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वाटिकन के अंदर ट्यूटोनिक कब्रिस्तान वाटिकन के अंदर ट्यूटोनिक कब्रिस्तान   (AFP or licensors)

वाटिकन सिटी में दो कब्रों की खुदाई के क्या कारण थे

गुरुवार को वाटिकन के दो कब्रों को खोलने के बाद निष्कर्षों की जांच करने और डीएनए परीक्षण के लिए नमूने लेने हेतु वाटिकन न्यायपालिका द्वारा गठित फोरेंसिक मानवविज्ञानी जोवन्नी अर्कूदी के साथ एक विशेष साक्षात्कार।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 11 जुलाई 19 (रेई)˸ एमानुएला ओरलांदी 15 साल की थी जब वह गायब हो गयी थी। वह संगीत क्लास के बाद घर जाने के रास्ते पर थी तथा अंतिम बार उसे बस की प्रतीक्षा करते हुए रोम के केंद्र में देखा गया था। घटना सन् 1983 के 22 जून की है। एमानुएला के पिताजी वाटिकन कर्मचारी थे। एमानुएला के लापता होने और वाटिकन के साथ इस घटना के काल्पनिक संबंधों के बारे में अटकलें 36 वर्षों से जारी हैं।

दो कब्रों की खुदाई

बृहस्पतिवार को वाटिकन के अंदर ट्यूटोनिक कब्रिस्तान के दो कब्रों की खुदाई की गई। वाटिकन सिटी के न्याय प्रवर्तक के इस आदेश का उद्देश्य था, यह स्पष्ट करना कि इन कब्रों में एमानुएला ओरलांदी के अवशेष हैं अथवा नहीं।

"टूम्ब ऑफ दी एंजेल" (परी की कब्र) से पहचाने जाने वाली कब्र राजकुमारी सोफिया वॉन होहनलोहे की है जिनकी मृत्यु 1836 में हुई थी। दूसरी कब्र मेकलेनबर्ग की राजकुमारी कारलोत्ता फेदेरिका की है जिनकी मृत्यु 1840 में हुई थी।  

फोरेंसिक मानवविज्ञानी विशेषज्ञ

जोवन्नी अर्कूदी, फोरेंसिक मानवविज्ञान के प्रमुख विशेषज्ञ एवं रोम के तोर वेरगाता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैं। इस मामले में उनका प्रमुख कार्य है, कब्र से जो भी अवशेष प्राप्त होगा, उसपर छान-बीन करना और डीएनए जांच के लिए नमूने लेना। 

प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्रोफेसर अर्कूदी ने कहा कि वे इसमें "अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल लागू करेंगे जो कंकाल की पहचान के लिए उनके वर्गीकरण और तिथि जानने के लिए उपयोग किए जाते हैं और उन सभी निदानों का प्रयोग करेंगे जिसके द्वारा उम्र, लिंग, कद आदि जानने के लिए फोरेंसिक मानवविज्ञान में प्रयोग किये जा सकते हैं"।

इसमें दो कंकालों की अलग-अलग जाँच करना शामिल है। जाँच की क्रिया, खुदाई के साथ शुरू करते हुए, सफाई, हड्डी संरचनाओं को शारीरिक रचना में रखना और प्रत्येक के लिए फोरेंसिक मानवविज्ञानी सहायता का प्रयोग करना है।"

समय सीमा

प्रोफेसर अर्कूती यह निश्चित नहीं बता सकते हैं कि इस प्रक्रिया में कितना समय लगेगा। उन्होंने कहा, "यह प्राप्त अवशेष की स्थिति, गुणवत्ता और मात्रा पर निर्भर करता है।" उन्होंने कहा कि यह दफनाये जाने की अवधि पर और सबसे अधिक पर्यावरणीय स्थिति पर निर्भर करता है।   

11 July 2019, 16:12