शुक्रवार सुबह शुरू होती है जब संत पापा रोम के फ्यूमिचिनो हवाईअड्डे से बगदाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगे। उन्हें मोसुल, क़ाराक़ोश और एरबिल सहित कई शहरों का दौरा करने की उम्मीद है।

यात्रा की तैयारी बड़े जोर से हो रही है, वाटिकन के राज्य सचिव, कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें  उन्होंने मध्य पूर्वी राष्ट्र और ख्रीस्तीय समुदायों के लिए इस ऐतिहासिक यात्रा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कलीसिया की निकटता का संकेत

वाटिकन न्यूज़ से बात करते हुए, कार्डिनल पारोलिन ने संत पापा की यात्रा को देश में "काथलिक कलीसिया" और घटते ख्रीस्तीय समुदायों के साथ अपनी निकटता के संकेत के रूप में वर्णित किया।

कार्डिनल पारोलिन ने कहा, "हम जानते हैं कि कलीसिया को बहुत नुकसान हुआ है। इसने अपने कई सदस्यों को खो दिए हैं जो अन्य देशों में पनाह लेने के लिए इराक छोड़ चुके हैं। इसलिए, कलीसिया को संत पापा की उपस्थिति की आवश्यकता है "येसु मसीह और सुसमाचार की गवाही देने के अपने मिशन को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिसमें वह खुद को पाती है।"

इराक में ख्रीस्तियों की उपस्थिति पिछले दो दशकों में काफी कम हो गई है। 2003 में, सद्दाम हुसैन को बंदी बनाने से पहले, देश में लगभग 1.4 मिलियन ख्रीस्तीय थे। हालांकि, तथाकथित इस्लामिक स्टेट द्वारा नीनवे के मैदान पर 2014 - 2017 के तहत हिंसा और उत्पीड़न में हजारों ख्रीस्तीय मारे गए और कई अन्य अपना जीवन बचाने के लिए दूसरे देश भाग गए।

पुनर्निर्माण के प्रयासों को बढ़ावा देना

कार्डिनल के अनुसार, संत पापा की यात्रा का एक और सकारात्मक आयाम "उन प्रयासों को बढ़ावा देना है जो देश में पुनर्निर्माण के लिए शुरू हो चुके हैं।"

उन्होंने कहा कि ये प्रयास कई मोर्चों पर किए गए हैं और इनमें भ्रष्टाचार और संप्रदायवाद से लड़ना शामिल है और यह सुनिश्चित करना है कि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए - "समाज के ताने-बाने में सभी को उनके धार्मिक स्थान या वर्ग के बावजूद उन्हें योग्य स्थान मिले।"

अंतरधार्मिक संवाद

संत पापा की यात्रा का प्रमुख उद्देश्य अंतरधार्मिक संवाद भी है। अपनी यात्रा के दौरान संत पापा ग्रैंड आयतुल्लाह अली अल-सिस्तानी के साथ पवित्र नाजाफ शहर की यात्रा करेंगे, जो एक प्रभावशाली मुस्लिम धर्मगुरु हैं।

संत पापा फ्राँसिस अंतरधार्मिक प्रयासों के मुखर समर्थक रहे हैं। फरवरी 2019 में, काहिरा में संत पापा और अल-अजहर के ग्रैंड इमाम, अहमद अल-तैयब, ने अबू धाबी में मानव बंधुत्व पर एक ऐतिहासिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए।

कार्डिनल परोलिन ने निष्कर्ष निकाला कि संत पापा की यात्रा देश और उसके उज्जवल भविष्य के मद्देनजर ख्रीस्तियों और मुसलमानों के बीच परस्पर संवाद, सहयोग, समझ और भाईचारे का एक अवसर होगा।"

03 March 2021, 14:29