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इस्राएल का एक दृश्य इस्राएल का एक दृश्य  (AFP or licensors)

एकपक्षीय कारर्वाई से मध्यपूर्व की शांति को खतरा : परमधर्मपीठ

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने अमरीका एवं इस्राएल के राजदूतों से मुलाकात की और संभावित एकपक्षीय कारर्वाई के संबंध में परमधर्मपीठ के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की तथा अपनी बातें दोहरायी है कि इस्राएली और फिलीस्तीनी दोनों को अस्तित्व में एवं अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाओं के अंदर शांति से रहने का अधिकार है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 2 जुलाई 20 (वीएन)-वाटिकन प्रेस कार्यालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी कर मंगलवार को हुई मुलाकात की जानकरी दी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल परोलिन ने अमरीका एवं इस्राएल के राजदूतों से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कार्डिनल परोलिन ने संभावित एकपक्षीय कारर्वाई के संबंध में परमधर्मपीठ की चिंता व्यक्त की जो इस्राएल एवं फिलीस्तीन के बीच शांति की खोज को अधिक खतरे में डाल सकता है और मध्यपूर्व में स्थिति को उलझा सकता है।  

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है "जैसा कि 20 नवम्बर 2019 को एवं 20 मई 2020 को घोषित किया जा चुका है, परमधर्मपीठ दुहराता है कि इस्राएल और फिलीस्तीन को अस्तित्व एवं शांति और सुरक्षा के साथ, अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमा में रहने का अधिकार है। अतः वाटिकन दोनों पक्षों से अपील करता है कि वे सीधे समझौता करने की प्रक्रिया को पुनः खोलने का हरसंभव प्रयास करें।

संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रस्तावों के आधार पर एवं उन उपायों से सहायता प्राप्त करते हुए जो पारस्परिक विश्वास को पुन: स्थापित कर सकते हैं ताकि वे मुलाकात को हाँ और संघर्ष को न, संवाद को हाँ और हिंसा को न, समझौता को हाँ और विरोध को न, सहमति के लिए सम्मान को हाँ और उकसाव के कृत्य को न, ईमानदारी को हाँ और दोहरेपन को न कहने का साहस कर सकें।" (संत पापा फ्राँसिस, पवित्र भूमि में शांति का समाह्वान, वाटिकन उद्यान, 8 जून 2014)

02 July 2020, 15:47