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बलात्कार  आरोपी धर्माध्यक्ष मुलक्कल के विरुद्ध महिलाओं की हड़ताल  12.08.2018 बलात्कार आरोपी धर्माध्यक्ष मुलक्कल के विरुद्ध महिलाओं की हड़ताल 12.08.2018  (AFP or licensors)

अधिकारियों की अवज्ञा के लिये धर्मबहन की गई बाहर

केरल के कोची धर्मप्रान्त में फ्राँसिसकन क्लेरिस्ट धर्मसंघ ने कलीसियाई अधिकारियों की आज्ञा न मानने के लिये अपने धार्मिक समुदाय से सिस्टर लूसी कालापुराक्कल को बाहर कर दिया है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

कोची, शुक्रवार, 9 अगस्त 2019 (ऊका समाचार): केरल के कोची धर्मप्रान्त में फ्राँसिसकन क्लेरिस्ट धर्मसंघ ने कलीसियाई अधिकारियों की आज्ञा न मानने के लिये अपने धार्मिक समुदाय से सिस्टर लूसी कालापुराक्कल को बाहर कर दिया है।    

ऊका समाचार में छपी ख़बर के अनुसार वाटिकन से अनुमति मिल जाने के उपरान्त केरल के फ्राँसिसकन क्लेरिस्ट धर्मसंघ की एक उच्च स्तरीय समिति ने 11 मई को सि. लूसी को धर्मसंघ से बाहर निकालने का फ़ैसला लिया था।

ख़बर सार्वजनिक

वाटिकन के धर्माधिकारियों द्वारा कलीसियाई अनुमोदन मिल जाने के बाद 06 अगस्त को बर्खास्तगी की ख़बर सार्वजनिक हो गई।

कलीसियाई सूत्रों ने कहा कि धर्मबहन को धर्मसंघ की भावना और नियमों के साथ अपनी जीवन शैली सही करने के कई अवसर दिए गए थे।

धर्मबहन लूसी पर लगे आरोपों में कहा गया कि विगत कई वर्षों में, उन्होंने एक शिक्षक के रूप में मिलनेवाले अपने वेतन का उपयोग एक मोटर कार खरीदने, खुद की किताबें प्रकाशित करने और अपने वरिष्ठों की सलाह के खिलाफ धर्मसंघ के ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के लिए किया है।

मीडिया में सि. लूसी के विद्रोह को उस समय नोट किया गया जब उसने बलात्कार के आरोपी जालन्धर के धर्माध्यक्ष फ्रेंको मुलक्कल के विरुद्ध हुई हड़ताल को समर्थन दिया।

एक धर्मबहन ने पुलिस में शिकायत की थी कि कि 2014 और 2016 के बीच धर्माध्यक्ष मुलक्कल ने उसका बलात्कार किया था। विगत सितम्बर माह में धर्माध्यक्ष मुलक्कल को गिरफ्तार कर लिया गया था जो इस समय ज़मानत पर बाहर हैं।

कॉन्वेन्ट खाली करें

सिस्टर लूसी कालापुराक्कल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दो वरिष्ठ धर्मबहनों ने उन्हें एक पत्र थमाया और उसपर हस्ताक्षर करने को कहे जिसपर पढ़ने से पहले हस्ताक्षर से उन्होंने इनकार कर दिया था। सि. लूसी ने कहा कि पत्र में लिखा था कि उन्हें धर्मसंघ से निकाला जा रहा था और यह कि उन्हें 10 दिन के भीतर कॉन्वेन्ट से अपना कमरा खाली करना था।

लूसी ने कहा, "मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैंने जो किया, वह असहाय धर्मबहनों को समर्थन देने के लिए किया था, जो हड़ताल कर रही थीं। अगर मैं एक कार की मालिक हूँ या एक किताब लिखती हूँ तो इसमें समस्या क्या है?"

उन्होंने कहा, "मैं अब अपने शुभचिंतकों की मदद से कानूनी सहारा लूँगी। मुझे नहीं लगता कि मैं हमारे धर्मसंघ की 7,000 से अधिक धर्मबहनों की तुलना में किसी भी तरह से खराब हूँ। मैं खुद को एक बहुत अच्छी धर्मबहन मानती हूँ।"

09 August 2019, 12:14