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अंतरधार्मिक वार्ता हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल मिग्वेल एंजेल अयूसो गिक्सोत अंतरधार्मिक वार्ता हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल मिग्वेल एंजेल अयूसो गिक्सोत  

कार्डि. अयूसो: महामारी, भाईचारा हेतु सेतु निर्माण के लिए प्रेरणा

अंतरधार्मिक वार्ता हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष कार्डिनल मिग्वेल एंजेल अयूसो गिक्सोत ने यूएन द्वारा कोविड-19 महामारी पर आयोजित एक विडीयो सम्मेलन में भाग लिया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

यूएन, बृहस्पतिवार, 14 मई 2020 (वीएन)- मंगलवार को आयोजित सम्मेलन की विषयवस्तु थी, "कोविड-19 की अनेक चुनौतियों का सामना करने में धार्मिक नेताओं की भूमिका।" सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मूद्दों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें इस चुनौतीपूर्ण समय में एकता एवं एकात्मता को बढ़ावा देने हेतु धार्मिक नेताओं की भूमिका पर भी ध्यान दिया गया।

अपने वक्तव्य में कार्डिनल मिग्वेल ने 27 मार्च को खाली संत पेत्रुस प्राँगण की याद की जहाँ संत पापा फ्राँसिस ने बारिश के बीच कोविड-19 महामारी के अंत के लिए प्रार्थना की थी।  

उन्होंने संत पापा के शब्दों का हवाला देते हुए कहा, "हमने महसूस किया कि हम सभी एक ही नाव पर सवार हैं, सभी कमजोर और निशाहीन, किन्तु साथ ही, यह महत्वपूर्ण एवं आवश्यक है कि हम सभी एक पंक्ति में होने के लिए बुलाये गये हैं हम सभी को एक-दूसरे को सांत्वना देने की जरूरत है।"

अपने वक्तव्य के दौरान कार्डिनल ने तीन प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश डाला, एकता, एकत्मता एवं बंधुत्व।

एकता

एकता के बारे बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारे सहयोग और बातचीत का आधार, हमारी मानवता की आम जड़ है; हम सभी हमारे मानव परिवार के हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, "मैं विश्वास करता हूँ कि हम अधिक एकजुट हो गये हैं और हम समझ गये हैं कि हमारा जीवन, समुदाय का जीवन, एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकता। हम एक-दूसरे पर निर्भर हैं।"

कार्डिनल अयूसो ने इस बात को रेखांकित किया कि हमारी एकता की भावना आर्थिक शक्ति अथवा हथियारों से बलिष्ठ नहीं हुई है बल्कि हमने पहचाना है कि हम कमजोर और दुर्बल हैं अतः हमें एक-दूसरे की जरूरत है।

एकात्मता

दूसरी बिन्दु "एकात्मता" पर प्रकाश डालते हुए कार्डिनल ने कहा कि हमारी एकता की यह चेतना हमसे मांग करती है कि हम धार्मिक नेताओं के रूप में हमारे समुदायों के साथ, संकट में पड़े मानवता के प्रति एकात्मता रखें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि "यह वास्तव में, उदासीनता या स्वार्थ या विभाजन का क्षण नहीं हो सकता। पूरी मानवता की पीड़ा के साथ, हमें महामारी का सामना करने के लिए एकजुट होना है।"

कार्डिनल ने कहा कि आगे का रास्ता है कि नये तरीके की एकात्मता के लिए जगह बनाने हेतु साहस प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में कोई भी अकेला पीछे छोड़ा नहीं जा सकता। मैं विश्वास करता हूँ कि इस महामारी का यह संकट, निश्चय ही स्वास्थ्य एवं अर्थव्यवस्था के मामले में अधिक प्रयास की मांग करता है। किन्तु यह हर प्रकार के अन्याय एवं असमानता को पराजित करने के लिए एक नई नींव डालने हेतु अधिक प्रयास की भी मांग करता है।  

उन्होंने कहा कि विश्व को उस स्थिति में पुनः नहीं लौटना चाहिए जिसमें वह महामारी से पहले था बल्कि इसे एक नए और बेहतर वैश्विक समाज के निर्माण के अवसर के रूप में लेना चाहिए।

बंधुत्व

बंधुत्व के मुद्दे पर कार्डिनल ने कहा कि एक मानव परिवार के रूप में हम एक-दूसरे को भाई एवं बहन के रूप में देखते हैं और यह जागृति, भय एवं अज्ञानता के कारण निर्मित दीवार को तोड़ने का पहला कदम है।

यह महामारी हमें मित्रता और भाईचारा के सेतु का निर्माण करने में मदद दे, जो सभी मानव जाति की भलाई का मूल है। भाईचारा की भावना जिसमें हम एक हैं हमें पुष्ट करे और इस कठिन समय से निपटने में सहायता दे।

14 May 2020, 15:43