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रोबोटिक्स और आर्टिफिशल इन्टेलिजेन्स पर वाटिकन में सम्मेलन 17.06.2019 रोबोटिक्स और आर्टिफिशल इन्टेलिजेन्स पर वाटिकन में सम्मेलन 17.06.2019  

रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वाटिकन सम्मेलन

वाटिकन में सामाजिक विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय अकादमी तथा विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय अकादमी के तत्वाधान में गुरुवार एवं शुक्रवार को दो दिवसीय सम्मेलन सम्पन्न हुआ जिसका उद्देश्य मानवता पर रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव पर ध्यान केन्द्रित करना था।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 17 मई 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो): वाटिकन में सामाजिक विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय अकादमी तथा विज्ञान सम्बन्धी परमधर्मपीठीय अकादमी के तत्वाधान में गुरुवार एवं शुक्रवार को दो दिवसीय सम्मेलन सम्पन्न हुआ जिसका उद्देश्य मानवता पर रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव पर ध्यान केन्द्रित करना था।  

वाटिकन में सम्पन्न दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय थाः "रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवता: विज्ञान, नैतिकता और नीति"। सम्मेलन से पहले स्पष्ट किया गया कि हाल में मशीन लर्निंग अथवा आरटीफिशल इन्टेलीजेन्स (एआई) यानि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के लाभों एवं कमियों पर बुद्धिजीविय़ों एवं सामान्य लोगों में व्यापक रुचि एवं वाद-विवाद उत्पन्न हुआ है।

उभरती तकनीकी और मानव जीवन

आयोजकों ने कहा कि ये उभरती तकनीकियाँ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर रोज़गार, परिवहन, उत्पादन, निर्माण, कृषि और सशस्त्र संघर्ष, सभी क्षेत्रों को गहनतम ढंग से प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा, "हालांकि इन क्षेत्रों में रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों पर काफी ध्यान दिया गया है, अब समय आ गया है कि हम उनके प्रभावों की पूरी तस्वीर हासिल करें ताकि यह समझ सकें कि हमारी साझा मानवता इसके क्या संभावित परिणाम हो सकते हैं।" उन्होंने कहा कि इन परिणामों में समाज कल्याण, शांति और सतत् विकास में आनेवाले ख़तरों और साथ ही उनके नैतिक और धार्मिक आयामों पर भी विचार किया जाना चाहिये।  

सन्त पापा फ्राँसिस

सन्त पापा फ्राँसिस ने भी इस प्रश्न पर अपनी रुचि दर्शाई है। जनवरी 2018 में दावोस में विश्व आर्थिक मंच को प्रेषित एक सन्देश में, उन्होंने आग्रह किया था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई, रोबोटिक्स और अन्य तकनीकी नवाचारों का उपयोग "मानवता की सेवा और हमारे सामान्य घर की सुरक्षा" में योगदान करने में मदद के लिए किया जाना चाहिए।

इटली में जन्में जर्मन काथलिक पुरोहित रोमानो ग्वारदीनी ने भी इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराया है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, लेकिन उन्होंने खेद व्यक्त किया कि "अपार तकनीकी विकास के साथ-साथ मानवीय जिम्मेदारी,  मूल्यों, विवेक एवं अन्तःचेतना की दिशा में विकास नहीं हुआ है।"

17 May 2019, 12:10