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वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन  

परमाणु हथियारों के उन्मूलन हेतु विश्व के नेता आवाज़ उठायें

परमाणु हथियारों के कुल उन्मूलन हेतु अन्तरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में, गुरुवार, 26 सितम्बर को, वाटिकन राज्य के सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने विश्व के नेताओं का आह्वान किया कि विश्व को एक सुरक्षित स्थल बनाने के लिये वे परमाणु हथियारों के उन्मूलन पर अपनी आवाज़ उठायें।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

न्यूयॉर्क, शुक्रवार, 27 सितम्बर 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): परमाणु हथियारों के कुल उन्मूलन हेतु अन्तरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में, गुरुवार, 26 सितम्बर को, वाटिकन राज्य के सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने विश्व के नेताओं का आह्वान किया कि विश्व को एक सुरक्षित स्थल बनाने के लिये वे परमाणु हथियारों के उन्मूलन पर अपनी आवाज़ उठायें।

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघीय मुख्यालय में जारी 74 वें अधिवेशन में विश्व के नेताओं को सम्बोधित कर कार्डिनल पारोलीन ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं शांति की स्थापना के लिये यह अनिवार्य है कि विश्व के समस्त राष्ट्र परमाणु हथियारों के कुल उन्मूलन हेतु वचनबद्ध होवें।  

परमाणु हथियारों के उपयोग एवं भण्डार का खण्डन      

इस सन्दर्भ में परमधर्मपीठ की स्थिति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने सन्त पापा फ्राँसिस द्वारा वाटिकन में 2017 में सम्पन्न विचारगोष्ठी के दौरान कहे शब्दों का स्मरण दिलाया। सन्त पापा ने कहा था, “उनके उपयोग से जुड़े ख़तरों के साथ-साथ उनपर कब्जे करने की घोर निंदा की जानी चाहिये, इसलिये कि वे भय की मानसिकता को बढ़ावा देते हैं जो, न केवल संघर्षरत दलों को प्रभावित करता बल्कि, संपूर्ण मानव जाति को प्रभावित करता है।”

सन्त पापा कहते हैं, "अन्तरराष्ट्रीय संबंधों को सैन्य बल, आपसी मनमुटाव और हथियारों के भंडार की होड़ के लिए बंदी नहीं बनाया जा सकता। सामूहिक विनाश के हथियार, विशेष रूप से, परमाणु हथियार, सुरक्षा की मिथ्या भावना के अलावा कुछ भी नहीं उत्पन्न नहीं करते हैं। वे मानव परिवार के सदस्यों के बीच, एकजुटता की नैतिकता से प्रेरित, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का आधार नहीं बन सकते हैं।"

दृढ़ संकल्प अनिवार्य

कार्डिनल पारोलीन ने इस बात पर गहन खेद व्यक्त किया कि अभी तक अन्तरराष्ट्रीय समुदाय इंटरमीडिएट-रेंज परमाणु बल संधि एवं व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि पर वार्ताओं को आगे बढ़ाने में विफल रहा है तथा निरस्त्रीकरण पर सम्पन्न सम्मेलन में निर्मित नियमों को लागू करने में भी अक्षम रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी बहुपक्षवाद के उन्मूलन तथा नियमों पर आधारित संरचनाओं के लिये गहन चिन्ता का कारण हैं। तथापि, उन्होंने कहा, "दृढ़ संकल्प परमाणु हथियारों के उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ने हेतु हमारे सामान्य प्रयासों की विशेषता होनी चाहिये। हथियारों के नियंत्रण हेतु निर्मित अन्तरराष्ट्रीय ढाँचे को ख़त्म करने के हर प्रयास को एक साथ मिलकर रोका जाना चाहिये, विशेष रूप से, सामूहिक विनाश के हथियारों के क्षेत्र में।"

27 September 2019, 11:01