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कोरोना वायरस पीड़ितों के बीच क्रूस का जुलूस करते पुरोहित कोरोना वायरस पीड़ितों के बीच क्रूस का जुलूस करते पुरोहित   (ANSA)

संकट की घड़ी में दण्डमोचन करुणा का एक महान आंचल, कार्डिनल मौरो

कार्डिनल मौरो पियाचेंत्सा ने वाटिकन मीडिया को दिये एक साक्षात्कार में कहा है कि "दण्डमोचन, संकट की इस घड़ी में करुणा का एक महान आंचल है।"

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 21 मार्च 2020 (रेई) ˸ महामारी की आपातकालीन स्थिति में प्रदान किया गया दण्डमोचन या पाप मुक्ति के अध्यादेश की व्याख्या करते हुए प्रायश्चित विषय के प्रमुख कार्डिनल मौरो पियाचेंत्सा ने कहा कि "कलीसिया का सबसे बड़ा नियम है आत्माओं की मुक्ति।" हम एक ऐसी आपातकालीन स्थिति में जी रहे हैं जिसमें लोगों के करीब रहने, उन्हें सांत्वाना देने, पीड़ितों को ईश्वर की कृपा से वंचित नहीं होने देने एवं मरनासन्न में पड़े लोगों के लिए असाधारण उपाय अपनाने की आवश्यकता है।"

कार्डिनल ने कहा कि "सबसे पहले, कोविड 19 से पीड़ित सभी बीमार लोगों को पाप मुक्ति प्रदान की जाती है। यह उन लोगों को भी प्रदान की जाती है जो इस स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी कार्य से जुड़े हैं तथा उनके परिवार के सदस्य हैं अथवा बीमार लोगों की मदद करते हैं। उससे भी बढ़कर यह उन लोगों को भी प्रदान की जाती है जो इसको रोकने हेतु रोगियों एवं मृतकों के लिए प्रार्थना करते हैं। बीमार एवं उनकी मदद करने वाले, संचार माध्यमों द्वारा ख्रीस्तयाग, रोजरी प्रार्थना, क्रूस-रास्ता अथवा अन्य तरह की भक्ति में इसकी मांग करते हुए इसे प्राप्त कर सकते हैं। यदि यह संभव न हो, तो प्रेरितों का धर्मसार, हे पिता हमारे और प्रणाम मरियम की विन्ती करने की सलाह दी जाती है। अन्य लोगों को सलाह दी जाती है कि वे पवित्र संस्कार या यूखरिस्तीय संस्कार का दर्शन करें या कम से कम आधे घंटे तक बाईबिल का पाठ करें अथवा रोजरी प्रार्थना या क्रूस रास्ता की प्रार्थना करें। इन चीजों को हम घर से बाहर निकले बिना कर सकते हैं।    

प्रायश्चित संबंधी बातों के प्रमुख ने याद किया कि दण्डमोचन उन सभी के लिए है जो मरनासन्न में हैं और संस्कार ग्रहण नहीं कर सकते बशर्ते कि वे इसे ग्रहण करना चाहते हैं और अपने जीवन में प्रार्थना करते थे।

कार्डिनल ने यह भी स्पष्ट किया कि पापमुक्ति न केवल वायरस से संक्रमित लोगों को बल्कि सभी प्रकार के रोगियों को दी जाती है क्योंकि इन दिनों अस्पतालों में भर्ती सभी रोगी किसी न किसी रूप में महामारी के संकट से प्रभावित है। अंततः कार्डिनल ने कहा कि हमें इसकी गंभीर आवश्यकता है, अतः धर्माध्यक्ष सामूहिक रूप से पाप क्षमा प्रदान कर सकते हैं, शायद अस्पताल के वार्ड के दरवाजों पर, जहाँ रोगी मरने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से पापस्वीकार संस्कार में भाग लेने का महत्व यथावत है किन्तु इसके लिए मास्क एवं सुरक्षित दूरी रखते हुए संक्रमण निरोध के हर उपायों पर ध्यान देना आवश्यक है।

21 March 2020, 13:28