माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, सोमवार 25 जनवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : नीदरलैंड द्वारा आयोजित "जलवायु अनुकूलन शिखर सम्मेलन" के अवसर पर संत पापा फ्राँसिस की ओर से वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पारोलिन ने सम्मेलन में उपस्थित प्रतिभागियों के लिए वीडियो संदेश में कार्डिनल पारोलिन ने कहा, संत पापा फ्राँसिस की ओर से, मैं आप सभी का सौहार्दपूर्ण अभिवादन करता हूँ और इस जलवायु अनुकूलन शिखर सम्मेलन के फलदायक परिणाम के लिए इन दिनों में संत पापा की निकटता, समर्थन और प्रोत्साहन का आश्वासन देता हूँ।
हम सभी जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक समस्या है। विश्व में आज मानवता के सामने पर्यावरण, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और संसाधनों के वितरण जैसी अनेक चुनौतियाँ है।
हमारे सामने वैज्ञानिक डेटा नैतिकता, निष्पक्षता और सामाजिक न्याय के संदर्भ में, स्पष्ट रूप से त्वरित कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी के लिए संक्रमण न केवल प्रौद्योगिकी की समस्या है, बल्कि खपत के तरीके, शिक्षा और जीवन शैली का भी सवाल है।
ग्रीनहाउस गैसों को कम करना
इसके अलावा, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और शमन गतिविधियों में कमी आवश्यक है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। ये पहल उन प्रतिबद्धताओं के पूरक हैं जो अनुकूलन और लचीलापन को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। यह एक नैतिक और मानवीय अनिवार्यता है, खासकर जब से जलवायु परिवर्तन के सबसे बड़े नकारात्मक परिणाम अक्सर सबसे कमजोर गरीब और पीढ़ियों के भविष्य की प्रभावित करते हैं, जबकि वैश्विक तापमान के लिए गरीब सबसे कम जिम्मेदार हैं। उनके प्रभावित होने की सबसे अधिक संभावना है, क्योंकि उनके पास बहुत कम अनुकूली क्षमता है और अक्सर वे उन भौगोलिक क्षेत्रों में रहते हैं जो विशेष रूप से जोखिम में हैं।
कार्डिनल पारोलिन ने कहा कि पूरक शमन और अनुकूलन गतिविधियों को सटीक प्रतिबद्धताओं के आधार पर वैश्विक और साझा दीर्घकालिक रणनीति के साथ आने की आवश्यकता है, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और गरीबी के खिलाफ संघर्ष के बीच विकास के एक नए मॉडल को परिभाषित करने और बढ़ावा देने में सक्षम हो सके।
अकेले कुछ नहीं किया जा सकता
कार्डिनल पारोलिन ने कहा, ʺअकेले काम करने से कुछ भी पूरा नहीं हो सकता,ʺ कोविद -19 महामारी इसे बहुत अच्छी तरह से दिखाती है। जैसा कि पिछले सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में संत पापा फ्राँसिस ने कहा था, "हमें दो संभावित रास्तों के बीच एक विकल्प का चुनाव करना पड़ रहा है। एक मार्ग वैश्विक सह-जिम्मेदारी की नए सिरे से अभिव्यक्ति के रूप में बहुपक्षवाद के एकत्रीकरण की ओर जाता है। न्याय में एकजुटता एवं मानव परिवार के भीतर शांति और एकता की प्राप्ति, जो हमारी दुनिया के लिए ईश्वर की योजना है। दूसरा मार्ग आत्मनिर्भरता, राष्ट्रवाद, संरक्षणवाद, व्यक्तिवाद और अलगाव पर जोर देता है जो निश्चित रूप से पूरे समुदाय के लिए हानिकारक है।
शमन और अनुकूलन गतिविधियाँ इस दोतरफा परिप्रेक्ष्य से दृढ़ता से जुड़ी हुई हैं। वे कम कार्बन टिकाऊ विकास के लिए प्रतिबद्ध एक मजबूत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ प्रौद्योगिकियों को मजबूत बनाने और विशेष रूप से सबसे कमजोर देशों में स्थानांतरित करने की मांग करते हैं। हम जलवायु परिवर्तन की प्रतिक्रिया को समग्र जीवन स्थितियों, स्वास्थ्य, परिवहन, ऊर्जा और सुरक्षा में सुधार और नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए एक अवसर बना सकें। यह कार्य कठिन और जटिल है, लेकिन हम जानते हैं कि हमारे पास प्रौद्योगिकी का नेतृत्व और निर्देशन करने की स्वतंत्रता, बुद्धिमत्ता और क्षमता है और इसे अन्य प्रकार की प्रगति की सेवा में रखा जाता है: जो अधिक मानवीय, सामाजिक और अभिन्न है। इस प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए हमारी राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रेरणा की भी जरुरत है।
हम आम भलाई की लाभ के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती के सामने खड़े हैं। हमारे पास एक जिम्मेदार, अभूतपूर्व सामूहिक प्रतिक्रिया को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, जिसका उद्देश्य हमारे सामान्य घर को बनाने के लिए मिलकर काम करना है। अंत में कार्डिनल पारोलिन ने संत पापा फ्राँसिस की ओर से, जलवायु अनुकूलन शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
25 और 26 जनवरी को ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन शिखर सम्मेलन 2021, नीदरलैंड द्वारा आयोजित की जा रही है।