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पुलिस हिंसा का विरोध मिनेसोटा, सं.रा.अमरीका  (प्रतीकात्मक तस्वीर) पुलिस हिंसा का विरोध मिनेसोटा, सं.रा.अमरीका (प्रतीकात्मक तस्वीर)   (ANSA)

जीवन को समर्पित दिवस पर यू.के. और आयरलैण्ड को सन्त पापा की आशीष

सन्त पापा फ्राँसिस ने यू.के. और आयरलैण्ड की काथलिक कलीसिया को जीवन सम्बन्धी वार्षिक दिवस के उपलक्ष्य में एक सन्देश भेजकर अपनी आशीष प्रदान की है तथा आग्रह किया है कि हर परिस्थिति में मानव जीवन की प्रतिष्ठा को बरकरार रखा जाये।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 29 मई 2020 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने यू.के. और आयरलैण्ड की काथलिक कलीसिया को जीवन सम्बन्धी वार्षिक दिवस के उपलक्ष्य में एक सन्देश भेजकर अपनी आशीष प्रदान की है तथा आग्रह किया है कि हर परिस्थिति में मानव जीवन की प्रतिष्ठा को बरकरार रखा जाये।  

मानव जीवन का अर्थ और मूल्य

यू.के. और आयरलैण्ड के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा प्रायोजित जीवन को समर्पित दिवस प्रति वर्ष मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक स्तर पर और प्रत्येक परिस्थिति में मानव जीवन के अर्थ और मूल्य के विषय में जागरूकता पैदा करना है। इस वर्ष इस दिवस का आदर्श वाक्य है, "जीवन को चुनो"। काथलिक धर्मशिक्षा के अनुसार, जीवन को पोषित करना तथा गर्भाधान से लेकर प्राकृतिक मृत्यु तक उसकी रक्षा करना मानव का परम कर्त्तव्य है।  

जीवन की संस्कृति

सन्त पापा फ्राँसिस ने यू.के. तथा आयरलैण्ड के काथलिक धर्माध्यक्षों को प्रेषित सन्देश में जीवन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा हर परिस्थिति में जीवन की रक्षा का आग्रह किया है। सन्त पापा की आशा है कि मौजूदा स्वास्थ्य संकट से जीवन की संस्कृति का उदय होगा जो ईश्वर की सभी सन्तानों, विशेष रूप से, सबसे दुर्बल लोगों की सुरक्षा को प्रोत्साहन देगी।

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने सन्त पापा फ्राँसिस की ओर से धर्माध्यक्षों को उक्त सन्देश प्रेषित किया है। इसमें यह भी स्मरण दिलाया गया है कि इस वर्ष मानव जीवन के मूल्य तथा उसकी अनुल्लंघनीयता पर प्रकाशित सन्त जॉन पौल द्वितीय के विश्व पत्र "इवांगेलियुम वीते", की 25 वीं वर्षगाँठ भी है।

महामारी के बीच जीवन का महत्व

सन्त पापा की ओर से कार्डिनल पारोलीन ने लिखा, "इन दिनों में जब विश्व कोरोनोवायरस महामारी की चुनौतियों का सामना कर रहा है, सन्त पापा फ्राँसिस उन सभी परिवारों, स्वयंसेवकों और स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं के लिए प्रार्थना का आग्रह करते हैं, जो वीरतापूर्वक, पीड़ितों की देखभाल कर रहे हैं तथा निर्धनता और महामारी के बीच, प्रत्येक मानव व्यक्ति के ईश प्रदत्त मूल्य और गरिमा को कायम रखने के लिये प्रयत्नरत हैं।"

29 May 2020, 11:00