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समुद्री कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु अपील

समुद्र रविवार’ के वार्षिक उत्सव को चिह्नित करते हुए एक संदेश में, परमधर्मपीठ ने समुद्र में काम करने वाले सभी लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की अपील की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 15 जुलाई 2019 (वाटिकन न्यूज) : समग्र मानव विकास को बढ़ावा देने हेतु बने परमधर्मपीठीय विभाग के प्रीफेक्ट कार्डिनल पीटर टर्कसन ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और उनके सरकारी अधिकारियों को समुद्री दुनिया में काम करने वाले सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा के लिए किये गये प्रयासों को नवीनीकृत करने की मांग करते हुए एक संदेश जारी किया।

जीवन में समुद्री कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका

कार्डिनल पीटर टर्कसन ने दैनिक जीवन में समुद्री कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  इनके कामों के फलस्वरुप हम अपने घरों में मौजूद अधिकांश संपत्ति प्राप्त करते हैं, “अपनी कारों के लिए ईंधन, कपड़े और कई अन्य वस्तुएँ दुनिया के सुदूर देशों से समुद्री जहाजों द्वारा हमारे लिए लाया जाता है।” कार्डिनल टर्कसन ने कहा कि यह उचित है कि हम एक पल के लिए विचार करें कि हमारे आराम और कल्याण के लिए समुद्री कर्मचारियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

इस कारण से दुनिया भर के विभिन्न ख्रीस्तीय समुदायों में जुलाई के दूसरे रविवार को पारंपरिक रूप से समुद्री रविवार के रूप में मनाया जाता है। एक दिन जिसमें "विश्वासियों से अनुरोध किया जाता है कि वे उन 1.5 मिलियन समुद्री कर्मचारियों की याद करें और प्रार्थना करें जो समुद्रों को पार करते हुए, लगभग 90% माल एक देश से दूसरे देश पहुँचाते हैं।"

चुनौतियों का जीवन जीते हैं नाविक

कार्डिनल टर्कसन ने इस बात पर टिप्पणी की कि कैसे समुद्री नाविक और कर्मचारी महीनों समुद्र में सीमित स्थानों में रहते हैं, अपने परिवार और प्रियजनों से दूर रहते हैं और विलंबित वेतन, कड़ी मेहनत की स्थिति, चोरी के खतरे और यहां तक ​​कि आतंकवादी हमलों जैसे मुद्दों से निपटते हैं।

उन्होंने कहा कि समुद्री दुर्घटनाओं के मामलों में, नाविकों को अक्सर अपराधी बना दिया जाता है और उन्हें प्रभावी वैधता और उचित उपचार के लाभ के बिना हिरासत में ले लिया जाता है। जहाजों पर चालक दल की संख्या कम होने के कारण सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से बातचीत करने के अवसर भी कम हो गए हैं। "जबकि" अलगाव, अवसाद और सहायक वातावरण की कमी, नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। कभी-कभी दुखद और दिल तोड़ने वाले परिणाम उनके परिवारों, चालक दल और जहाज-मालिकों को देखना पड़ता है।

अधिकारों की सुरक्षा की अपील

कार्डिनल टर्कसन समुचित सरकारी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से समुद्री दुनिया में काम करने वाले सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा और उनके संरक्षण के प्रयासों को नवीनीकृत करने का "मांग" को दोहराते हैं।

उन्होंने ‘स्टेला मारिस’ के स्वयंसेवकों और प्रेरिताई में संलग्न पुरोहितों को भी प्रोत्साहित करते हुए उनसे आग्रह किया कि "प्रत्येक समुद्री नाविक और मछुआरे को एक ही प्रतिबद्ध भावना के साथ संपर्क करें जो हमारे प्रेरितिक कार्यों के अग्रदूतों को अनुप्राणित करता था। लगभग सौ साल पहले, 4 अक्टूबर 1920 को, उन्होंने समुद्र के लोगों के लिए काथलिक कलीसिया के व्यापक प्रेरिताई को पुनर्जीवित करने और पुनर्गठन का फैसला किया।”

15 July 2019, 11:46