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वाटिकन का सिस्टीन चैपल गायक दल वाटिकन का सिस्टीन चैपल गायक दल   (AFP or licensors)

सिस्टीन चैपल गायक मंडली के निर्देशक का सेवाकाल समाप्त

सिस्टीन चैपल गायक दल के निर्देशक सलेशियन मोनसिन्योर मास्सिमो पालोमबेल्ला ने 8 साल सेवा देने के बाद, सेवाकाल समाप्त होने पर, पद से इस्तीफा दे दिया। उनके स्थान पर कुछ समय के लिए मोनसिन्योर मार्कोस पवन को नियुक्त किया गया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 11 जुलाई 19 (रेई)˸ वाटिकन से मिली जानकारी अनुसार संत पापा फ्राँसिस ने सिस्टीन चैपल गायक दल के निर्देशक के त्याग पत्र को स्वीकार कर लिया है।

बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी कर, वाटिकन प्रेस कार्यालय ने कहा कि संत पापा फ्राँसिस ने सलेशियन मोनसिन्योर मास्सिमो पालोमबेल्ला की सेवा से इस्तीफा के आग्रह को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने डॉन बॉस्को धर्मसमाज तथा परमधर्मपीठ के पूजनविधि समारोहों का समन्वय करने वाले परमधर्मपीठ के अधिकारियों से परामर्श लेने के बाद उनके आग्रह को स्वीकार करने का निर्णय लिया है।

प्रेस कार्यालय ने कहा है कि 51 वर्षीय पुरोहित अब सलेशियन धर्मसमाज द्वारा सौंपे गये दूसरे कार्यों के लिए समर्पित होंगे।  

संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें ने 16 अक्टूबर 2010 में उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था और 2015 में संत पापा फ्राँसिस ने इस अनुबंध को पुनः पुष्ट किया था।

सिस्टीन चैपल का गायक दल

सिस्टीन चैपल के गायक दल का इतिहास मध्ययुग पुराना है। यह विश्व का सबसे पुराना गायक दल है जो अभी भी सक्रिय है। कहा जाता है कि इसकी शुरूआत चौथी शताब्दी में संत पापा सिलवेस्तर प्रथम के समय में हुई थी। इसे लैटिन में "स्कोला कंतोरूम" कहा जाता है जिसका अर्थ है "गायक मंडली"।  

इतिहास में इस गायक मंडली का विकास सबसे अधिक पुनर्जागरण काल में हुआ। इसने 15वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में संत पापा सिक्सतुस चौथे के द्वारा सिस्टीन चैपल के निर्माण के साथ एक ठोस रूप लिया। पहले जो "स्कोला कंतोरूम" के नाम से जाना जाता था, वह अब "कपेला सिस्टीना" या "सिस्टीन गायक मंडली" के नाम से जाना जाता है। इसमें गायकों की संख्या निर्धारित होती है।  

संत पापा पीयुस सातवें ने गायक मंडली के लिए स्थायी निर्देशक नियुक्त करने की परम्परा जारी की थी। इसके अनुसार जुसेप्पे बाईनी सिस्टीन गायक मंडली के प्रथम निर्देशक थे। 1898 में संत पापा लेओ 13वें ने मोनसिन्योर लोरेंत्सो पेरोसी को सिस्टीन गायक मंडली का निर्देशक नियुक्त किया था। संत पापा पीयुस दसवें के समय भक्ति संगीत को अधिक प्रोत्साहन मिला। मोनसिन्योर लोरेंत्सो पेरोसी के बाद मोनसिन्योर पालोमबेल्ला सिस्टीन गायक मंडली के चौथे निर्देशक हुए।  

पूजन विधि समारोह कार्यालय

आज, सिस्टीन चैपल गायक मंडली संत पेत्रुस महागिरजाघर एवं सिस्टीन चैपल में, संत पापा के पूजन समारोहों में एक सक्रिय भूमिका अदा करती है।

संत पापा फ्राँसिस ने गायक मंडली को जनवरी माह में, संत पापा के धर्मविधि पूजन विधि समारोहों के कार्यालय के अधीन कर दिया है, जिसके अध्यक्ष हैं मोनसिन्योर ग्वीदो मरिनी।

बुधवार को एक अन्य वक्तव्य में वाटिकन प्रेस कार्यालय के अद-अंतरिम निदेशक अलेस्सांद्रो जिसोत्ती ने कहा कि सिस्टीन चैपल गायक मंडली के संचालन के लिए मोनसिन्योर ग्वीदो मरिनी द्वारा मोनसिन्योर मार्कोस पवन को अस्थायी कार्यभार सौंपा गया है।

11 July 2019, 15:57