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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

संत पापा मिशनरी महीने की शुरुआत करेंगे संध्या प्रार्थना द्वारा

संत पापा मंगलवार, 1 अक्टूबर 2019 को वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर में संध्या प्रार्थना से मिशनरी महीने की धर्मविधियों की शुरुआत करेंगे।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार, 25 सितम्बर 2019 (रेई) : संत पापा की धर्मविधि समारोहों की व्यवस्था करने वाली समिति के अध्यक्ष मोन्सिन्योर ग्वीदो मरिनी ने वाटिकन प्रेस को बताया कि संत पापा फ्राँसिस 1 अक्टूबर बालक येसु की संत तेरेसा के पर्व दिवस पर वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघऱ में शाम 6 बजे संध्या प्रार्थना की अगुवाई करेंगे।

कलीसिया प्रतिवर्ष अक्टूबर महीने को मिशनरी महीने के रुप में मनाती है। अक्टूबर महीने के अंतिम रविवार के पहले रविवार को विश्व मिशन दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 20 अक्टूबर रविवार को विश्व मिशन दिवस मनाया जाएगा।

इस वर्ष की विषय वस्तु हैः "बपतिस्मा प्राप्त, प्रेषित: विश्व में मसीही कलीसिया का प्रेरितिक कार्य।"

विश्व मिशन रविवार पर प्रकाशित संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने सभी विश्वासियों से मिशन महीने अक्टूबर 2019 के लिए आग्रह किया है कि संत पापा बेनेदिक्त पंद्रहवें के प्रेरितिक पत्र ‘माक्सिमुम इल्लुद’ के शतवर्षीय जुबली (30 नवम्बर 2019) के अवसर पर पूरी कलीसिया अपनी मिशनरी जागरूकता और प्रतिबद्धता को पुनर्जीवित करे।

मिशनरी होने का एहसास

संत पापा ने कहा कि मिशनरी महीने का समारोह हमें येसु ख्रीस्त में अपने विश्वास और मिशनरी होने का एहसास दिलाती है। बपतिस्मा प्राप्त करने के बाद पिता ईश्वर के साथ हमारा रिश्ता केवल व्यक्तिगत नहीं रह जाता अपितु हम कलीसिया के साथ जुड़ जाते हैं। प्रभु के सुसमाचार का प्रचार करना कलीसिया की जिम्मेदारी है और हर ख्रीस्तीय इस जिम्मेदारी में अपना सहयोग देता है।  हमें विश्वास रुपी उपहार स्वतंत्र रूप से प्राप्त हुआ है और इसे स्वतंत्र रूप में साझा करना है।

इस दिवस की स्थापना संत पापा पियुस ग्यारहवें द्वारा सन् 1926 में की गई। इस दिन मिशन क्षेत्रों में संलग्न मिशनरियों के लिए प्रार्थनाएँ, सहयोग और सहायता राशि जमा की जाती है। साथ ही यह दिन कलीसिया के मूल मिशनरी चरित्र और प्रत्येक बपतिस्मा प्राप्त व्यक्ति के मिशनरी होने की याद दिलाती है।

25 September 2019, 16:40