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वाटिकन के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष बेर्नारदितो औजा वाटिकन के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष बेर्नारदितो औजा  

यूएन राहत और निर्माण एजेंसी को महाधर्माध्यक्ष औजा का संबोधन

संयुक्त राष्ट्र के लिए वाटिकन के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष बेर्नारदितो औजा ने बुधवार 25 जून को न्यूयॉक में मध्य पूर्व में फिलीस्तीन के शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और निर्माण एजेंसी को संबोधित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

न्यूयॉक, बुधवार 26 जून 2019 (वाटिकन न्यूज) : महाधर्माध्यक्ष औजा ने फिलीस्तीन के शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और निर्माण एजेंसी को शरणार्थियों के मानावीय आवश्यकताओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, सामाजिक सेवाएं और आवास की जरुरतों को पूरा करने हेतु एजेंसी का धन्यवाद दिया।

परमधर्मपीठ का मानना है कि ऐसी स्थिति में जो जल्दी से हल होने का कोई संकेत नहीं दिखाता है,  संयुक्त राष्ट्र राहत और निर्माण एजेंसी इस क्षेत्र में स्थिति को बिगड़ने से रोकने का सबसे अच्छा साधन है जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक संतोष की बात होगी। इसके अलावा, विशेष रूप से इस क्षेत्र के युवा लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगी।

शरणार्थी बच्चों के लिए योगदान

परमधर्मपीठ, काथलिक कलीसिया के विभिन्न संस्थाओं के प्रत्यक्ष योगदान के अलावा फिलिस्तीन शरणार्थियों के पक्ष में, विशेष रूप से  फिलिस्तीन के शरणार्थी शिविरों में बच्चों के लाभ के लिए, एजेंसी की परियोजनाओं के लिए 40,000.00  डालर का मामूली योगदान देना चाहती है।

दानदाताओं की उदारता

संयुक्त राष्ट्र राहत और निर्माण एजेंसी की तरह, काथलिक कलीसिया के विभिन्न संस्था और संगठन फिलिस्तीन शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक सेवाएं प्रदान करते हैं। दुनिया भर में काथलिक कलीसिया से जुड़े उदार दानकर्ता इन गतिविधियों को संभव बनाते हैं। सहायता कार्यक्रम फिलिस्तीन शरणार्थियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि फिलिस्तीन में फिलिस्तीनियों के लिए भी हैं।

संयुक्त राष्ट्र के लिए परमधर्मपीठ का स्थायी पर्यवेक्षक मिशन बेतलेहम के पवित्र परिवार अस्पताल में हजारों विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति और मुफ्त चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए धन जमा करने हेतु बढ़ावा देने में मदद करता है। परमधर्मपीठ की उम्मीद है कि जल्द ही भविष्य में एक उचित और टिकाऊ समाधान तक पहुँचा जा सकता है।, इच्छुक पार्टियों के बीच बातचीत के माध्यम से, इजरायल और फिलिस्तीन दो स्वतंत्र राज्य बन सके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्यों की सीमाओं को मान्यता मिल सके जिससे कि देश के भीतर शांति और सुरक्षा कायम हो सके।

26 June 2019, 16:13