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नई दिल्ली में एक पुलिस मास्क लगाये हुए नई दिल्ली में एक पुलिस मास्क लगाये हुए   (AFP or licensors)

कोविड-19 से उबरने के लिए बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता

जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिए वाटिकन के स्थायी पर्यावेक्षक एवं प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष इवन युरकोविक ने संयुक्त राष्ट्र के व्यापार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए, महामारी के समय में बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की परमधर्मपीठ की चाह को व्यक्त किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 23 फरवरी 2021 (वीएनएस)- दुनिया को इस समय कई प्रकार के संकटों से उबरना है तथा वैश्विक सहयोग के सिद्धांत को नवीकृत करना है ताकि इस कोविड-19 महामारी से ऊपर उठा जा सके। यह बात संयुक्त राष्ट्र के लिए वाटिकन के स्थायी पर्यावेक्षक ने व्यापार एवं विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कही।

व्यापार एवं विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र के 15वें सम्मेलन की तैयारी में आयोजित सभा को महाधर्माध्यक्ष ने सोमवार को सम्बोधित किया। सम्मेलन 3-8 अक्टूबर 2021 को बारबाडोस में आयोजित की गई है। महाधर्माध्यक्ष इवन युरकोविक एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की मानवता की आम चुनौतियों का सामना करते हुए, खासकर, कोविड-19 महामारी, वैश्विक बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की मांग कर रही है।  

वाटिकन राजदूत ने कहा, "इस अप्रत्याशित संकट की विभिन्न आयामों, इसके समाधान और कोई नया विकास जिसको भविष्य लायेगा, वे आपस में नजदीकी से जुड़े हैं और एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।"  

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि "संकट, भविष्य के लिए एक नई अभिन्न दृष्टि को आकार देने के लिए विचार का अवसर बन जाता है।"

संकट के समय में पुनःनिर्माण

सम्मेलन की विषयवस्तु होगी, "असमानता एवं दुर्बलता से सभी के लिए समृद्धि।" इसके द्वारा सम्मेलन राष्ट्रों को कोविद -19 संकट के मद्देनजर सतत् विकास के एक प्रवर्तक के रूप में व्यापार का उपयोग करने के नए तरीके विकसित करने हेतु एक मंच प्रदान करेगा। यह ऐसी प्रणालियों एवं नीतियों पर चर्चा करेगा कि 2030 के सतत विकास योजना के मद्देनजर और पुनः बेहतर के निर्माण हेतु किस तरह आर्थिक, वित्तीय, जलवायु एवं समाजिक संकट से जल्दी उबरा जा सकता है।

आर्थिक प्रणाली में परिवर्तन

महाधर्माध्यक्ष युरकोविक के अनुसार 11 दिसम्बर को जो दस्तावेज प्रकाशित किया गया था "मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के लिए एक सफल आम सहमति के परिणाम पर बातचीत के लिए एक ठोस दस्तावेज प्रतीत होता है।"

उन्होंने गौर किया कि प्रारूप "गहन सामाजिक एवं आर्थिक विचार व्यक्त करता है कि कोविड-19 संकट ने विकास के रास्ते पर अब तक प्रयोग किये गये गलत लकीरों, अपूर्ण एवं कामचलाऊ दृष्टिकोणों के स्वभाव की ओर ध्यान खींचा है।"

साथ ही, उन्होंने वर्तमान के आर्थिक प्रकार के बदलाव की अवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि बहुपक्षीय सहयोग अति आवश्यक है, इस बात पर गौर करते हुए कि कोविड-19 महामारी ने गहराई से याद दिलाया है कि यह निश्चय ही परस्पर निर्भरता की दुनिया है और आज की मानवता द्वारा सामना की जा रही चुनौती, एक जिम्मेदारीपूर्ण एवं सामूहिक कार्रवाई की मांग कर रही है।

नये लक्ष्य की ओर बढ़ना

अपने वक्तव्य में महाधर्माध्यक्ष ने जोर दिया कि पर्यावरण, विकास एवं सुरक्षा के विषय आपस में एक-दूसरे के साथ नजदीकी से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा, "दूसरी समस्याओं पर ध्यान दिये बिना, एक समस्या का हल संभाव नहीं है।"

अंततः वाटिकन प्रतिनिधि ने इस बात की ओर इंगित किया कि ध्यान सिर्फ सक्रिय एवं लक्षित व्यापक आर्थिक उपाय पर दिया जाए बल्कि समान, अभिन्न और जलवायु के अनुकूल विकास प्रक्षेपवक्र के निर्माण के लिए आवश्यक उपचारात्मक नीतियों की एक श्रृंखला पर भी दिया जाए। ”

23 February 2021, 15:35