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वाटिकन बैंक अपने मूल मिशन के प्रति अधिक निष्ठा

वाटिकन मीडिया के संपादकीय निदेशक अंद्रेया तोरनिएल्ली ने बतलाया है कि इंस्टीट्यूट फोर द वॉर्क्स रेलिजयन (आईओआर) का नैतिकता, स्टाफ, समय प्रबंधन और बाहरी लेखा परीक्षक की नियुक्ति के आधार पर किस तरह से नवीनीकरण किया गया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अंद्रेया ने कहा कि इंस्टीट्यूट फोर द वॉर्क्स रेलिजियन (वाटिकन बैंक) का नवीनीकरण, उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुकूलन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है कि यह वाटिकन बैंक के लिए नए सिरे से निष्ठा का संकेत देता है।

उन्होंने कहा कि इस अर्थ में सबसे महत्वपूर्ण नवाचारों में से एक प्रीलेट की भूमिका की परिभाषा में है। यह संस्थान के प्रत्येक घटक के साथ संपर्क बनाए रखने, सूचना के प्रसार को सुनिश्चित करने और रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति है। वास्तव में, अब प्रीलेट "प्रबंधकों और कर्मचारियों के साथ निरंतर आदान-प्रदान को बनाए रखता है", साथ ही साथ "उनके काम के नैतिक आयाम को बढ़ावा देने" और "कार्डिनल के परिषद के साथ भी संपर्क बनाये रखने के कार्य पर ध्यान देता है। प्रीलेट का पद कभी खाली नहीं हो सकता जो कि पहले हुआ है। 

दूसरा महत्वपूर्ण संकेत ईयोर की ख़ासियत पर अधिक जोर देता है। जिसे कलीसियाई कानून तथा नवीनीकृत वाटिकन विधायी पृष्टभूमि के ढांचे के अंदर होना है, जिसकी मांग संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें ने वित्तीय लेन-देन, पारदर्शिता, और मनी-लॉन्ड्रिंग के रूप में की थी तथा जिसे संत पापा फ्रांसिस ने पूरा किया।    

अधीक्षक बोर्ड द्वारा अनुमोदित आचार संहिता का पालन करने के अनुरोध के साथ, विशेष ध्यान कर्मचारियों पर भी दिया गया है। जिसके तरह एक स्पष्ट नियम है जो कर्मचारियों को दोहरा काम करने से रोकता है।

नवीनीकृत क़ानून प्रबंधन जिम्मेदारियों, नियंत्रण और पर्यवेक्षण की गारंटी देने पर अधिक ध्यान देता है। कार्डिनल परिषद के सदस्य तथा अधीक्षण बोर्ड में पुनः नियुक्ति नहीं की जा सकती। पहले के नियम अनुसार निदेशक अनिश्चित काल तक अपने पद पर बने रह सकते थे जबकि अब 70 साल के बाद उन्हें सेवानिवृत होना पड़ेगा और उनकी पुनः नियुक्ति नहीं की जायेगी। इसके अतिरिक्त एक उपनिदेशक का पद जो पहले अनिवार्य था वह अब "संभवना" के रूप में है। 

अंत में, दो महत्वपूर्ण संरचनात्मक नवाचार हैं। ईयोर के पांच निकायों को घटाकर अब चार कर दिया गया है। आंतरिक लेखा परीक्षक, जो तीन साल के एग्रीमेंट के साथ, जिसको बार बार नवीकृत किया जा सकता था, अब शामिल नहीं हैं। उनके एग्रीमेंट को सिर्फ एक बार दुहराया जा सकता है।

दूसरी नई विशेषता है अधीक्षण बोर्ड के सदस्यों की संख्या में वृद्धि। पहले जिसकी संख्या पाँच थी, अब सात होगी। इस निर्णय में बोर्ड के सदस्यों को अपनी जिम्मेदारियों को आसानी से पूरा करने में मदद देगा, भले ही उन्हें विषयवस्तु के अनुसार सलाहकार समितियों में विभाजित किया जाए। बोर्ड के कार्य को अधिक सुगम बनाने के लिए, यदि यह आवश्यक हो उन्हें सभा में दूर से भाग लेने के लिए संचार उपकरणों का इस्तेमाल करने की भी सुविधा दी गयी है । 

10 August 2019, 17:58